Friday, September 17, 2021
Homeमध्य प्रदेशखेल-खेल में चली गई 7 साल के बच्चे की जान:जबलपुर में तार...

खेल-खेल में चली गई 7 साल के बच्चे की जान:जबलपुर में तार से लटक रही चुनरी में फंस गया था गला

जबलपुर में खेल-खेल में 7 साल के बच्चे की जान चली गई। लोहे के तार पर सूख रही चुनरी पकड़ कर खेल रहा था। इसी दौरान उसका गला फंस गया। पड़ोस में रहने वाली रिश्तेदार की आवाज सुनकर परिवार के लोग दौड़े। पिता चुनरी से लिपटे बेटे छुड़ाकर विक्टोरिया अस्पताल भागा। यहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पीयूष से छोटी दो बहनें हैं। रक्षाबंधन से पहले इकलौते भाई की मौत से उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

मासूम पीयूष की खेल-खेल में चली गई जान।

हनुमानताल पुलिस के मुताबिक घटना बुधवार शाम बाबा टोला ठक्कर ग्राम की है। कुशलव का इकलौता बेटा पीयूष (7) आंगन में खेल रहा था। कुशलव और उसकी पत्नी, रिश्ते की चाची कमला चौधरी घर के दूसरे कामों में व्यस्त थीं। उसी शाम 4.30 बजे के लगभग पड़ोस की रहने वाली दादी की चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़कर पहुंचे तो पीयूष तार से लटका मिला। चुनरी में किसी तरह की गठान नहीं थी। पास में ही एक छोटा स्टूल पड़ा था। उसी पर चढ़कर वह चुनरी पकड़ कर खेल रहा था।

पीयूष की मौत के बाद मचा घर में कोहराम।
पीयूष की मौत के बाद मचा घर में कोहराम।

 

विक्टोरिया अस्पताल में डॉक्टर ने किया मृत घोषित

पीयूष को पिता कुशलव लेकर विक्टोरिया अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। करीब 5 बजे हनुमानताल पुलिस को खबर मिली। सीएसपी अखिलेश गौर, टीआई उमेश गोल्हानी और एफएसएल की डॉक्टर नीता जैन मौके पर पहुंची। डॉक्टर जैन के मुताबिक मासूम के गले में सामने और साइड में कसाव का निशान मिला है। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रथम दृष्टया दम घुटने से ही मौत होना प्रतीत हो रहा है। सीएसपी गौर के मुताबिक पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

पड़ोस की दादी कमला चौधरी ने सबसे पहले पीयूष को चुनरी से लटके देखा।
पड़ोस की दादी कमला चौधरी ने सबसे पहले पीयूष को चुनरी से लटके देखा।

 

घर में मचा कोहराम, पड़ोस की दादी ने सबसे पहले देखा

रिश्ते की दादी कमला चौधरी के मुताबिक वह शाम को मीटिंग के लिए बुलाने कुशलव के घर पहुंची तो देखा कि पीयूष काली चुनरी से लटका था। उसके मुंह से लार निकल रही थी। चीख सुनकर परिवार के अन्य लोग दौड़े। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग भी दौड़कर आ आए। कुशलव मासूम को लेकर अस्पताल गया, तब तक देर हो चुकी थी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments