Sunday, May 17, 2026
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SPORTS : सीएसके को लखनऊ ने 7 विकेट से हराया, मिचेल मार्श ने खेली तूफानी 90 रन की पारी

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आईपीएल 2026 के 59वें मैच में लखनऊ का सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ हुआ। लखनऊ ने मार्श की 90 रन पारी के दम पर मैच को 7 विकेट से जीत लिया। निकोलस पूरन ने आखिरी पलों में 4 गेंदों पर 4 शानदार छक्के लगाते हुए मैच को जीत लिया।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में शुक्रवार 15 मई की रात लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स मैच खत्म होने के बाद एक दूसरे का अभिवादन करते दोनों टीमों के खिलाड़ी। (ANI फोटो)

चेन्नई सुपर किंग्स को लखनऊ सुपर जायंट्स ने मिचेल मार्श की तूफानी 90 रन की पारी और आकाश सिंह की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर 7 विकेट से हरा दिया। ये लखनऊ की इस सीजन में 12 मैचों में चौथी जीत रही जबकि सीएसके को लगातार 3 जीत के बाद हार का सामना करना पड़ा। यही नहीं इस हार के बाद सीएसके के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना को भी जोरदार झटका लगा है। इस मैच में मिचेल मार्श को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

आईपीएल 2026 के 59वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स का सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ में हुआ। लखनऊ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सीएसके ने पहली पारी में कार्तिक शर्मा की अर्धशतकीय पारी के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट पर 187 रन बाए और लखनऊ को जीत के लिए 188 रन का टारगेट दिया। लखनऊ ने दूसरी पारी में 16.4 ओवर में 3 विकेट पर 188 रन बनाकर मैच जीत लिया। लखनऊ को जीत के लिए 24 गेंदों पर 24 रन की जरूरत थी और फिर पूरन ने 17वें ओवर की पहली 4 गेंदों पर लगातार 4 छक्के लगाते हुए टीम को जीत दिला दी।

लखनऊ के ओपनर मिचेल मार्श ने 21 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और 90 रन बनाकर आउट हुए। जोश इंग्लिश ने सीएसके के खिलाफ 36 रन की पारी खेली जबकि अब्दुल समद 7 रन के स्कोर पर आउट हुए। निकोलस पूरन 32 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि मुकुल चौधरी ने 13 रन की नाबाद पारी खेली। इस मैच में सीएसके की गेंदबाजी काफी खराब रही और अंशुल कंबोज काफी महंगे साबित हुए जिन्होंने 2.4 ओवर में 63 रन लुटाए। हालांकि मुकेश चौधरी और स्पेंसर जॉनसन को एक-एक सफलता मिली।

सीएसके के ओपनर संजू सैमसन ने 20 रन बनाए जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने13 रन की पारी खेली। पिछले मैच में 13 गेंदों पर अर्धशतक लगाने वाले उर्विल पटेल ने सिर्फ 6 रन बनाए। कार्तिक शर्मा ने 35 गेंदों पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और 71 रन की शानदार पारी खेली। डेवाल्ड ब्रेविस 25 रन बनाकर आउट हुए। शिवम दुबे ने बेहतरीन बैटिंग की और 32 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि प्रशांतवीर 13 रन पर नाबाद रहे। लखनऊ के लिए आकाश सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए जबकि शमी और शाहबाज अहमद को एक-एक सफलता मिली।

इस मैच के लिए सीएसके ने दो बदलाव किए जबकि लखनऊ ने अंतिम ग्यारह में तीन बदलाव किए। सीएसके के लिए स्पेंसर जॉनसन ने डेब्यू किया जबकि अकील होसेन की जगह गुरजपनीत सिंह को मौका दिया गया।

संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अंशुल कम्बोज, नूर अहमद, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी। इम्पैक्ट प्लेयर– गुरजपनीत सिंह, अकील होसेन, सरफराज खान, मैथ्यू शॉर्ट, मैट हेनरी।

लखनऊ सुपर जायंट्स की प्लेइंग 11
मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), मुकुल चौधरी, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, मयंक यादव, आकाश महाराज सिंह, प्रिंस यादव। इम्पैक्ट प्लेयर– जोश इंग्लिस, मणिमारन सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह राठी, हिम्मत सिंह, आयुष बदोनी।

WORLD : इजरायल-लेबनान के बीच 45 दिन बढ़ा युद्धविराम; गाजा में हमास का सैन्य प्रमुख मारा गया

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रॉयटर, वाशिंगटन। इजरायल और लेबनान युद्धविराम को 45 दिनों के लिए और बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। यह जानकारी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने दी है।

हालांकि अमेरिका की मध्यस्थता में पूर्व में हुए युद्धविराम के दौरान भी लेबनान में इजरायली हमले होते रहे और हिजबुल्ला के प्रभाव वाले दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों की इस्लामी लड़ाकों से लड़ाई चलती रही।गाजा के मोर्चे पर इजरायल ने शुक्रवार को हवाई हमले में हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को मार डाला।मई 2025 में मुहम्मद सिनवार के मारे जाने के बाद से हद्दाद हमास की सैन्य शाखा की कमान संभाले हुए था।

हद्दाद हमास के वरिष्ठतम लोगों में था और वह सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हुए हमले में सक्रिय भूमिका में था। पता चला है कि इजरायली हमले में तीन लोग मारे गए और 20 घायल हुए हैं।हद्दाद को निशाना बनाने के लिए इजरायल ने गाजा सिटी के एक अपार्टमेंट और एक कार को निशाना बनाया। इन्हीं में से एक में हद्दाद था।कार्रवाई के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हद्दाद इजरायली नागरिकों की हत्या में शामिल था, इसलिए उसका भी खात्मा कर दिया गया है।

NATIONAL : छह दिन पहले केरलम पहुंचेगा मानसून, महाराष्ट्र में पारा 45°C पार; आज दिल्ली-यूपी में हीटवेव करेगी परेशान

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इस साल केरलम में मानसून छह दिन पहले आ जाएगा और इसके साथ ही देश में वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाएगी। मौसम विभाग ने शुक्रवार को अपने पूर्वानुमान में कहा कि इस साल केरलम में दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन 26 मई को होने की संभावना है।

आमतौर पर मानसून केरलम में एक जून को दस्तक देता है और उत्तर की ओर बढ़ते हुए देश के अन्य हिस्सों को प्रभावित करता है। जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने लगती है।

पिछले वर्ष केरलम में मानसून का आगमन 24 मई को हुआ था। मौसम विभाग ने कहा कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून केरलम में 26 मई को आने की संभावना है, जिसमें चार दिन की त्रुटि हो सकती है (यह चार दिन पहले या बाद में आ सकता है)।

महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40°C से ऊपर दर्ज किया गया है।महाराष्ट्र का अकोला 45.9°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी तापमान 45°C से अधिक दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक राजधानी में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, जिससे दिनभर तेज धूप लोगों को परेशान करेगी। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं दिल्ली यूपी में हाल हीटवेव परेशान करेगी।

अगले 24 घंटों के दौरान मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

जून से सितंबर तक चार महीने के मानसूनी सीजन में वार्षिक औसत की 70 प्रतिशत बारिश होती है। यह कृषि और फसलों, समग्र अर्थव्यवस्था और जलाशयों एवं जलभंडारों को रिचार्ज करने के लिए महत्वपूर्ण है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस वर्ष मानसूनी सीजन में भारत में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। देश में मानसून के महीनों में 80 सेमी वर्षा होने की संभावना है, जबकि मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (1971-2020) 87 सेमी है।

एक मई को जारी पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा था कि इस साल देश में कम वर्षा का कारण अल नीनो का उभरना हो सकता है। -अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है। यह पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतही जल के असामान्य रूप से गर्म स्थिति को दर्शाता है।-यह मानसूनी हवाओं के कमजोर होने और भारत में कम वर्षा से जुड़ा हुआ है। अल नीनो की वजह से तापमान अधिक हो जाता है।

उत्तर प्रदेश में बुधवार को आई तेज आंधी-बारिश से मची तबाही ने गहरे निशान छोड़े हैं। मौतों की संख्या 75 से बढ़कर 113 पहुंच गई है। राहत आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में आंधी-बारिश व बिजली गिरने की घटनाओं में 26 जिलों में 111 लोगों की मौत हुई है। 72 लोग घायल हुए हैं। 170 पशुओं की भी मौत हुई।

227 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गुरुवार सुबह आंधी की वजह से टूटे बिजली के तारों की चपेट में आकर रामपुर और मुरादाबाद में एक-एक मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी अपने यहां हुए नुकसान की हर तीन घंटे में रिपोर्ट दें।

NATIONAL : श्रीश्री रवि शंकर का 70वां जन्मोत्सव: CM फडणवीस ने बताया आध्यात्मिक दूत, जुटीं देश-दुनिया की कई बड़ी हस्तियां

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गलूरू के आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में गुरुदेव श्रीश्री रवि शंकर का 70वां जन्मोत्सव और संस्था का 45वां स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक दूत बताया और जल संरक्षण व प्राकृतिक खेती में संस्था के योगदान की जमकर सराहना की।

कर्नाटक के बंगलूरू स्थित द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में एक बहुत ही भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह खास मौका आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर के 70वें जन्मोत्सव और उनके द्वारा स्थापित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था के 45वें स्थापना वर्ष का था। इस बड़े और महत्वपूर्ण समारोह में देश और दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियां एक साथ नजर आईं। यह एक ऐसा मंच था जहां राजनीति, आध्यात्म, उद्योग, कला, खेल और
इस कार्यक्रम में सबसे खास उपस्थिति महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष की रही। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मौके पर एक प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने श्रीश्री रवि शंकर जी को दुनिया में भारत का सबसे बड़ा आध्यात्मिक दूत बताया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने भारत की असली ताकत, जो कि उसकी आध्यात्मिक परंपरा और सनातन ज्ञान है, उसे पूरे विश्व में फैलाने का ऐतिहासिक काम किया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यों को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के जरिए दुनिया भर के लोगों को जीवन जीने की सही दिशा और मकसद मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में इस संस्था ने किसानों और आम लोगों के जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के उन हजारों स्वयंसेवकों की भी जमकर तारीफ की, जो पूरे अनुशासन के साथ हर आपदा और संकट के समय बिना किसी स्वार्थ के मानवता की सेवा करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

हरियाणा के राज्यपाल ने श्रीश्री रवि शंकर के योगदान को कैसे याद किया?
इस पावन अवसर पर मौजूद हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने भी रविशंकर के महान कार्यों की सराहना की। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि आज से ठीक 45 वर्ष पहले कर्नाटक की धरती से जिस जागरूकता और करुणा के दीप को प्रज्वलित किया गया था, वह आज पूरी दुनिया में रोशनी फैला रहा है। आज यह संस्था 182 देशों तक पहुंच चुकी है।

वैश्विक शांति और पर्यावरण संरक्षण में संस्था की भूमिका कैसी है?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी बताया कि श्रीश्री रवि शंकर के मार्गदर्शन में वैश्विक शांति, मानव कल्याण और पर्यावरण को बचाने के लिए जो काम हो रहे हैं, वे सच में तारीफ के काबिल हैं। उन्होंने गुरुदेव के चरणों में नमन करते हुए प्रार्थना की कि आर्ट ऑफ लिविंग के ये सेवा कार्य इसी गति से आगे बढ़ते रहें। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि इस आध्यात्मिक और पवित्र माहौल के बीच उन्हें बहुत गहरी शांति, ऊर्जा और खुशी का अनुभव हुआ।

West Bengal: आसनसोल में लाउडस्पीकर को लेकर बवाल, चौकी पर उपद्रवियों ने किया पथराव और तोड़फोड़, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

