Friday, September 17, 2021
Homeहरियाणाइंपाउंड ट्रैक्टर ट्रॉली को फर्जी रसीद पर छोड़ने का मामला

इंपाउंड ट्रैक्टर ट्रॉली को फर्जी रसीद पर छोड़ने का मामला

इंपाउंड ट्रैक्टर ट्रॉली को फर्जी रसीद व दस्तावेजों के आधार पर छोड़ने के मामले में खनन विभाग ने हालांकि वाहन मालिक गुरपाल पर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है लेकिन इसमें विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पुलिस ने अब विभाग से पिछले 3 साल का रिकॉर्ड मांगा है। क्योंकि इस अवधि में अवैध खनन मामले में 181 वाहन इंपाउंड हुए। फिलहाल आरोपी गुरपाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई लोगों की गर्दन कानून के शिकंजे में फंस सकती है।खनन विभाग के मुताबिक 22 दिसंबर 2020 को गुरपाल का ट्रैक्टर ट्रॉली दूसरी दफा रेत चोरी करते पकड़ा गई। इसके 68 दिन बाद 3 मार्च को गुरपाल ने ट्रैक्टर ट्रॉली शहजादपुर पुलिस के कब्जे से छुड़वा लिया। तीसरी दफा 18 जून को गांव ओखल के नजदीक बजरी से भरी गुरपाल की ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ ली गई। इसके करीब 45 दिन बाद फिर गुरपाल अम्बाला में खनन विभाग के कार्यालय गया। उसने अधिकारियों से कहा कि इस बार वह जुर्माना नहीं भर सकता।

बस, यहीं से फर्जी रिलीज ऑर्डर का का खेल शुरू हुआ। अधिकारी कह रहे हैं कि तीसरी दफा ट्रैक्टर पकड़े जाने बाद खुलासा हुआ है, लेकिन तीसरी दफा ट्रैक्टर को पकड़े हुए 45 दिन बीत चुके हैं। सवाल यह है कि 18 जून से 4 अगस्त तक विभाग के अधिकारी कहां सोए रहे। अगर विभाग को 18 जून को पता चल गया था कि गुरपाल ने दूसरी दफा ट्रैक्टर फर्जी दस्तावेज तैयार कर छुड़वा लिया था तो उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाने के लिए 45 दिनों का लंबा इंतजार क्यों किया गया ?

ट्रैक्टर इंपाउंड और कटता रहा ई-रवाना

जब खनन विभाग किसी वाहन को इंपाउंड करता है तो पोर्टल पर उसकी जानकारी डालता है। जब तक वाहन जुर्माना भरकर या केस दर्ज होने के बाद सुपुर्ददारी पर छूट नहीं जाता, तब तक पोर्टल पर इसका ई-रवाना नहीं कट सकता। जबकि खनन विभाग के रिकॉर्ड में गुरपाल के ट्रैक्टर ट्रॉली के सीज होने के बाद भी कई स्क्रीनिंग प्लांटों पर ई-रवाना कटता रहा। जाहिर सी बात है कि जब फर्जी दस्तावेजों पर ट्रैक्टर छुड़वाया गया था, उसी दौरान ट्रैक्टर का डाटा भी पोर्टल से हटाया गया होगा। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों की आंखें बंद रही।

बड़े घोटाले की संभावना

खनन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 2019 से आज तक 181 वाहनों को पकड़ कर 5,19,62,675 रुपए जुर्माना वसूला गया है। जांच का विषय है कि क्या इन वाहनों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया है? क्या इन सभी वाहनों के दस्तावेज सही पाए गए थे? क्या वाहन के मॉडल के हिसाब से जुर्माना किया गया था? यदि इन सभी सवालों के जवाब ठीक तरीके से ढूंढ़े गए तो वाहनों को रिलीज करने में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

मामला सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का है। इसलिए गहनता से जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस उन तमाम वाहनों की जानकारी खनन विभाग से लेगी, जिन्हें जुर्माना वसूलने के बाद रिलीज किया गया है। आरोपी गुरपाल की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद खुलासा होगा कि ट्रैक्टर का फर्जी रिलीज उसने खुद बनाया था या उसे किसी ने दिया था।-अनिल कुमार, डीएसपी, नारायणगढ़

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments