Tuesday, September 28, 2021
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CIMS में हड़ताल पर गए 400 स्वास्थ्यकर्मी

वेतनवृद्धि और नियमितीकरण की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज सिम्स(CIMS) के लगभग 400 कर्मचारियों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अस्पताल में हड़ताल की अनुमति नहीं मिलने की वजह से कर्मचारियों ने रिवर व्यू में धरने पर बैठ गए है। कर्मचारियों का आरोप है की पिछले 7 साल से उनकी वेतनवृद्धि नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ अब हड़ताल की वजह से अस्पताल में भी अव्यवस्था दिखाई देने लगी है।

व्हील चेयर के इंतजार में बैठा मरीज। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
व्हील चेयर के इंतजार में बैठा मरीज। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

धरने पर बैठे हुए कर्मचारी लगातार सिम्स प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों में टेक्नीशियन,वार्डबॉय,आया,धोबी सहित तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी शामिल हैं।

आज सिम्स के ड्रेसिंग रूम में ताला लगा दिखाई दिया।
आज सिम्स के ड्रेसिंग रूम में ताला लगा दिखाई दिया।

ठेका कर्मचारियों और ट्रेनी डॉक्टर्स के भरोसे CIMS

कर्मचारियों के जाने से इलाज, जांच सहित कई काम प्रभावित ना हो इसके लिए सिम्स प्रबंधन ने 2 दिन पहले बैठक बुलाई थी। बैठक में नर्सिंग कॉलेज , डेंटल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के लोग भी शामिल हुए थे। डीन डॉ . तृप्ति नागरिया ने सभी कॉलेजों के अधिकारियों से सहयोग की मांग की थी। यही वजह रही कि आज से अस्पताल में ठेका कर्मचारियों और ट्रेनी डॉक्टर्स से भी काम लिया जा रहा है।

दवाई काउंटर पर अप्रशिक्षित कर्मचारी दे रहे दवाई।
दवाई काउंटर पर अप्रशिक्षित कर्मचारी दे रहे दवाई।

इन कामों पर पड़ रहा है असर

मरच्यूरी में पोस्टमार्टम

OPD में मरीज की जांच

लैब में खून , पेशाब के साथ अन्य जांच

इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर

सिम्स के दफ्तरों में काम

जन्म,मृत्यु प्रमाण पत्र का काम ठप

लेबर ओटी, माइनर ओटी का काम प्रभावित

मेजर ओटी का काम प्रभावित

एक्सरे , सिटी स्कैन और सोनोग्राफी सहित अन्य जांच वायरोलॉजी लैब में कोरोना की जांच संकट में

माइक्रोबायोलॉजी के समस्त कार्य

ब्लड बैक में मरीजों को ब्लड लेने में परेशानी

पैथोलैजी की सारी जांचें प्रभावित

मेडिसिन स्टोर से दवा बंटना मुश्किल

डाक्टर कर रहे ड्रेसिंग

अस्पताल के ड्रेसिंग रूम में आज ताला लटका दिखाई दिया। जिसकी वजह से डॉक्टर्स मरीजों की ड्रेसिंग करते दिखाई दिए। वहीं एमएस ऑफिस में भी बाबू गायब रहा। अधिकतर मरीजों को उनके परिजन ही व्हील चेयर पर लेकर जाते दिखाई दिए। तो वहीं कुछ मरीज ऐसे भी थे जिन्हे व्हील चेयर के इंतजार में बैठे दिखाई दिए। दवाई काउंटर पर भी अप्रशिक्षित कर्मचारी ही मरीजों को दवाई बांटते दिखाई दिए।

प्रबंधन भी जानता है कि हड़ताल लंबी चली तो परेशानी होगी

पूरे मामले में सिम्स CPRO आरती पांडे ने कहा, हमारी कोशिश है की मरीजों को इलाज में परेशानी न हो। इसके लिए हमने पहले से ठेका कर्मचारियों और ट्रेनी स्टाफ से सेवा लेने का फैसला किया है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से आने वाले समय में व्यवस्था पर असर तो पड़ेगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।

अस्पताल ने नहीं दी जगह इसलिए रिवर व्यू में प्रदर्शन

जिला कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमरु साहू ने बताया कि पिछले 7 साल से हम वेतन वृद्धि और रेगुलर किए जाने की मांग करते आ रहे हैं। लगातार हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। यही वजह है कि हमें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमें परिसर के अंदर धरने पर बैठने की मंजूरी नहीं दी इसलिए रिवर व्यू पर आज हम मौजूद है। हमने एसडीएम देवेंद्र पटेल से धरने पर बैठने के लिए एक निश्चित जगह की मांग की है। आने वाले वक्त में निश्चित जगह मिलने के बाद वहीं पर हड़ताल करेंगे।

भर्ती घोटाले की जांच पूरी न होने की वजह से रुका है वेतनवृद्धि

दरअसल, बता दें कि आज से 8 साल पहले बिलासपुर के सिम्स में वॉर्ड ब्वॉय, आया, चपरासी, क्लर्क, माली, ड्राइवर जैसे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। इस भर्ती में आरोप लगा था कि अपने रिश्तेदारों और पैसों की लेनदेन से अयोग्य और मनचाहे लोगों की भर्ती की गई थी।​​​​​​​​​​​​​​

सिम्स भर्ती घोटाले मामले की शिकायत केंद्रीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंचने के बाद मंत्रालय ने इस पूरे मामले की जांच करने और रिपोर्ट भेजने के निर्देश तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव सुब्रत साहू को दिए गए थे।​​​​​​​​​​​​​​ लेकिन जांच के कार्रवाई के पहले ही भर्ती से जुड़े सारे दस्तावेजों को घोटालेबाजों ने गायब कर दिया था।​​​​​​​​​​​​​​ कांग्रेस की सरकार आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री सिंह देव ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए है एसीबी को जांच के लिए निर्देश दिए थे।​​​​​​​​​​​​​​ वहीं ACB को पूरे मामले की जांच कर जल्द ही रिपोर्ट सौपने का निर्देश दिया गया थे। लेकिन आजतक इसकी जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है। ऐसे में प्रबंधन किसी भी कर्मचारी को न तो रेगुलर कर रहा है ना ही प्रमोशन दे रहा है। हड़ताल पर गए कर्मचारी भी इस विषय पर बोलने से बचते दिखाई देते हैं, क्योंकि उन्हें भी इस बात का डर है कि अगर जांच की रिपोर्ट आई तो उन पर भी गाज गिर सकती है।

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