Saturday, September 25, 2021
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आज बंद रहेगा सराफा बाजार, करीब 80 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

मेरठ सहित पूरे उत्तर प्रदेश के सराफ बाजारों में आज हॉलमार्क यूनिक आईडेंटीफिकेशन नंबर (HUID) के विरोध में सांकेतिक बंदी रहेगी। देश भर में होने वाले इस सांकेतिक बंद को उत्तर प्रदेश के सराफा कारोबारियों ने समर्थन दिया है। ज्वैलर्स की मांग है कि सरकार ज्वैलरी पर HUID को वापस ले या फिर ज्वैलर्स की मांगों के अनुसार इस नियम में संशोधन करे। मेरठ में इस बंदी से लगभग करीब 80 करोड़ रुपए का नुकसान सराफा कारोबार को होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में खत्म होगा कारोबार

सराफा कारोबारियों की मांग है कि सरकार हॉलमार्क लागू रखें लेकिन एचयूआईडी के नियम को वापस ले। भगत ज्वैलर्स के संचालक आकाश मांगलिक के मुताबिक हर ज्वैलर्स को नए नियम के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य हो जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के सुनारों का काम मुसीबत में पड़ेगा। ग्रामीण जनता छोटा निवेश करती है उसके पास पैन नंबर नहीं होता लेकिन नए नियम के तहत उसे पैन नंबर देना होगा। ऐसे में छोटा कारोबारियों का बिजनेस खत्म हो जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के कारोबारियों के जीएसटी नंबर और खाते का मेंटीनेंस भी मुश्किल होगा।

50 ज्वैलर पर 1 हॉलमार्क सेंटर बनाया जाए

मेरठ बुलियन ट्रेडर्स के अध्यक्ष प्रदीप का कहना है कि सरकार को हॉलमार्क सेंटर की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। 50 से अधिक सराफा कारोबारी पर एक हॉलमार्क सेंटर खुलवाए जाए। हर जिले में ये सुविधा मिले। HUID में हर ग्राहक की सारी जानकारी सरकार को रोजाना देनी होगी जानकारी देने से ग्राहक बचता है। हर ज्वैलरी पर यूआईडी बनाना भी कारोबारी के लिए मुश्किल है।

स्टॉक डिक्लरेशन को खत्म करे सरकार

नीलगली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश रस्तोगी का कहना है कि स्टॉक क्लीयरेंस न होने पर सराफा कारोबारियों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। नए कानून के अनुसार ज्वैलर रोजाना स्टॉक बताएगा तो इससे असुरक्षा बढ़ेगी। रोजाना बिक्री बताना, ग्राहक का नाम, पता, पैन नंबर सरकार को बताने से गोपनीयता भंग होती है। ग्राहक भी डिटेल सार्वजनिक करने से बचता है।

टैक्स छूट की सीमा 40 लाख से बढ़ाई जाए

नए कानून के अनुसार 40 लाख के टर्नओवर तक टैक्स में छूट है। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजयानंद अग्रवाल का कहना है कि सराफा कारोबार के अनुसार यह सीमा बहुत कम है। सरकार टैक्स में छूट की सीमा को बढ़ाए। सराफा कारोबार में लेनदेन बड़ा होता है लेकिन मुनाफा कम मिलता है। इससे ज्वैलर्स को नुकसान है।

मुख्य बिंदु

मेरठ एशिया की सबसे बड़ी सोना मंडी है।हाथ से सोने के गहने बनाने के लिए मशहूर है।

मेरठ से हैंडमेड गोल्ड ज्वैलरी गल्फ कंट्रीज और देशभर में सप्लाई होती है।

80 हजार बंगाली, मराठी कारीगर हाथ से गहने बनाते हैं।

मेरठ में 3500 पंजीकृत और 2500 छोटे सराफा कारोबारी है।

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