Saturday, September 18, 2021
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चमकी बुखार /प्रशासन की अपील के बावजूद अस्पताल में नेता-अभिनेताओं के दौरे, शरद 30 लोगों के साथ पहुंचे

  • CN24NEWS-20/06/2019
  • प्रशासन ने अपील की थी- नेता एमकेएमसीएच अस्पताल में दौरा ना करें, इलाज के दौरान परेशान होती है
  • भोजपुरी सिंगर-एक्टर खेसारी यादव भी अस्पताल पहुंचे, प्रशंसकों ने हंगामा किया
  • बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की तादाद 161 तक पहुंची
  • मुजफ्फरपुर. मस्तिष्क ज्वर से मरने वाले बच्चों की संख्या गुरुवार को 161 तक पहुंच गई। यहां के सबसे बड़े अस्पताल श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज (एसकेएमसीएच) का प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि नेता अस्पताल का दौरा ना करें, क्योंकि इससे इलाज में दिक्कत आती है। इसके बावजूद गुरुवार को लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव 30 लोगों की टीम के साथ अस्पताल में आए। शरद ने डॉक्टरों से बातचीत की और आईसीयू का निरीक्षण किया।शरद यादव के निकलने के थोड़ी देर बाद भोजपुरी सिंगर और एक्टर खेसारी लाल यादव भी अस्पताल पहुंचे। उन्हें देखने के लिए वहां अच्छी-खासी भीड़ जुट गई। खेसारी को देखने के लिए प्रशंसकों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। भीड़ को काबू करने के लिए प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी।

    18 दिन बाद नीतीश ने किया था हॉस्पिटल का दौरा
    मस्तिष्क ज्वर से बच्चों की मौत शुरू होने के 18 दिन बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने हॉस्पिटल का दौरा किया और डॉक्टरों से इस बीमारी के वायरस का पता लगाने के लिए कहा। इससे पहले रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन मुजफ्फरपुर पहुंचे थे।

    प्रशासन की अपील- लोगों को जागरूक करें नेता
    अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनील कुमार शाही ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित 150 बच्चे अभी एडमिट हैं। बीमार बच्चे लगातार हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। डॉक्टर इलाज में लगे हैं, लेकिन नेताओं के दौरों के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाही ने बुधवार को अपील की थी कि नेता अस्पताल आने की बजाय उन इलाकों में जाएं, जहां बच्चे बीमार हो रहे हैं। वे वहां जागरूकता फैलाएं।

  • 2012 में हुई थी 120 बच्चों की मौतएसकेएमसीएच हॉस्पिटल से मिले आकड़ों के मुताबिक, 2012 में इस बीमारी से 120 बच्चों की मौत हुई थी।
    सालभर्तीमौत
    20105924
    201112100
    2012336120
    201312439
    201470190
    20157511
    20163104
    20171711
    2018147

     

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