Sunday, September 19, 2021
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ग्वालियर में ‘सांसें’ खत्म होने से 5 की मौत:जेएएच में 100 मीटर की दूरी पर खड़ा था भरा टैंकर केआरएच में खत्म हुई ऑक्सीजन

अंचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय समूह के कमलाराजा चिकित्सालय में मंगलवार की सुबह ऑक्सीजन खत्म हो जाने से पांच मरीजों की मौत हो गई। पिछले पांच दिन में ये दूसरा मौका है,जब जेएएच समूह में ऑक्सीजन न होने से मरीजों की जान गई। खास बात यह है कि जब ये हादसा हुआ तब ब-मुश्किल 100 मीटर की दूरी पर जेएएच परिसर में ऑक्सीजन टैंकर खड़ा था। यह टैंकर सुबह 8 बजे ही यहां पहुंचा था। जेएएच परिसर में ये मरीज केआरएच की तीसरी मंजिल पर भर्ती थे। इससे पहले शुक्रवार-शनिवार की रात मेडिसिन आईसीयू में ऑक्सीजन खत्म हो जाने से यहां भर्ती छह लोगों की मौत हो गई थी।

अंतिम प्रयास : केआरएच में ऑक्सीजन खत्म हुई तो मरीज को अंबू बैग के सहारे बचाने की कोशिश में जुटे परिजन।
  • सुबह 8 बजे 13 टन ऑक्सीजन लेकर जेएएच में आया था टैंकर, लेकिन केआरएच में भर्ती मरीजाें काे नहीं मिली, अटेंडेंट ने आपा खोया तो डॉक्टर जान बचाकर भागे

सुबह 11 बजे करीब केआरएच की तीसरी मंजिल पर भर्ती नोन-काेविड मरीजाें का ऑक्सीजन फ्लाे घटा ताे अफरा-तफरी मच गई। जूनियर डॉक्टरों और नर्सों ने अंबू बैग और दूसरे वार्डों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर मरीजों की जान बचाने के प्रयास किए, लेकिन एक घंटे में तीन मरीजाें की सांसें टूट गईं। मृतकाें में किलागेट निवासी जयप्रकाश सिंघल, दाल बाजार निवासी मीरा देवी, मुरैना की रामश्री शामिल हैं।

इसके दो घंटे बाद शिवपुरी के राजेश जैन और गदाईपुरा के संजय ने भी दम तोड़ दिया। मरीजाें की मौत के बाद उनके अटेंडेंट ने आपा खो दिया। वे डॉक्टर्स और नर्सों को गालियां देने लगे। अटेंडेंट के गुस्से काे देखकर डॉक्टर और नर्स वहां से जान बचाकर भाग गए। दोपहर 12 बजे कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक और ग्वालियर पूर्व के विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार केआरएच पहुंच गए। दोनों ने कलेक्टर और जेएएच के अफसराें से फोन पर बात कर तुरंत ऑक्सीजन का इंतजाम करने के लिए कहा। इसके बाद विधायक प्रवीण पाठक खुद सुपर स्पेशलिटी के पास खड़े ऑक्सीजन टैंकर तक पहुंचे और उसे केआरएच के प्लांट के लिए रवाना किया।

इस दौरान रास्ते में सेना का ट्रक खड़ा था, जिसे धकेलकर एक तरफ किया गया। दोपहर करीब 12:30 बजे ऑक्सीजन सप्लाई बहाल होने पर स्थिति सामान्य होने लगी। इसी दाैरान निगमायुक्त शिवम वर्मा पुलिस बल ने साथ मौके पर पहुंचे और लोगों की भीड़ को वहां से हटाया। इस बीच अटेंडेंट अधिकारियों और विधायकों से एक ही गुहार लगा रहे थे कि डॉक्टरों को बुलवा दो, ताकि हमारे मरीज का इलाज शुरू हो जाए।

कलेक्टर ने रुकवाया टैंकर तब मिली ऑक्सीजन

जेएएच में ऑक्सीजन का टैंकर सुबह 8 बजे आ गया था। टैंकर में 18 टन ऑक्सीजन थी। इसमें 13 टन जेएएच के लिए और 4 टन ऑक्सीजन दतिया मेडिकल कॉलेज के लिए थी। टैंकर से जेएएच और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्लांट भर दिए गए। अस्पताल के अधिकारियों ने बाकी ऑक्सीजन केआरएच के लिए भरने को कहा तो टैंकर चालक ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह ऑक्सीजन दतिया की है।

अधिकारियाें ने इसकी सूचना कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दी। कलेक्टर ग्वालियर ने दतिया कलेक्टर से बात की और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि टैंकर को रोका जाए। पुलिस अधिकारियों ने वायरलेस पर पुलिस बल को निर्देश दिए कि ऑक्सीजन टैंकर जहां भी दिखे उसे रोककर जेएएच भेजा जाए। इसके बाद टैंकर से 2 टन ऑक्सीजन केआरएच में भरी गई। शेष 2 टन वह दतिया ले गया।

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