Saturday, September 18, 2021
Homeउत्तर-प्रदेशगंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 5100 करोड़ का लोन ट्रांसफर

गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 5100 करोड़ का लोन ट्रांसफर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया। बताया कि मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 93% जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। ये उत्तर भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा। 594 किलोमीटर का सफर लोग साढ़े 6 घंटे में पूरा कर सकेंगे। अभी तक इतनी दूरी तय करने के लिए कम से कम 11 से 12 घंटे लगते हैं। यही नहीं, मेरठ से लखनऊ पहुंचने में केवल 5 घंटे लगेंगे। इसके लिए शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में सीएम योगी ने 5,100 करोड़ रुपए का सिक्योरिटाइजेशन लोन ट्रांसफर किया।

एक्सप्रेस-वे की खासियत

गंगा एक्सप्रेस-वे से मेरठ-प्रयागराज तक के 519 गांव जुड़ेंगे।

एक्सप्रेस-वे 6 लेन का होगा। इसे आगे बढ़ाया भी जा सकेगा।

इस पर 51 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसे 26 महीनों में पूरा करने का प्लान है।

एक्सप्रेसवे के निर्माण का पहला चरण 596 किलोमीटर लंबा होगा।

इसमें मेरठ, ज्योतिभा फुले नगर, हापुड़, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिले शामिल होंगे।

गंगा एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहनों की टॉप स्पीड 120 किमी प्रति घंटे तक सीमित रहेगी।

14 बड़े और 126 छोटे पुल बनाए जाएंगे

प्रस्ताव के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेस-वे में 14 बड़े और 126 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इसके अलावा आठ रोड ओवरब्रिज और 18 फ्लाईओवर होंगे। एक्सप्रेस-वे के रूट में पड़ने वाली गंगा नदी पर एक किलोमीटर का पुल और रामगंगा पर 720 मीटर का पुल बनाया जाएगा।

इस एक्‍सप्रेस-वे पर नौ जन सुविधा परिसर, 2 मेन टोल प्‍लाजा और 12 रैंप टोल प्‍लाजा होंगे। एक्सप्रेस-वे के पास कई तरह की इंडस्ट्री खोलने की भी तैयारी है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, मेडिकल इंस्टीट्यूट की स्थापना भी होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments