महाराष्ट्र में लंपी रोग का प्रकोप! सार्वजानिक स्थानों पर न ले जाएं मवेशी

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महाराष्ट्र में मवेशियों में लंपी वायरस (Lumpy Virus) का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ढेलेदार त्वचा रोग ने अब तक महाराष्ट्र के 25 जिलों में 126 मवेशियों की जान ले ली है। इस बीच लंपी रोग को मुंबई में फैलने से रोकने के लिए मुंबई पुलिस ने प्रतिबंध लगाए है। जानवरों में गांठदार त्वचा रोग (LSD) के मामले बढ़ रहे है। जिसके मद्देनजर प्रशासन अलर्ट हो गया है। मुंबई महानगर में भी एहतियात बरती जा रही है।

लंबी बीमारी के संभावित खतरे को देखते हुए मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुपालन में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लंपी बीमारी के चलते बीएमसी क्षेत्र में जानवरों की यात्रा, जानवरों का परिवहन, जानवरों का बाजार लगाना आदि प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीँ, मुंबई पुलिस कमिश्नर ने आदेश जारी कर शहर में मवेशियों को सार्वजानिक जगहों पर ले जाने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। राज्य के पशुपालन विभाग ने शनिवार को बताया लंबी रोग की चपेट में आने से जलगांव जिले में 47, अहमदनगर जिले में 21, धुले में 2, अकोला में 18, पुणे में 14, लातूर में दो, सतारा में छह, बुलढाणा में पांच, अमरावती में सात मवेशियों की मौत हुई है।

जबकि, सांगली, वाशिम, जालना और नागपुर जिले एक-एक मवेशी की मौत हुई है। राज्य सरकार ने बताया कि ढेलेदार त्वचा रोग तेजी से फैल रहा है. हालाँकि यह जानवरों से या गाय के दूध के माध्यम से मनुष्यों में नहीं फैलता है। पशुपालन विभाग के अनुसार लंपी बीमारी के इलाज में आवश्यक दवाओं की खरीद के लिए प्रति जिले को एक करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि मवेशियों को वैक्सीन लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है।

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