Sunday, September 26, 2021
Homeराज्यगुजरातगुजरात के वेरावल में 100 साल की दादी मां लकड़ी टेकते हुए...

गुजरात के वेरावल में 100 साल की दादी मां लकड़ी टेकते हुए जा रहीं सुरक्षित जगह, कहा – ‘ऐसे कई तूफान आए और गए’

गुजरात की ओर तेजी से बढ़ रहे चक्रवाती तूफान ‘ताऊ-ते’ के चलते सौराष्ट्र-कच्छ के तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का सिलसिला जारी है। इन्हीं लोगों में से एक हैं 100 साल की सोनाबेन खारवा, जो लकड़ी के सहारे पैदल ही सुरक्षित स्थल की ओर चल दीं।

उन्होंने कहा – मैंने ऐसे न जाने कितने तूफान देखे हैं, जो आए और आकर चले भी गए। वैसे भी यहां सोमनाथ दादा विराजमान हैं, वे तूफान को पीछे धकेल देंगे। तो उनके रहते डरना किस बात का।

पत्थरों की ओट से आशियाना बचाने की कोशिश।
पत्थरों की ओट से आशियाना बचाने की कोशिश।

लोगों को घरों की चिंता

तटीय इलाकों में कच्चे घर ही होते हैं। इसके चलते सुरक्षित स्थलों की ओर जा रहे लोगों को घरों की ही चिंता है कि तूफान में घर ढह गए, तो वे वापस आकर कहां रहेंगे। क्योंकि, एक-दो दिन बाद तो उन्हें वापस यही लौटना ही है। कई लोग छतों को उड़ने से बचाने के लिए उन पर भारी-भरकम पत्थर रखते नजर आए तो कई अपनी झुग्गियों को रस्सी से बांधते हुए।

लोगों ने अपने कच्चे घरों को रस्सियों बांध दिए हैं, जिससे कि वे बच सकें।
लोगों ने अपने कच्चे घरों को रस्सियों बांध दिए हैं, जिससे कि वे बच सकें।

बस एक ही चर्चा कि रात को क्या होगा

सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में तूफान के पहुंचने का समय रात के 11 से 12 बजे का बताया जा रहा है। इसके चलते गुजरात में सिर्फ यही चर्चा है कि रात को न जाने क्या होने वाला है।

99 गांव में अलर्ट जारी

गिर-सोमनाथ जिले में 10 किमी के दायरे में 99 गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। इनमें वेरावल तालुका के 28 गांव, सूत्रपाड़ा के 17 गांव, कोडिनार के 20 गांव और ऊना तालुका के 34 गांव शामिल हैं। तूफान की आशंका के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक बल ने मोर्चा संभाल रखा है। मछुआरों की कुछ बोटें समु्द्र में ही थीं, जिन्हें कोस्ट गार्ड द्वारा सुरक्षित बंदरगाहों पर वापस लाया जा चुका है। मछुआरों को दो दिन तक समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।

तूफान से झोपड़ी बचाने के लिए पत्थर व रस्सी से बांधी छत।
तूफान से झोपड़ी बचाने के लिए पत्थर व रस्सी से बांधी छत।

24 गांवों से 12,000 लोगों का पलायन

गिर-सोमनाथ तट के 99 गांवों में से 24 गांवों के 12,000 से अधिक लोगों ने पलायन कर लिया है। सभी को सोमनाथ और उसके आसपास के इलाकों में पहुंचाया जा रहा है। बाकी गांवों के लोग भी सोमनाथ शहर के आसपास बने साइक्लोन सेंटर की ओर रवाना किए जा रहे हैं। तूफान के आज रात 8 से 11 बजे के बीच तट से टकराने की आशंका है। इसके चलते कोशिश यही है कि शाम होने से पहले ही गांव खाली करा लिए जाएं।

प्लास्टिक बांधकर झोपड़ी को सुरक्षित करता एक परिवार।
प्लास्टिक बांधकर झोपड़ी को सुरक्षित करता एक परिवार।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments