Wednesday, September 22, 2021
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कोरोनावायरस : जापान में जहाज पर 138 भारतीय फंसे, 15 जनवरी के बाद चीन गए विदेशियों के भारत आने पर रोक; अब तक 812 की मौत

नई दिल्ली/बीजिंग. नोवेल कोरोनावायरस की वजह से अब तक 812 लोगों की मौत हो चुकी है। जापान के योकोहामा में खड़े क्रूज शिप डायमंड प्रिंसेज में अब वहां की सरकार सेना भेजने की तैयारी कर रही है। एक स्टाफ के मुताबिक,  लोगों को निकालने के लिए और सेफ्टी प्रोटोकॉल पूरा करने के लिए सेना बुलाया गया है। जहाज पर मौजूद एक भारतीय ने गुरुवार को फेसबुक पर वीडियो पोस्ट के जरिए मदद की गुहार लगाई थी। जहाज पर 138 भारतीय हैं, जिनमें 132 क्रू मेंबर्स और 6 यात्री हैं। इस शिप पर कोरोनावायरस से संक्रमित 64 लोग हैं। हालांकि, इनमें एक भी भारतीय शामिल नहीं हैं। जहाज पर कोरोनावायरस का मामला सामने आने के बाद जापान के क्रूज लाइनर ‘डायमंड प्रिसेस’ को अलग-थलग (क्वारैंटाइन) कर दिया गया था। यात्रियों की जहाज पर ही निगरानी की जा रही है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ट्वीट किया था- कई भारतीय क्रू मेंबर्स दल और यात्री कोरोनावायरस की वजह से जहाज पर फंसे हैं। अब तक किसी की भी पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई है। हम उन पर नजर बनाए हुए हैं।

उधर, भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शनिवार को कहा कि जो विदेशी 15 जनवरी को या उसके बाद चीन गए, उन्हें भारत आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीसीए ने शनिवार को एयरलाइंस को दिए अपने सर्कुलर में कहा कि पांच फरवरी से पहले चीनी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा निलंबित कर दिए गए हैं। चीन में कोरोनावायरस से 810 लोगों की मौत हो गई है। जबकि हॉन्गकॉन्ग और फिलीपींस में 1-1 युवक की जान गई है। चीन में 37111 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

किसी भी मार्ग से भारत में विदेशियों के प्रवेश पर रोक

  • डीजीसीए ने स्पष्ट किया- ये वीजा प्रतिबंध एयरक्रू पर लागू नहीं होंगे। एयरक्रू चीनी नागरिक या चीन से आने वाले अन्य विदेशी नागरिक हो सकते हैं। 15 जनवरी या उसके बाद चीन जाने वाले विदेशियों को भारत-नेपाल, भारत-भूटान, भारत-बांग्लादेश या भारत-म्यांमार भूमि सीमाओं समेत किसी भी हवाई, भूमि या बंदरगाह से भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
  • भारतीय एयरलाइंस में इंडिगो और एयर इंडिया ने दोनों देशों के बीच अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। स्पाइसजेट की दिल्ली से हॉन्गकॉन्ग के लिए उड़ान सेवा अभी जारी है। 1 और 2 फरवरी को एयर इंडिया ने चीनी शहर वुहान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए अपने दो विशेष विमान भेजे थे। सात मालदीव के नागरिकों समेत 647 भारतीयों को वहां से नई दिल्ली लाया गया था।

सार्स की तुलना में कोरोनावायरस से ज्यादा मौतें

कोरोनावायरस से होने वाली मौतों ने सार्स को पीछे छोड़ दिया है। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि सार्स 2002-03 में 26 देशों में फैला था और नौ महीने में 774 लोगों की जान गई थी। जबकि कोरोनावायरस की चपेट में 27 से ज्यादा देश हैं। इससे अब तक 812 लोगों की मौत हो चुकी है। चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 2649 लोग रिकवर हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हुबेई में 1400 लोग ठीक हो चुके हैं।

चीन ने कोरोनावायरस का नाम एनसीपी रखा

चीन ने कोरोनावायरस का नाम बदलकर नोवेल कोरोनावायरस निमोनिया (एनसीपी) रखा है। सरकार ने कहा है कि वहां की सरकारी संस्थाओं द्वारा इसे एनसीपी के नाम से जाना जाएगा। वायरस की वजह से चीन में 30 से ज्यादा शहरों को लॉकडाउन कर दिया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई प्रांत में 780 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोनावायरस के मामले
कोरोनावायरस के सिंगापुर में 33, थाईलैंड में 32, हॉन्गकॉन्ग में 26, जापान में 25, दक्षिण कोरिया में 24, ताइवान में 17, मलेशिया में 16, ऑस्ट्रेलिया में 15, जर्मनी और वियतनाम में 13. अमेरिका में 12, फ्रांस में 11, मकाऊ में 10, कनाडा और यूएई में 7-7, इटली, ब्रिटेन, फिलीपींस और भारत में 3-3, नेपाल, कंबोडिया, ब्लेजियम, स्पेन, फिनलैंड, स्वीडन, श्रीलंका में 1-1 मामलों की पुष्टि हुई है।

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