Tuesday, September 28, 2021
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नागरिकता कानून : जामिया हिंसा को लेकर 10 गिरफ्तार, इनमें छात्र नहीं; असम के डिब्रूगढ़ में कर्फ्यू में 14 घंटे की छूट

नई दिल्ली/गुवाहाटी/लखनऊ. नागरिकता संसोधन कानून (सीएए) को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद मंगलवार को पुलिस ने उपद्रव फैलाने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इनमें सभी आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। किसी भी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया गया।

असम में प्रशासन ने उपद्रव रोकने के लिए पिछले करीब 3 दिन से कर्फ्यू लगाया है। हालांकि, नागरिकों को इसमें नियमित रूप से छूट दी जा रही है। मंगलवार को कर्फ्यू में सुबह 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक ढील देने का ऐलान किया गया।

यूपी में उपद्रव रोकने के लिए सीएम योगी ने पुलिस प्रमुखों से देर रात बात की
उत्तर प्रदेश में उपद्रव रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस प्रमुखों से चर्चा की। योगी ने उन्हें दंगाईयों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने की सलाह दी। उत्तर प्रदेश के दो विश्वविद्यालयों में स्थिति भड़कने के बाद पांच जिलों- सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, मऊ और कासगंज में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।

मऊ में सोमवार रात उपद्रवियों ने दक्षिणटोला पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की और 15 वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ से निपटने के लिए आंसू गैसे के गोले दागे। आजमगढ़ के शिबली कॉलेज के छात्र भी विरोध प्रदर्शनों में कूद पड़े। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय उलेमा परिषद और बहुजन समाज पार्टी के समर्थन वाले छात्र गुटों ने रात में भाजपा और आरएसएस के विरोध में नारेबाजी की।

केरल में उत्तर प्रदेश में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन में जुटे लोग।

कैराना में मदरसा छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील
इलाहाबाद, बरेली और रामपुर में भी स्थिति संवेदनशील बनी है। उत्तर प्रदेश के शामली के पास कैराना में एसपी विनीत जयसवाल ने मदरसों का दौरा किया और छात्रों से शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए कहा। मुज्जफरनगर में डीएम और एसपी ने फ्लैग मार्च निकाला और शांति वार्ता रखीं।

केरल: 30 इस्लामिक-राजनीतिक दलों ने बंद बुलाया, बसों पर पथराव
केरल के तिरुवनंतपुरम में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मंगलवार को 30 इस्लामिक-राजनीतिक दलों ने सुबह से शाम तक हड़ताल बुलाई। इस दौरान सरकारी बसों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा पलक्कड़, वायनाड, कोझिकोड और कोच्ची के अलुवा में भी बसों पर पथराव हुआ।

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