Thursday, July 16, 2026
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शाही जामा मस्जिद की 40 पन्नों में सर्वे की रिपोर्ट पेश, मंदिर होने के मिले सबूत ?

यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद (Sambhal Masjid) की सर्वे 40 पन्नों की रिपोर्ट रिपोर्ट आज अदालत में पेश कर दी गई है। दावा किया जा रहा है कि 50 से ज्यादा फूलों के निशान मिले हैं। गुम्बद की पहली पर को प्लेन किया गया है। बता दें कि 19 और 24 नवंबर को मस्जिद का सर्वे हुआ था। सूत्रों से पता चल रहा है कि मस्जिद के अंदर एक कुंआ मिला है जो कि आधा मस्जिद के अंदर है औऱ आधा बाहर है।

शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में 19 नवंबर को दाखिल की गई थी। इसके बाद उसी दिन शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया गया था लेकिन सर्वे पूरा न होने के कारण कोर्ट कमिश्नर 24 नवंबर को फिर से शाही जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए पहुंचे थे उनके साथ डीएम और एसपी भी मौजूद थे। लेकिन इस दौरान शुरू हो गया और इस दौरान हुई हिंसा में लगभग चार लोगों की मौत हुई।

जिसकी रिपोर्ट 9 दिसंबर को न्यायालय में पेश की जानी थी लेकिन कोर्ट कमिश्नर ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर न्यायालय से 15 दिन का समय मांगा था जो की 24 दिसंबर को पूरा हो गया था लेकिन कोर्ट कमिश्नर ने उसे दिन भी अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश नहीं की। आज कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव न्यायालय पहुंचे और उन्होंने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में सर्वे की रिपोर्ट पेश की इस विषय में जानकारी देते हुए कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने बताया कि आज उन्होंने की रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी है जो कि लगभग 40 से 45 पन्नों की है।

नए साल पर करोड़ों की शराब गटक गए झारखंड के लोग, सबसे ज्यादा रांची में हुई बिक्री

नया साल का पहला दिन लोगों के लिए काफी खास होता है। यह हमारे लिए एक नई उम्मीद लेकर आता है। नए साल के पहले दिन लोग धूमधाम से पार्टी करते हैं। इस दौरान शराब की भी खूब बिक्री होती है।

जानकारी के मुताबिक इस नए साल के पहले दिन झारखंड में खूब शराब की बिक्री हुई। 30 दिसंबर से 1 जनवरी 60 करोड़ की शराब बेची गई। विभाग के अनुमानित आंकड़े के मुताबिक 30 दिसंबर को 14.58 करोड़ और 31 दिसंबर को 27.52 करोड़ रुपए की शराब बिकी है। इसके बाद 1 जनवरी को 18 से 19 करोड़ रुपए की शराब बेचने का अनुमान है। वहीं, पिछले साल 2023 में 31 दिसंबर को 24 करोड़ रुपए की शराब बिकी थी।

शराब बेचने में रांची जिला नंबर वन पर आया है। 31 दिसंबर को राज्य में सबसे अधिक शराब की बिक्री रांची में ही हुई है। यहां 5.10 करोड़ रुपये की शराब बिकी। 1 जनवरी को रांची में लगभग 3 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिकी। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मिलाकर रांची में कुल आठ करोड़ रुपए से अधिक की शराब की बिक्री हुई।

बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को झटका,कोर्ट ने जमानत से किया इनकार

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बांग्लादेश की एक अदालत ने हिंदू संत और इस्कॉन से जुड़े रहे चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया। चिन्मय कृष्ण दास को सुनवाई के लिए अदालत नहीं लाया गया और वह ऑनलाइन माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। इस्कॉन के सदस्य रह चुके दास को 25 नवंबर को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था।

एक समाचार बेवसाइट ने चटगांव जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नाज़िमउद्दीन चौधरी के हवाले से अपनी खबर में कहा,‘‘ सुनवाई के दौरान शासन ने जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह देशद्रोह का मामला है और इसकी सज़ा आजीवन कारावास है।” ‘मेट्रोपॉलिटन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ एडवोकेट मोफिजुल हक भुइयां ने ‘द डेली स्टार’ को बताया,‘‘ चटगांव मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश सैफुल इस्लाम ने लगभग 30 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।” दास के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि वे जमानत के लिए उच्च न्यायालय में अपील करने की योजना बना रहे हैं।
बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत संगठन के प्रवक्ता दास की जमानत याचिका 26 नवंबर को चटगांव के छठवें मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट काजी शरीफुल इस्लाम ने खारिज कर दी थी और उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस निर्णय से हिंदू समुदाय के लोग नाराज हो गए और उन्होंने अदालत के बाहर जेल वैन के चारों ओर विरोध प्रदर्शन किया जिसके परिणामस्वरूप हिंसक झड़पें हुईं और इस दौरान वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की मौत हो गई थी।

24 जनवरी से बदल जाएंगे हाईवे के नियम, केंद्र सरकार ने जारी किए नए Driving Rules

नए साल की शुरूआत होते ही केंद्र सरकार ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्डों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। ये दिशा-निर्देश 24 जनवरी से प्रभावी होंगे, जिनका उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट, मानकीकृत और समय पर जानकारी प्रदान करना है। इन परिवर्तनों के जरिए दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।

स्पीड लिमिट और चेतावनी संकेतक
नई व्यवस्था के तहत रंबल स्ट्रिप्स जैसे संभावित खतरनाक स्थानों से पहले संकेतक लगाए जाएंगे, ताकि ड्राइवर को अपनी गति समायोजित करने का समय मिल सके। स्पीड लिमिट की जानकारी हर पांच किलोमीटर पर साइन बोर्डों के माध्यम से दी जाएगी। इन बोर्डों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन चालकों के लिए पढ़ना और समझना आसान हो।

मानकीकरण और एकरूपता
सड़क परिवहन मंत्रालय ने साइन बोर्डों पर उपयोग किए जाने वाले अक्षरों और संख्याओं के आकार और रंग को मानकीकृत कर दिया है। इस कदम से संकेतकों की एकरूपता बढ़ेगी और उन्हें समझने में आसानी होगी। साथ ही, अलग-अलग वाहनों की गति सीमा को एक ही बोर्ड पर स्पष्ट रूप से दर्शाने की व्यवस्था की गई है।

No parking और पैदल यात्री सुरक्षा
दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए “नो पार्किंग” बोर्ड हर पांच किलोमीटर पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, क्रॉसिंग की जानकारी पहले से देने की व्यवस्था की गई है।

समग्र सुरक्षा के प्रयास
इन दिशा-निर्देशों को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और सड़क सुरक्षा के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। इसके आधार पर मार्ग संकेतकों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया: अनिवार्य, चेतावनी और सूचना संबंधी संकेतक।

रांची में ठंड का कहर, ब्रेन स्ट्रोक से 13 मौतें, बचाव के लिए करें ये उपाय

झारखंड की राजधानी रांची में इस समय ठंड का काफी असर है। ठंड इतनी तेज है कि लोग घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, और दिन में भी ऐसा लगता है जैसे कर्फ्यू लगा हो। ठंड के कारण पिछले तीन दिनों में रांची में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 9 मौतें रिम्स अस्पताल में और बाकी निजी अस्पतालों में हुई हैं। इन मौतों का मुख्य कारण ब्रेन स्ट्रोक बताया जा रहा है।

रांची के रिम्स अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉक्टर जेके मित्र ने बताया कि ठंड में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ जाती है, क्योंकि ठंड के कारण ब्रेन की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे यह खतरनाक स्थिति उत्पन्न होती है। इस मौसम में खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इनकी नसें ज्यादा संवेदनशील होती हैं।

डॉक्टर ने ठंड से बचने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं
  • सुबह 6:30 बजे के बाद ही नहाएं और ठंडे पानी से न नहाएं, हल्का गर्म पानी ही इस्तेमाल करें।
  • सर्दी में कड़ी धूप में कुछ समय बैठना फायदेमंद होता है। इसके साथ ही गर्म चीजें जैसे हल्दी का लड्डू आदि भी डाइट में शामिल करें।
  • सुबह जल्दी मॉर्निंग वॉक पर न जाएं, थोड़ा धूप निकलने के बाद ही बाहर जाएं। नहाने के बाद तुरंत ठंडे पानी से संपर्क न करें।
  • छोटे बच्चों की मालिश करें और उनका डायपर समय-समय पर बदलते रहें।

घर में अंगीठी या रूम हीटर का इस्तेमाल कम से कम करें, क्योंकि इनसे शरीर बहुत गर्म हो जाता है और फिर बाहर ठंडी हवा से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। इसके बजाय गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है।इस ठंड में खुद का और खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

सब्जियों के दाम में भारी गिरावट! ग्राहकों को मिली बड़ी राहत, विक्रेताओं की बढ़ रही मुश्किलें

नबाद की गोविंदपुर सब्जी मंडी में इस ठंड के मौसम में सब्जियों के दाम बहुत घट गए हैं, जिससे ग्राहकों को बड़ी राहत मिल रही है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मौसम में बदलाव और स्थानीय किसानों द्वारा अधिक उत्पादन होने की वजह से सब्जियों के दाम आधे हो गए हैं, और कई सब्जियां तो आधे से भी कम दामों में बिक रही हैं।

मंडी में सब्जी बेच रहे नारायण मंडल ने बताया कि धनिया, जो पहले ₹40 प्रति किलोग्राम बिकता था, अब ₹20 में मिल रहा है। इसी तरह, टमाटर का दाम ₹20 से घटकर ₹10 प्रति किलोग्राम हो गया है। मूली, जो पहले ₹20 प्रति किलोग्राम बिकती थी, अब सिर्फ ₹8 में मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले अच्छी कमाई होती थी, लेकिन अब मुश्किल से पेट भरने लायक आमदनी हो रही है, जिससे सब्जी बेचने वालों को परेशानी हो रही है।

मंडी में एक और विक्रेता, नरेश कुमार ने बताया कि पत्ता गोभी का दाम ₹40 से घटकर ₹15 प्रति किलोग्राम हो गया है। बैंगन, जो पहले ₹70-80 प्रति किलोग्राम बिकता था, अब ₹40-50 के बीच मिल रहा है।सब्जियों के दामों में आई इस गिरावट से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत राहत मिली है, लेकिन किसानों और विक्रेताओं को इससे नुकसान हो रहा है। नरेश कुमार के अनुसार, सब्जियों के दाम घटने का मुख्य कारण मौसम का बदलाव और अधिक उत्पादन है। इस गिरावट से जहां ग्राहकों को सस्ती सब्जियां मिल रही हैं, वहीं विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

Mata Vaishno Devi पहुंची यह मशहूर Actress, मां के दरबार में हुईं नतमस्तक

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नए साल पर कई भक्त माता वैष्णो देवी के दरबार नतमस्तक होने पहुंचे। इस अवसर पर अनुपमा फेम Actress रूपाली गांगुली (Rupali Ganguly) भी माता के दरबार में माथा टेकने पहुंची।

जानकारी के अनुसार अपनी सादगी और भक्ति के लिए जानी जाने वाली रूपाली गांगुली नववर्ष पर जम्मू-कश्मीर में त्रिकुटा पर्वत पर बने मां वैष्णो देवी के मंदिर पहुंची। इस दौरान उन्होंने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया और आने वाले साल में खुशियों की कामना की।

इस अवसर की रूपाली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी शेयर की है। इस पोस्ट में रूपाली पारंपरिक पोशाक में शांति और भक्ति से परिपूर्ण दिख रही थीं। साथ ही उनके माथे पर लगा तिलक बहुत ही सुंदर लग रहा था।

2026 तक सत्ता में नहीं रह पाएगी मोदी सरकार, महाराष्ट्र में भी होगा राजनीतिक बदलाव

शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें संदेह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 2026 तक भी सत्ता में रह पाएगी। राउत ने दावा किया कि यदि मोदी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करने में विफल रहती है तो इससे महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी राजनीतिक परिवर्तन आएगा। राउत ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद शिवसेना (उबाठा) के कुछ नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।

उन्होंने राजापुर के पूर्व विधायक राजन साल्वी के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी छोड़ने की अटकलों के जवाब में यह बात कही। पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 543 सदस्यीय सदन में 293 सीटें जीती थीं, जिससे प्रधानमंत्री मोदी के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का रास्ता साफ हुआ था। हालांकि, भाजपा अकेले बहुमत हासिल करने से काफी दूर रह गई और सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ा।

मुझे संदे है, केंद्र सरकार 2026 तक टिक पाएगी- राउत 
राउत ने दावा करते हुए कहा, ‘‘मुझे संदेह है कि केंद्र सरकार 2026 तक टिक पाएगी। मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे और जब ऐसा होगा तो न केवल महाराष्ट्र में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी बदलाव होगा।” साल्वी के शिवसेना (उबाठा) छोड़ने की अटकलों पर राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेता से बात की है, जिन्होंने कुछ स्थानीय मुद्दों पर निराशा व्यक्त की है।

सारे दिन एक जैसे नहीं होते, यह समय गुजर जाएगा
राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे कई बार विधायक रह चुके साल्वी के संपर्क में हैं। साल्वी को 2024 के राज्य विधानसभा चुनाव में राजापुर से प्रतिद्वंद्वी शिवसेना नेता किरण सामंत से हार का सामना करना पड़ा था। शिवसेना (उबाठा) के कुछ नेताओं के अन्य दलों में शामिल होने की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि उनकी पार्टी में कोई अशांति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ये समय भी गुजर जाएगा। सारे दिन एक जैसे नहीं होते।”

‘घुसपैठियों को बंगाल में घुसने दे रही BSF, राज्य को अस्थिर करने की साजिश’, ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) बांग्लादेश से आतंकवादियों और घुसपैठियों को बंगाल में प्रवेश कराने में मदद कर रहा है। इसके कारण राज्य में शांति और सुरक्षा की स्थिति बिगड़ रही है। मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी कोलकाता में नबान्न सभागार में राज्य प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए की। ममता ने यह भी कहा कि अगर बीएसएफ ने ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखा तो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।

BSF की भूमिका पर खड़े किए सवाल 
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीएसएफ, जो सीमा सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, वह इस्लामपुर, सीताई, और चोपड़ा जैसे क्षेत्रों से लोगों को भारत में घुसने की अनुमति दे रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे केंद्र सरकार की “खाका” बताते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार की संलिप्तता नहीं होती, तो यह स्थिति संभव नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसएफ इस्लामपुर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से घुसपैठियों को प्रवेश करवा रहा है, और यह सब केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत हो रहा है।

TMC पर लगाए गए आरोपों से किया इनकार
ममता बनर्जी ने टीएमसी पर लगाए गए आरोपों को नकारते हुए कहा कि पार्टी का इन घुसपैठियों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि टीएमसी जिम्मेदार नहीं है, बल्कि बीएसएफ की जिम्मेदारी है जो सीमा पर सुरक्षा की स्थिति बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। ममता ने बीएसएफ पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करने का भी आरोप लगाया और कहा कि यह सब केंद्र सरकार के खाके के तहत हो रहा है।

केंद्र सरकार को विरोध पत्र भेजेंगे 
ममता ने केंद्र सरकार को अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए कहा कि टीएमसी सरकार केंद्र के फैसले का पालन करेगी, लेकिन वे ऐसी किसी भी कार्रवाई का विरोध करेंगी जो राज्य में आतंकवादियों को शांति और सुरक्षा को बाधित करने का मौका दे। ममता ने कहा, “हम केंद्र सरकार को विरोध पत्र भेजेंगे, अगर वे घुसपैठियों को बंगाल में आने देंगे और राज्य की शांति और स्थिरता को बिगाड़ने की अनुमति देंगे।”

मालामाल हुए निवेशक, इन 4 कारणों से बाजार में आई तूफानी तेजी, सेंसेक्स में भारी उछाल

नया साल आते ही शेयर बाजार में रौनक लौट आई है। 1 जनवरी के बाद आज 2 जनवरी को सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी रही। दोनों इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की तेजी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,436 अंक की तेजी के साथ 79,943 के स्तर पर जबकि निफ्टी 445 अंक उछल कर 24,188 के लेवल पर बंद हुआ। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली।

दोपहर 2 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स जहां करीब 1,400 अंक बढ़कर 79,900 के स्तर पर चला गया। वहीं निफ्टी 440 अंकों की उड़ान भरकर 24,150 के पार चला गया। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 2 जनवरी को दमदार तेजी से BSE लिस्टेड कंपनियों की वेल्थ में करीब 3.3 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

शानदार GST कलेक्शन

दिसंबर महीने में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो कंज्मप्शन गतिविधियों में तेजी को दिखाता है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है। KPMG के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, ‘मजबूत जीएसटी कलेक्शन स्थिर मांग और इकोनॉमी की अच्छी सेहत को दिखाता है।’

टेक्निकल ट्रेंड

निफ्टी अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, जिससे बाजार की तेजी को सपोर्ट मिला है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा, ‘23,770 का स्तर पार करने के बाद, कंसॉलिडेशन की उम्मीद थी। अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर बना रहता है, तो यह 24,025 तक जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि हालांकि अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन इस स्तर पर गिरावट की संभावना कम ही दिखती है।

अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद

शेयर बाजार को कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है। हाल ही में ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर से अच्छे कारोबारी अपडेट देखने को मिली थे। मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और CSB बैंक जैसी कंपनियों के बिजनेस अपडेट को देखकर अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीदें और बढ़ी हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि लक्जरी खपत वाले सेक्टर, जैसे ज्वेलरी और हॉस्पिटैलिटी, भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

IT सेक्टर की उछाल

पिछले 2 दिनों से शेयर बाजार में जारी तेजी में सबसे अहम योगदान आईटी शेयरों का है। आज 2 जनवरी को भी आईटी इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की उछाल आई। सीएलएसए और सिटी दोनों का का कहना है कि स्थिर मांग और रुपए में गिरावट के चलते दिसंबर तिमाही में आईटी कंपनियों की ग्रोथ बेहतर रह सकती है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइसप्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘कंसॉलिडेशन का दूसरा सप्ताह बताता है कि यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। ट्रेडर्स को मजबूत मोमेंटटम दिखाने वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर फार्मा और FMCG सेक्टर में।’

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