नॉर्वे /सोमारोय द्वीप में गर्मी में 69 दिन सूरज डूबता नहीं, सर्दी में 90 दिन अंधेरा रहता है, लोगों ने कहा- हमें टाइम जोन से मुक्त करें

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  • CN24NEWS-19/06/2019

लाइफस्टाइल डेस्क (नॉर्वे). नॉर्वे का एक द्वीप ने दुनिया का पहले टाइम फ्री जोन बनने के लिए पहल की है। इसके लिए सोमारोय द्वीप के 300 निवासियों ने एक अभियान चलाया है। उन्होंने द्वीप को समय की सीमाओं से आजाद रखने के लिए टाइम फ्री जोन कैंपेन चलाया है। इसके समर्थन में याचिका भी दायर की है।

लक्ष्य -लोगों को काम के पारंपरिक घंटों से मुक्त रखना

  1. अभियान की अगुवाई करने वाले केजेल ओव हेविंग के मुताबिक इसका उद्देश्य यहां के निवासियों को काम के पारंपरिक घंटों से मुक्त रखना है। यानी यहां के लोग जब जो करना चाहते हैं, वह काम कर सकें। केजेल ने कहा कि सोमारोय द्वीप में 18 मई से 26 जुलाई के बीच 69 दिन सूरज डूबता ही नहीं है। इसके अलावा सर्दी में करीब तीन माह तक सूरज दिखाई ही नहीं देता।
  2. रात 2 बजे होती है घर की सफाई

    रात को करीब 2 बजे आप बच्चों को फुटबॉल खेलते, स्वीमिंग करते लोगों को घर के लॉन साफ करते या रंगाई-पुताई करते देख सकते हैं। द्वीप के लोगों को उम्मीद है कि इस बदलाव से उनके स्कूल-कॉलेज और कामकाज के समय में लचीलापन आएगा। इस द्वीप पर टूरिज्म और मछली पालन आय के प्रमुख जरिये हैं। हेविंग के मुताबिक लोग ज्यादातर समय मछली पकड़ने में ही बिताते हैं। इसलिए टाइम टेबल की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने मई के आखिरी में यह अभियान शुरू किया था।

  3. दुनियाभर में हो रही चर्चा

    अब दुनियाभर में इसकी चर्चा हो रही है। स्थानीय सांसद केंट गुडमंड्समैन ने इस याचिका आगे बढ़ाने का फैसला लिया। केंट का दावा है कि उन्हें करीबी दो शहर फिनमार्क और नॉर्डलैंड का भी समर्थन मिला है। इससे पहले यूरोपीयन यूनियन भी 2021 तक डेलाइट सेविंग टाइम (साल में 2 बार घड़ी आगे बढ़ाने की प्रक्रिया) को खत्म करने के बारे में कह चुका है।

  4. यूरोप के इन द्वीपों में ब्रिज पर ताले नहीं घड़ियां दिखती हैं

    यूरोप घूमने जाने वाले पर्यटकों को अलग-अलग शहरों में ब्रिज पर ताले (लव लॉक) दिखते हैं। लेकिन नॉर्वे के इन द्वीपों के ब्रिज पर घड़ियां देखने को मिलेंगी। हेविंग के मुताबिक लंबे समय तक रात रहना या दिन न डूबने पर रात-दिन का अर्थ ही नहीं रह जाता। इसी से तनाव होता है। लोग समय के जंजाल में ना फंसें और जिंदगी खुलकर जिएं, यही अभियान का उद्देश्य है।

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