Sunday, September 19, 2021
Homeराज्यगुजरातताऊ ते से गुजरात में 79 मौतें:सरकारी आंकड़ों में 45 मौतें ही...

ताऊ ते से गुजरात में 79 मौतें:सरकारी आंकड़ों में 45 मौतें ही बताई गईं, 2 लाख से ज्यादा लोग शेल्टर होम में

गुजरात में ताऊ ते तूफान से मरने वालों के असल आंकड़े और सरकारी आंकड़ों में बड़ा अंतर नजर आ रहा है। सरकारी आंकड़ों में तूफान से कुल 45 मौतें बताई गई हैं, लेकिन भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात के 12 जिलों में तूफान से 79 लोगों की मौत हुई है।

ताऊ ते तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान गुजरात के अमरेली, गिर-सोमनाथ, जूनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, भावनगर, बोटाद जिलों में हुआ है।

तूफान के कारण 9 जिलों में 9 इंच तक बारिश हुई है। 28,702 कच्चे और 1327 पक्के मकानों को नुकसान हुआ है। 2.38 लाख लोगों को शेल्टर होम में रखा गया, जिससे उनकी जान बची।

दूसरी ओर, इस बार अम्फान और निसर्ग की तरह शुरुआत से आखिर तक ताऊ ते की ट्रैकिंग नहीं की जा सकी। वजह रही- मुंबई रडार का काम न करना। यह बात मौसम विभाग छिपाता रहा। विभाग ने कहा था कि तूफान 18 मई को द्वारका के पास टकराएगा। बाद में बताया कि तूफान 17 मई को दीव से टकराएगा।

3 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान

तूफान से प्रदेश में 3 हजार करोड़ के नुकसान होने का अनुमान है। केवल 4 जिलों में ही 1100 करोड़ का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक बिजली क्षेत्र में 1400 से 1500 करोड़, कृषि क्षेत्र में 1000 से 1200 करोड़ और दूसरे क्षेत्रों में 450 करोड़ का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने तूफान प्रभाविताें को 7 दिन तक रोजाना वयस्क को 100 और बच्चों 60 रुपए कैशडोल देने की घोषणा की है।

20 हजार से ज्यादा कच्चे मकान प्रभावित

तूफान के कारण गुजरात के तटवर्ती इलाके तबाह हो गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान अमरेली, गिर-सोमनाथ, जूनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, भावनगर, बोटाद जिलों में हुआ है। चार जिलों में 1100 करोड़ की फसलें नष्ट हो गईं। तूफान के कारण गुजरात के 5958 गांवों में अंधेरा छा गया था। 2 लाख से अधिक पेड़ गिरने का अनुमान है। गुजरात के कई जिलों में करीब 112 रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ। 20 हजार से ज्यादा कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा। सबसे ज्यादा नुकसान गुजरात के अमरेली, गिर-सोमनाथ, जूनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, भावनगर, बोटाद जिलों में हुआ।

जज्बा: नौसेना ने 620 लोगों को बचाया

तूफान के दौरान चार जहाज लापता हो गए थे। कुल 707 लोग सवार थे, जिनमें से 620 लोगों को बचा लिया गया है। रेस्क्यू को लेकर आईएनएस कोच्चि के कैप्टन सचिन सिक्वेरी ने बताया कि हवाएं 100 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही थीं। 10 मीटर तक ऊंची लहरें उठ रही थीं। इन स्थितियों में भी हमारी टीम लोगों की तलाश करती रही और 188 लोगों को बचाने में सफल रही।

बार्ज पी305 पर सवार प्रमोद बताते हैं कि 17 मई को शाम 4 बजे जहाज डूबने लगा था। इसे देख मैंने समुद्र में छलांग लगा दी। मेरे कई साथी भी कूदे। इस दौरान हमें चोटें भी आईं। लेकिन, जान बचाने के लिए हम 19 घंटे तक तैरते रहे। इस दौरान कई लोग एक-दूसरे का हाथ भी थामे रहे। 18 मई, सुबह 11 बजे जब नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोच्चि और आईएनएन कोलकाता पहुंचे, तब हमारी जान बचाई जा सकी।

आपबीती: शिप पर 25 घंटे तक मौत से जूझती रहीं 102 जानें

शिप में फंसे ओएनजीसी के 29 वर्षीय डेटा इंजीनियर आकाश भटनागर ने कौशल मुदगल को बताया, ‘मैं कंपनी के 101 साथियों के साथ 9 मई को भूषण शिप पर सवार हुआ था। एक दिन बाद ही तूफान की खबरें आने लगी थीं। 16 मई, रात 11 बजे समुद्र में तेज लहरें उठने लगीं। जब तक हम कुछ समझ पाते, तब तक शिप नियंत्रण से बाहर होकर लहरों के साथ चलने लगा। शिप पर अफरा-तफरी मच गई। आंखों के सामने मौत का मंजर तैरने लगा।

उम्मीद थी कि सुबह राहत मिलेगी। लेकिन, सुबह होते ही तूफान के भयावह दृश्य को देखकर लगा कि अब बचना मुश्किल है। 25 घंटे तक अनियंत्रित शिप तूफान के साथ बहता रहा। 17 मई, रात 12 बजे एक जगह शिप खुद रुका। हम गुजरात सीमा में थे। कुछ घंटों बाद नौसेना का दल पहुंचा, जो हमारे शिप को खींचकर मुंबई ले गया। हम बच गए।

मृतकों के परिवार को 6 लाख रुपए

सीएम ने कोर कमेटी की बैठक लेने के बाद मृतकों के परिवारों को 4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सहायता केंद्र सरकार की 2 लाख रुपए की सहायता के अलावा होगी। चक्रवाती तूफान में मृतकों के परिवारों को अब 6 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। घायलों को राज्य सरकार 50 हजार देगी, जो केंद्र से अलग है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुजरात के उना, जाफराबाद, महुआ और दीव के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था। उन्होंने गुजरात को तत्काल 1000 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments