दिल्ली-मुंबई में छिपे हैं दुबई से लौटे सट्टे बाज़,300 से अधिक बैंक खाते मिले

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महादेव बुक आनलाइन सट्टा का जाल छत्तीसगढ़ के लगभग 12 जिलों में फैल चुका है। पुलिस ने 80 सट्टेबाजों की सूची बनाई है। उनके यहां लौटने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि दुबई से लौटे सट्टेबाज गिरफ्तारी के डर से मुंबई व दिल्ली में होटलों के साथ ही रिश्तेदारों एवं दोस्तों के घर पर छिपे हुए हैं। पुलिस की जांच में मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर के पाकिस्तानियों से तार जुड़े निकले हैं। पुलिस जल्द ही लुकआउट नोटिस जारी करेगी। पुलिस ने कार में बैठकर सट्टा खिला रहे नौ सटोरियों को गिरफ्तार किया है आरोपित महादेव, रेड्डी अन्ना एप से सट्टा संचालित कर रहे थे। ये भिलाई, दुर्ग के रहने वाले हैं। पुलिस ने छह लैपटाप, 10 मोबाइल, 15 हजार रुपये, कार और लाखों रुपये की सट्टा-पट्टी का हिसाब जब्त किया है। पिछले एक हफ्ते में 99 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पिछले दिनों डीडी नगर पुलिस ने 25 सटोरियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में कई जानकारी मिली थी। शनिवार रात गंज पारा स्थित मैदान में चार व्यक्ति कार में आनलाइन सट्टे का संचालन कर रहे थे।

आरोपियों ने अपना नाम विजय कुमार गिरी, आयुष निर्मल, राज यादव और सुंदरलाल विश्वकर्मा निवासी दुर्ग बताया। इसके बाद आरोपितों ने भिलाई, दुर्ग निवासी एसए आसिफ, पी. जार्ज, आकाश, धर्मेंद्र और गणेश के बारे में बताया। इसके बाद बाकी को भिलाई से गिरफ्तार किया गया। आरोपित विजय कुमार गिरी एक्सिस बैंक में काम करता है। वह आसानी से खाता उपलब्ध करवा देता था। इसमें एसए आसिफ पूरे अकाउंट को चलाता था। एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट के एएसपी अभिषेक माहेश्वरी ने बताया कि गिरफ्तार सटोरियों के 300 से अधिक बैंक खाते मिले हैं। इनमें से अधिकांश खाते झारखंड, उत्तर प्रदेश में हैं। जांच के बाद ही साफ होगा कि कितनी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ है। गिरफ्तार सटोरियों से पूछताछ से पता चला है कि सौरभ और रवि उप्पल ने दुबई पहुंचने के बाद दो पाकिस्तानियों से संपर्क किया। दोनों को बिजनेस पार्टनर बनाकर आनलाइन सट्टे के कारोबार में करोड़ों रुपये निवेश कराए। सट्टे के गेम प्लान में पहले ही सौरभ और रवि ने दुबई के एक शेख को जोड़ रखा था। फिर हैदराबाद के रेड्डी अन्ना एप के संचालक से मिलकर इस अवैध कारोबार की ट्रेनिंग ली। इन निवेशकों के साथ रायपुर और भिलाई के करीब आठ सराफा, कपड़ा कारोबारी समेत बिल्डर और सफेदपोश भी सट्टेबाजी के खेल में शामिल हैं।

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