अलीगढ़ हत्याकांड : टप्पल में बजरंग दल कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन; पुलिस ने खदेड़ा, साध्वी प्राची को जेवर में रोका गया

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अलीगढ़. ढाई साल की बच्ची की जघन्य हत्या को लेकर टप्पल समेत पूरे अलीगढ़ में तनाव है। वहीं, सियासत भी गरमाने लगी है। रविवार को महापंचायत के ऐलान को लेकर निषेधाज्ञा लागू होने के बाद लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिसकर्मियों ने लाठी भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा है। उधर, टप्पल जाने की जिद पर अड़ी साध्वी प्राची को जेवर टोल प्लाजा पर सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया। जिसको लेकर साध्वी व फोर्स के बीच नोकझोंक भी हुई। काफी देर तक साध्वी टोल प्लाजा पर गाड़ी में बैठी रहीं। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें टोल पार नहीं होने दिया। फिलहाल टप्पल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सीमा सील, बाजार बंद- चप्पे चप्पे पर फोर्स
इस हत्याकांड को लेकर रविवार को टप्पल में महापंचायत का ऐलान किया था। इसको लेकर सोशल मीडिया ‘टप्पल चलो’ अभियान चलाया गया। हालांकि, एसपी ग्रामीण मणिलाल पाटीदार ने साफ किया कि, पंचायत को लीड कौन कर रहा है इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस ने भ्रामक सूचना प्रसारित करने के आरोप में चार आरोपियों को पकड़ा है। टप्पल में बाजार बंद हैं। सीमाएं सील कर दी गई हैं। माहौल खराब न हो इसलिए पीएसी व आरएएफ के अलावा अलीगढ़ रेंज से फोर्स बुलाई गई है। कई मार्गों पर पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।

बजरंग दल ने किया प्रदर्शन, पुलिस ने लाठीचार्ज किया
बावजूद इसके हिंदू मंच व बजरंग दल के कार्यकर्ता रविवार को सड़क पर उतर आए। जिन्हें पुलिस ने जलालपुर पुलिस चौकी पर रोक दिया। इसको लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। सभी एसएसपी को हटाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार के घर पर युवाओं ने नारेबाजी की। इसमें पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पुलिस ने 5 युवकों को हिरासत में भी लिया।

एएमयू के छात्र व शिक्षकों ने घटना का किया विरोध

इस घटना के विरोध में शनिवार शाम गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली, आगरा, लखीमपुर खीरी और दूसरे जिलों में भी कैंडल मार्च निकाला गया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने अलीगढ़ के एसएसपी से मामले में जांच रिपोर्ट मांगी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों ने अपराधियों के लिए उदारहण पेश करने वाली तत्काल सजा की मांग की। एएमयू शिक्षक असोसिएशन ने एक विशेष बैठक में मामले की जल्दी कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने मांग की। इसके सचिव नजमुल हसन ने कहा कि शिक्षकों को पीड़िता के परिवार के साथ रहना चाहिए।

10 हजार रुपए के विवाद में हुई हत्या

टप्पल की रहने वाली बच्ची 30 मई को घर के बाहर से खेलते समय लापता हुई थी। परिजनों ने गुमशुदगी का केस दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखाई। तीन दिन बाद दो जून (रविवार) को उसका शव कूड़े के ढेर में क्षत-विक्षत हालत में मिला था। पुलिस ने इस प्रकरण में अब चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें मुख्य आरोपित जाहिद, असलम, जाहिद की पत्नी व उसका भाई मेहंदी शामिल है। आरोपी जाहिद और असलम पर पॉक्सो एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की गई है। असलम आदतन अपराधी है। उस पर अपनी बेटी से दुष्कर्म के आरोप समेत पांच केस दर्ज हैं। जाहिद का बच्ची के दादा से 10 हजार रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद था। इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया।

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