Friday, September 24, 2021
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कोरोनावायरस : भारत में 11 लोगों को निगरानी में रखा गया; चीन में एक दिन में 15 मौतें, संक्रमण ऑस्ट्रेलिया-यूरोप तक पहुंचा

बीजिंग/पेरिस/न्यूयॉर्क. कोरोनावायरस से भारत में भी खतरे की आशंका है। 11 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें 7 केरल के हैं। उधर, चीन के वुहान में शुक्रवार को 15 लोगों की मौत हो गई, इसके चलते मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 41 तक पहुंच गया है। कोरोनावायरस का पहला मामला वुहान से ही सामने आया था। अकेले इस शहर में अब तक 38 लोगों की मौत हुई है। चीन सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए 13 शहरों को लॉकडाउन कर दिया, जिससे 3.5 करोड़ लोगों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया। इसका असर यह हुआ है कि चीन के दूसरे प्रांतों में अब तक सिर्फ 3 लोगों की ही इस वायरस से जान गई।

कोरोनावायरस के संक्रमण के मामले अब यूरोप के साथ ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच गए हैं। फ्रांस में तीन लोगों में संक्रमण का पता लगाया गया है। ऑस्ट्रेलिया में भी कोरोनावायरस का एक केस सामने आया है। चीन में जिन 15 लोगों की मौत हुई, उनकी उम्र 15 से 87 साल के बीच बताई गई है। इनमें 11 पुरुष और 4 महिलाएं हैं। इसके अलावा एक दिन में कोरोनावायरस के 400 नए मामले में भी सामने आए। इससे कुल पीड़ितों की संख्या 1300 तक पहुंच गई है।

भारत में चीन से आ रहे यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग 

शुक्रवार तक 20 हजार यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 दिन के भीतर 1789 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से दो के संक्रमित होने की आशंका है, जिन्हें मुंबई कस्तूरबा गांधी अस्पताल के स्पेशल वार्ड में निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा केरल में 80 लोगों को उनके घरों में चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। ऐहतियात के तौर पर दिल्ली एम्स में एक आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है।

मुंबई में दो यात्री कफ और खांसी की शिकायत के बाद निगरानी में लिए गए
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी तक कोरोनावायरस का कोई भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। बीते 14 दिनों से जांच की प्रक्रिया जारी है और इस दौरान चीन से लौटा कोई भी यात्री कोरोनावायरस से संक्रमित नहीं पाया गया। कस्तूरबा गांधी अस्पताल में जिन दो यात्रियों को रखा गया है, उन्हें कफ और खांसी की शिकायत थी। इनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर चीन से आने वाले किसी भी यात्री में कोरोनावायरस से संबंधित कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो उसे सीधे स्पेशल वॉर्ड में भेजें। यहां डॉक्टरों को सरकार कीॆ ओर से खास निर्देश दिए गए हैं कि कोरोनावायरस से किस तरह निपटना है।

वुहान में फंसे करीब 40 भारतीय छात्र खाने-पीने के सामान को तरसे
वुहान में करीब 700 भारतीय छात्र पढ़ते हैं। इनमें से करीब 40 छात्र वहां फंसे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे सुरक्षित और स्वस्थ हैं। वुहान यूनिवर्सिटी की एक मेडिकल स्टूडेंट के पिता कुमारन जे के मुताबिक, छात्रों का खाने-पीने का सामान खत्म हो रहा है। वहां यातायात के साधनों के साथ दुकानें बंद हैं। लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। बेंगलुरु निवासी कुमारन ने कहा, बुधवार को कुछ छात्र वुहान से निकलने की कोशिश में थे, तभी ट्रांसपोर्ट सेवाएं बंद कर दी गईं। भारतीय दूतावास ने कहा, चीनी अफसरों ने भारतीयों को खाने-पीने के सामान समेत हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया है।

वुहान में अस्पताल कम पड़े, 10 दिन में नया अस्पताल बनेगा
मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों में बिस्तर और डॉक्टर कम पड़ने लगे। इसे देखते हुए सेना के 40 डॉक्टर, सिविल डॉक्टरों की मदद में लगे हैं। चीन ने यहां नया अस्पताल बनाना शुरू कर दिया है। यह अस्पताल 10 दिन में तैयार हो जाएगा। 3 फरवरी से यहां इलाज भी शुरू हो जाएगा। 25 हजार वर्गमीटर में फैले इस अस्पताल में एक हजार बिस्तर होंगे।

12 देशों में सामने आए मामले:

देशमामलेमौत
चीन130041
थाईलैंड40
जापान10
मकाऊ10
जापान20
दक्षिण कोरिया20
ताइवान10
अमेरिका10
सिंगापुर10
नेपाल10
फ्रांस30
ऑस्ट्रेलिया10
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