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उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को बुलाना पड़ा, तब हालात काबू में आए। इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में लाउडस्पीकर को लेकर भारी बवाल हो गया। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर पर आवाज को कम करने को लेकर हुए विवाद में एक समुदाय विशेष के लोगों ने पुलिस चौकी के सामने काफी हंगामा किया। उपद्रवियों ने पुलिस चौकी और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और पुलिस चौकी में जमकर तोड़फोड़ किया। इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।

आसनसोल में लाउडस्पीकर की आवाज को कम करने का निर्देश देने पर बवाल मच गया। जानकारी के अनुसार मस्जिद कमेटी के सदस्य पुलिस से बात कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ ने वहां पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने चौकी के बाहर खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा आसपास की गलियों में खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।

उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को बुलाना पड़ा, तब हालात काबू में आए। इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उपद्रवियों ने पुलिस स्टेशन के अंदर भी काफी तोड़फोड़ मचाई।

आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के DCP ध्रुव दास ने कहा, “कल रात करीब 9 बजे, किसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक बड़ी भीड़ जमा हुई थी। पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे। भीड़ के बीच दो गुट बन गए और उनके बीच आपस में बहस शुरू हो गई। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन भीड़ ने पुलिस चौकी पर पत्थर फेंके, जिससे थोड़ा-बहुत नुकसान हुआ। इसलिए, हम इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज देख रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी स्थिति नियंत्रण में है। हमने कुछ जगहों पर पुलिस पिकेटिंग लगाई है। अभी स्थिति सामान्य है। हम जांच कर रहे हैं कि पूरा मामला किस बारे में था।”

घटना को लेकर आसनसोल उत्तर के BJP विधायक कृष्णेंदू मुखर्जी ने कहा कि इस तरह की घटना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर को शांत करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने उपद्रवियों को चिन्हित किया है और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के पीछे जो भी लोग हैं, इस घटना के पीछे जो भी लोग हैं, जिन्होंने इस साजिश को अंजाम दिया है उन्हें भी तलाशा जा रहा है। एसी के घरों में बैठकर जिन लोगों ने यह सब करवाया है वह भी नहीं बचेंगे नहीं।

इससे पहले कोलकाता के राजाबाजार इलाके में जबरदस्त हंगामा हुआ था। शुक्रवार (15 मई) की नमाज के दौरान लोग सड़क पर बैठने की कोशिश कर रहे थे। वहां पुलिस प्रशासन ने नमाजियों को सड़क पर नमाज पढ़ने से रोका। इसके बाद नमाजियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और बहस हुई। हालांकि, पुलिस ने हालातों पर काबू पाया और स्थिति को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया।

NATIONAL : बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह, कुछ मीडिया में गए कुछ RTI एक्टिविस्ट बने: CJI

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सुप्रीम कोर्ट में एक वकील की सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं. अदालत ने वकील के पेशेवर आचरण और फेसबुक पोस्ट की भाषा पर भी सवाल उठाए.

भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI सूर्यकांत ने शुक्रवार को कोर्ट में एक ऐसी बात कही जो चर्चा में आ गई है. एक वकील के मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से की और कहा कि ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमले करते हैं. उन्होंने ऐसे लोगों को ‘समाज के परजीवी’ भी कहा. यह टिप्पणी तब आई जब एक वकील सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने के लिए कोर्ट में याचिका लेकर आया था.

भारत में वकालत में एक खास रैंक होती है जिसे ‘सीनियर एडवोकेट’ कहते हैं. यह दर्जा कोर्ट खुद किसी वकील को देती है जब वो यह समझे कि उस वकील का अनुभव, काम और पेशेवर आचरण इसके लायक है. यह दर्जा मांगा नहीं जाता बल्कि दिया जाता है. कोई वकील खुद इसके लिए याचिका नहीं लगाता.CJI सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच के सामने एक वकील ने याचिका दाखिल की थी. वो चाहते थे कि दिल्ली हाई कोर्ट उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा दे. लेकिन उन वकील के पेशेवर आचरण और सोशल मीडिया पर उनके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा को देखकर बेंच बहुत नाराज हो गई.

CJI ने साफ कहा कि अगर दिल्ली हाई कोर्ट उन्हें यह दर्जा दे भी दे तो सुप्रीम कोर्ट उसे रद्द कर देगा. उन्होंने वकील से पूछा कि क्या यह दर्जा कोई मेडल है जो सजावट के लिए रखा जाए. और यह भी पूछा कि क्या ऐसे व्यक्ति को सीनियर एडवोकेट बनना चाहिए.

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि समाज में पहले से ऐसे ‘परजीवी’ हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं. फिर उन्होंने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा जिन्हें कोई नौकरी नहीं मिलती और पेशे में कोई जगह नहीं होती, वो मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और सबको निशाना बनाने लगते हैं. इन्हें उन्होंने ‘कॉकरोच जैसे युवा’ कहा. CJI ने वकील से पूछा कि क्या वो भी उन लोगों के साथ हाथ मिलाना चाहता है.

CJI ने एक और बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि वो CBI से कहना चाहते हैं कि बहुत से वकीलों की डिग्रियों की जांच की जाए क्योंकि उनकी असलियत पर गंभीर सवाल हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया इस मामले में कभी कुछ नहीं करेगी क्योंकि उन्हें वकीलों के वोट चाहिए.वकील ने बेंच से माफी मांगी और अपनी याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी. बेंच ने याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी.

MAHARASHTRA : महाराष्ट्र राजस्व विभाग का बड़ा फैसला: मामले की सुनवाई अब केवल मराठी में होगी, सरकार ने जारी की SOP

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महाराष्ट्र सरकार ने राजस्व अदालतों में मराठी भाषा को अनिवार्य कर और ई-अर्ध न्यायिक न्यायालय प्रणाली लागू कर न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। अब तारीखों का खेल खत्म होगा और किसानों को अपनी भाषा में त्वरित न्याय मिल सकेगा। क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र सरकार ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। अब राजस्व विभाग की सभी अर्ध-न्यायिक कार्यवाहियों में मराठी भाषा का उपयोग अनिवार्य होगा। इसके तहत न केवल सुनवाई मराठी में की जाएगी, बल्कि अधिकारियों की ओर से पारित किए जाने वाले सभी आदेश भी इसी भाषा में लिखे जाएंगे।

राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले ने इस नई व्यवस्था के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पेश की। सरकार ने इस संबंध में 29 पन्नों का एक सरकारी प्रस्ताव जारी किया है। इसमें राजस्व अधिकारियों के समक्ष लंबित अर्ध-न्यायिक मामलों के निपटारे के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राजस्व प्रशासन को अधिक गतिशील और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

नई नियमावली के अनुसार, सभी राजस्व अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन सुनवाई करना अनिवार्य होगा। इसके लिए प्राथमिकता के तौर पर मंगलवार और शुक्रवार के दिन तय किए गए हैं। प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सभी अंतरिम और अंतिम आदेशों को सिस्टम पर अपलोड करना होगा। ये सभी आदेश डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होने चाहिए।

प्रशासनिक देरी को रोकने के लिए सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं। अब किसी भी मामले में स्थगन केवल एक बार और वैध कारण होने पर ही मिलेगा। बिना दोनों पक्षों की दलीलें सुने और ठोस तर्क दर्ज किए कोई भी आदेश पारित नहीं किया जा सकेगा। विवादों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के लिए स्पीकिंग ऑर्डर अधिकतम आठ सप्ताह के भीतर जारी करने होंगे।

राजस्व विभाग ने मामूली खनिज, खेत तक पहुंचने वाले रास्ते याचिका मामले और लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के लिए अलग से गाइडलाइन तैयार की है। यह पूरी प्रक्रिया महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता के तहत संचालित होगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन नियमों से राजस्व अदालतों में लंबित मामलों की संख्या में भारी कमी आएगी।

BUSINESS : प्याज किसानों को बड़ी राहत: केंद्र सरकार 1235 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी सीधी खरीद

गिरते दामों से परेशान प्याज किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 1,235 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदने की घोषणा की है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि निर्यात प्रभावित होने से घरेलू दाम गिरे हैं। हालांकि, किसान इस भाव से नाखुश हैं। लासलगांव स्थित किसान संघ ने 3,000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पुराने नुकसान के मुआवजे की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

लगातार गिरते दामों और निर्यात में आ रही रुकावटों की मार झेल रहे प्याज किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने किसानों का नुकसान कम करने के लिए सीधे तौर पर उनसे प्याज खरीदने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने तय किया है कि वह 1235 रुपये प्रति क्विंटल (यानी 12.35 रुपये प्रति किलो) के भाव से किसानों का प्याज खरीदेगी। यह अहम घोषणा महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान की गई है, जिससे किसानों को तुरंत आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद जगी है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में इस खरीद योजना का आधिकारिक एलान किया। कृषि मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे भारी संकट और ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्याज का निर्यात बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है। बाहर माल न जा पाने के कारण देश के भीतर (घरेलू बाजार) प्याज के दाम तेजी से गिर गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी नुकसान की भरपाई और किसानों को समर्थन देने के लिए सरकार ने खुद 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से ताजा प्याज खरीदने का यह कड़ा फैसला लिया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार द्वारा प्याज की यह खरीद आज से ही शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि किसानों के पास जितना भी प्याज का स्टॉक (भंडार) मौजूद है, वह पूरा का पूरा खरीदा जाएगा। इस काम को तेजी से और सही ढंग से पूरा करने के लिए सरकार ने ‘राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ’ (नाफेड – NAFED) को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस बात की पूरी पुष्टि की है कि राज्य के किसानों को इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाया जाएगा।

भले ही केंद्र सरकार ने प्याज खरीदने की घोषणा कर दी है, लेकिन महाराष्ट्र के प्याज किसान इस फैसले से बहुत ज्यादा खुश या उत्साहित नजर नहीं आ रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी, जो महाराष्ट्र के लासलगांव में स्थित है, वहां के ‘महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ’ ने सरकार के इस भाव पर गहरी निराशा जताई है। किसान संगठन का स्पष्ट कहना है कि 1,235 रुपये प्रति क्विंटल का जो भाव सरकार दे रही है, उससे किसानों की फसल उगाने की लागत (खर्चा) भी पूरी तरह नहीं निकल पा रही है। इसलिए किसान इसे कोई बड़ी राहत नहीं मान रहे हैं।

अपनी नाराजगी जताते हुए, महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने केंद्र सरकार के सामने अपनी कुछ नई और बड़ी मांगें रख दी हैं। संघ ने मांग की है कि सरकार प्याज का समर्थन मूल्य 1,235 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तय करे, तभी किसानों का सही मायने में फायदा होगा। इसके अलावा, संगठन ने यह भी कहा है कि जिन किसानों ने पिछले कुछ महीनों में मजबूरी में बहुत कम दाम पर अपना प्याज बेचा है, उन्हें सरकार की तरफ से उचित मुआवजा (आर्थिक मदद) मिलना चाहिए। संघ ने कड़ी चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी ये मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन करेंगे।

BUSINESS : सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगाया तीन रुपये का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, डीजल पर दी राहत

केंद्र सरकार ने 16 मई से पेट्रोल के निर्यात पर 3 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। वहीं, डीजल के निर्यात शुल्क को 23 रुपये से घटाकर 16.5 रुपये और एटीएफ को 33 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बदलेंगे।

केंद्र सरकार ने ईंधन के निर्यात को लेकर एक बहुत ही अहम और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने देश से बाहर भेजे जाने वाले यानी निर्यात होने वाले पेट्रोल पर अप्रत्याशित लाभ कर यानी विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। वहीं दूसरी तरफ, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात शुल्क में भारी कटौती करके कंपनियों को राहत दी है। यह कड़ा फैसला 16 मई से पूरे देश में लागू कर दिया गया है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब पेट्रोल के निर्यात पर तीन रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स देना होगा। हालांकि, सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को 23 रुपये से घटाकर 16.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ (विमान ईंधन) पर 33 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर अब शून्य रहेगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि देश के अंदर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले कर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि आम जनता के लिए देश में ईंधन के दाम नहीं बढ़ेंगे।

पश्चिम एशिया में चल रहे गहरे संकट की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जब पेट्रोल पर तीन रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है। इस कदम का मुख्य मकसद अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध के बीच घरेलू बाजार में तेल की कमी को रोकना है। दरअसल, युद्ध शुरू होने के बाद से ही दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में तेल निर्यातक कंपनियां इस कीमत के अंतर का गलत फायदा उठाकर सारा तेल विदेशों में न बेच दें, इसलिए निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए यह विंडफॉल टैक्स लगाया गया है।

डीजल और एटीएफ पर लगने वाले निर्यात शुल्क में पिछले कुछ महीनों में कई बार समीक्षा और बदलाव किए गए हैं। 30 अप्रैल की समीक्षा में डीजल पर शुल्क 23 रुपये और एटीएफ पर 33 रुपये प्रति लीटर तय किया गया था, जिसे अब घटाया गया है। इससे पहले 26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये और एटीएफ पर 29.5 रुपये का निर्यात शुल्क लगाया था। इसके बाद 11 अप्रैल को हुई समीक्षा में इस शुल्क को बढ़ाकर क्रमशः 55.5 रुपये और 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था।

NATIONAL : भोजशाला सरस्वती मंदिर केस: हाईकोर्ट के फैसले का काशी में स्वागत, संत बोले- सत्य की विजय हुई; सनातन को मजबूती

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धार स्थित भोजशाला प्रकरण में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा और अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने इसे सनातन संस्कृति और ऐतिहासिक सत्य की विजय बताया। उन्होंने कहा कि फैसले से सांस्कृतिक विरासत और देवी सरस्वती से जुड़ी आस्था को सम्मान मिला है।

धार स्थित भोजशाला सरस्वती मंदिर प्रकरण में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने इसे सनातन संस्कृति, ऐतिहासिक प्रमाणों और सत्य की विजय बताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह निर्णय भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और देवी सरस्वती की आराधना से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों की पुनर्पुष्टि करता है।

कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि भोजशाला केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिक्षा और अध्यात्म का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। न्यायालय के फैसले ने उन पुरातात्त्विक और ऐतिहासिक प्रमाणों को स्वीकार किया है, जो लंबे समय से भोजशाला के प्राचीन हिंदू मंदिर स्वरूप की पुष्टि करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता का मूल स्वर ज्ञान, साधना और संस्कृति में निहित है। भोजशाला जैसी धरोहरें देश की गौरवशाली परंपरा की जीवंत प्रतीक हैं। यह निर्णय नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत के प्रति जागरूक और गौरवान्वित करेगा।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका द्वारा ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर लिया गया यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है। सत्य चाहे जितने समय तक आवृत रहे, अंत में उसकी विजय निश्चित होती है। इससे सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भोजशाला परिसर का संरक्षण और विकास उसकी सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप किया जाएगा।
भोजशाला को ऐतिहासिक एवं संरक्षित वाग्देवी मंदिर मानने संबंधी दिए गए महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा धार स्थित भोजशाला को ऐतिहासिक एवं संरक्षित वाग्देवी मंदिर मानने संबंधी दिए गए फैसले का अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय को भारत की सांस्कृतिक चेतना, सनातन परंपरा और ऐतिहासिक सत्य की विजय बताया।

स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि न्यायालय ने पुरातात्विक तथ्यों, ऐतिहासिक प्रमाणों और एएसआई की रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाकर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भोजशाला एक ऐतिहासिक एवं संरक्षित स्थल है, जो देवी सरस्वती का मंदिर है।

उन्होंने कहा कि न्यायालय ने एएसआई एक्ट के प्रावधानों और अयोध्या विवाद मामले में स्थापित सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने उम्मीद जताई कि इससे देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

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