Saturday, September 18, 2021
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कैप्टन और सिद्धू के सलाहकार आमने-सामने

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कड़ी फटकार के बावजूद पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के सलाहकार खामोश नहीं हो रहे हैं। सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली ने फिर कैप्टन पर निशाना साधा है। माली ने सोशल मीडिया पर लिखा कि डॉ. प्यारे लाल गर्ग तो बहाना है, असल में नवजोत सिद्धू के करतारपुर साहिब के कॉरिडोर के वक्त बाबा गुरुनानक के फलसफे के अनुसार उठाए कदम पर निशाना है। सिद्धू ने पाकिस्तान जाकर वहां के PM इमरान खान से दोस्ती के खूब कसीदे गढ़े थे। वहीं, पाकिस्तान आर्मी चीफ को भी गले लगाया था।

माली ने कैप्टन को निशाना बनाती अपनी उस पुरानी पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें कहा गया कि “पंजाब पूछ रहा है – तू यहां-वहां की बात मत कर और बता कि काफिला क्यों लूटा। हमें गैरों से शिकायत नहीं लेकिन तेरी रेहबरी पर सवाल है। माली ने इसमें 3 लाख करेाड़ का कर्जा, युवाओं की विदेशों की तरफ दौड़, किसान व मजदूरों की खुदकुशी और दिल्ली बॉर्डर पर होने के बारे में सवाल उठाए हैं।

पहले सिद्धू के सलाहकारों की विवादित टिप्पणियां

नवजोत सिद्धू के सलाहकार मालविंदर माली लगातार कैप्टन विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि मुद्दा तब भड़का जब माली ने कहा कि कश्मीर पर भारत ने कब्जा कर रखा है। माली ने कश्मीर को अलग देश बताते हुए उसे आजाद करने को कहा था। इसके बाद माली ने 1989 की एक पंजाबी मैगजीन जनतक पैगाम का कवर पेज अपनी प्रोफाइल में लगाया, जिसमें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी खोपड़ियों के ढ़ेर पर खड़ी हैं और हाथ में पकड़ी बंदूक के आगे भी खोपड़ी लटक रही है। इसे 1984 में पंजाब में हुए दंगों से जोड़कर देखा जा रहा है। जिसके लिए सिख समाज आज भी इंदिरा गांधी को जिम्मेदार मानता है। वहीं, प्यारे लाल गर्ग ने कैप्टन की पाकिस्तान विरोधी टिप्पणियों पर सवाल उठाए थे। गर्ग ने कहा था कि इससे पंजाब के हित प्रभावित हो रहे हैं।

कैप्टन ने कहा था- सिर्फ सलाह देने तक सीमित रहो

कैप्टन ने रविवार को दोनों सलाहकारों को फटकार लगाई थी कि वो पंजाब और देश विरोधी बात न करें। सिर्फ सिद्धू को सलाह देने तक सीमित रहें। कैप्टन ने कहा था कि जिस बारे में उन्हें पूरी जानकारी न हो और उसके प्रभावों से अनजान हों, उसके बारे में सलाहकारों का नहीं बोलना चाहिए। कैप्टन ने सिद्धू को भी कहा था कि वो अपने सलाहकारों की बेतुकी बयानबाजी पर अंकुश लगाएं।

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