Thursday, September 16, 2021
Homeविश्वअमेरिका : विदेश मंत्रालय ने कहा- एच-1बी वीजा मामले में भारत के लिए...

अमेरिका : विदेश मंत्रालय ने कहा- एच-1बी वीजा मामले में भारत के लिए अधिकतम राहत सुनिश्चित करेंगे

वॉशिंगटन. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो अगले हफ्ते भारत दौरे पर आएंगे। विदेश विभाग के अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि पोम्पियो  यात्रा के दौरान एच-1बी वीजा मामले में भारत के लिए अधिकतम राहत सुनिश्चित करेंगे। एच-1बी वीजा भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के बीच लोकप्रिय है।

यह गैर-प्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में विदेशी कर्मचारियों को रखने की अनुमति देता है। पिछले दिनों खबरें आई थीं कि अमेरिका उन देशों के लिए वीजा संख्या को सीमित करने पर विचार कर रहा है, जो विदेशी कंपनियों को स्थानीय स्तर पर डेटा स्टोर करने के लिए मजबूर करते हैं।

अमेरिका हर साल 85,000 एच-1बी वीजा जारी करता है

  1. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बुधवार को जानकारी दी थी कि अमेरिका भारतीयों को एच-1बी वीजा देने की लिमिट 10% से 15% तक सीमित करने पर विचार कर रहा है। अमेरिका हर साल 85,000 एच-1बी वीजा जारी करता है। इनमें सबसे ज्यादा 70% वीजा भारतीय कर्मचारियों को मिलता है। किसी देश के लिए फिलहाल कोई लिमिट तय नहीं है।
  2. विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- भारतीयों ने एच-1बी वीजा के अंतर्गत अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बहुत योगदान दिया है। मुझे लगता है कि विदेश मंत्री अपनी यात्रा के दौरान भारतीय लीडरशिप को यह सुनिश्चित करेंगे कि वीजा मामले में हम कोई अधिकतम सीमा लागू नहीं कर रहे।
  3. विदेश मंत्री पोम्पियो भारत में 25-27 जून के बीच यात्रा पर आएंगे। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक इस यात्रा का फोकस भारत के साथ व्यापार को और भी बेहतर करने पर रहेगा। पहले ऐसी खबरें थीं कि अमेरिका भारत के लिए एच-1बी वीजा की संख्या सीमित करने पर विचार कर रहा है।
  4. अधिकारी ने कहा- मैं इस बात पर टिप्पणी नहीं कर सकता कि विदेश मंत्री भारत में प्रधानमंत्री के साथ किस मुद्दे पर चर्चा करेंगे, लेकिन हमारा फोकस ईरान पर दबाव बनाना और भारत के साथ सहयोग को बढ़ाना है। एच-1बी वीजा मामला भारत-अमेरिका रिश्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
  5. ट्रम्प प्रशासन ने कुछ कंपनियों पर एच-1बी वीजा मामले में उल्लंघन का आरोप लगाया था। ट्रम्प का कहना था कि कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों को रोजगार नहीं दे रही है। इसी के चलते ट्रम्प ने दो साल पहले ‘अमेरिकी चीजें खरीदो और अमेरिकी को रखो’ वाले सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। यह अमेरिकी कर्मचारियों के लिए अधिक वेतन और रोजगार सुनिश्चित करता है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments