Thursday, September 23, 2021
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चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की संस्थाओं को कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए तीन स्थानों पर जगह दी

शहर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे है,जिसके चलते संक्रमित मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण प्रशासन की ओर से संस्थाओं व गणमान्य लोगों को शहर में कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए अपील की गई थी। इसी के तहत शहर की संस्थाऐं आगे आई और प्रशासन को पूरा सहयोग कर रही है।

आज भारत विकास परिषद व कॉम्पिटेंट फाउंडेशन की ओर से इंदिरा हॉलीडे होम में कोविड केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया। एडवाइजर ने कहा मरीजों को मदद मिलेगी।

आज खुला इंदिरा हॉलीडे होम में कोविड केयर सेंटर

आज सेक्टर-24 के इंदिरा हॉलीडे होम में भारत विकास परिषद व कॉम्पिटेंट फाउंडेशन की ओर से बनाए गए कोविड केयर सेंटर का उद्घाटन करने के लिए एडवाइजर मनोज परिदा पहुंचें । यहां पर परिषद की ओर से 50 बेड का केयर सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर के बनने से शहर में संक्रमित मरीजों को और ज्यादा फायदा होगी और उनका इलाज हो सकेगा। एडवाइजर ने कहा कि भारत विकास परिषद की ओर से बनाए गए कोविड केयर सेंटर से संक्रमित मरीजों को सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करना चाहिए और जरूरी काम हो तो ही वे अपने घरों से बाहर निकले।

कॉम्पिटेंट फाउंडेशन के संजय टंडन ने कहा कि सेंटर में आने वाले मरीजों के लिए उनकी बेड पर श्रीमद् भागवत गीता रखी गई है उसके अलावा स्टीमर और अन्य जरूरी चीजें रखी गई है।

शहर की संस्था को बड़ी ज़िम्मेवारी सौंपी

प्रशासन की ओर से बाल भवन में 50 बेड बनाने वाली संस्था श्री गुरु ग्रंथ साहिब सोसायटी को अब प्रशासन ने 100 और बेड बनाने के लिए इंफोसिस सराय बिल्डिंग में जगह दे दी है। सोसायटी की ओर से यहां पर सेंटर बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। प्रशासन ने अब ये कंडीशन भी रख दी है कि जो भी संस्था जितने बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू करेगी, उसके 80 फीसदी बेड ऑक्सीजन फैसेलिटी के होंगे ताकि जो गंभीर मरीज होंगे, उनके इलाज में दिक्कत न आए।

ऑक्सीजन गैस 80 फीसदी बेड पर होगा

नोडल अफसर यशपाल गर्ग (आईएएस) ने बताया कि जो भी संस्था सेंटर शुरू करना चाहती है, उसे 80 फीसदी बेड आॅक्सीजन फैसेलिटी के साथ तैयार करने होंगे। हालाकि, प्रशासन की तरफ से यह इंतजाम जरूर किया है कि उनके सिलेंडर्स उन्हीं वेंडर्स से रीफिल हो सकेंगे जो सरकारी अस्पतालों के कर रहे हैं। पहले से तय दाम पर ही रीफिलिंग होगी, लेकिन ये खर्चा सेंटर्स को चलाने वाली संस्थाओं को उठाना पड़ेगा।नोडल अफसर ने बताया कि 150 बेेडेड कोविड केयर सेंटर शुरू करने को और मंजूरी दे दी गई है।

संस्था बना रही केयर सेंटर

बाल भवन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब सेवा सोसायटी ने 50 बेडेड सेंटर शुरू किया गया है, यहां पर 40 बेड ऑक्सीजन फैसेलिटी के साथ है। इस सोसायटी ने बेहतरीन सुविधाएं यहां शुरू की हैं, इसको देखते हुए प्रशासन ने पीजीआई स्थित इंफोसिस सराय बिल्डिंग में भी इस संस्था को जगह दी है। यहां पर संस्था अब 100 बेेडेड कोविड सेंटर शुरू करेगी। सोसायटी की तरफ से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द इस सेंटर को शुरू कर देगी और शुरू में यहां 80 बेड ऑक्सीजन फैसेलिटी के साथ होंगे।

बी श्योर कंपनी बनाएगी 25 बेड सेंटर

प्रशासन की ओर से शहर की बी श्योर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ को अरबिंदो स्कूल सेक्टर-27ए में कोविड केयर सेंटर बनाने की मंजूरी दी है। कंपनी की ओर से यहां पर 25 बेड का सेंटर तैयार किया जाएगा।

श्री सत्य साईं ग्रामीण जागृति 50 बेड का सेंटर बनाएगी

इसके अलावा तीसरा सेंटर सेक्टर-8 के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बैडमिंटन हाॅल में शुरू किया जाएगा। इस सेंटर को चलाने के लिए श्री सत्य साई ग्रामीण जागृति को मंजूरी दी गई है। जो यहां 50 बेडेड कोविड सेंटर शुरू करेगी।

ऑक्सीजन की सप्लाई देखने को बद्‌दी में तैनात किए दो अफसर

यूटी चंडीगढ़ को हर रोज 20 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन का कोटा तय किया गया है जो कि बद्दी के एक प्लांट से चंंडीगढ़ को मिलता है। इस वक्त ऑक्सीजन की सप्लाई पर ही सबसे ज्यादा फोकस है क्योंकि अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई ज्यादा से ज्यादा चाहिए। अब प्रशासन ने अपने दो अफसरों की ड्यूटी ही बद्दी के इस ऑक्सीजन प्लांट में लगा दी है ताकि हर रोज होने वाली सप्लाई बेहतर तरीके से होती रही। दरअसल, प्लांट से बाकी राज्यों जैसे पंजाब व अन्य जगह भी मेडिकल ऑक्सीजन भेजी जाती है इसके चलते कुछ दिन से चंडीगढ़ की सप्लाई पर भी कुछ असर पड़ रहा था। प्रशासन के मुताबिक वहां पर अपने अफसर नहीं होने के चलते फोन पर ही बातचीत होती है लेकिन कई बार कम ऑक्सीजन भेज दी, कभी काफी देर बाद सप्लाई पहुंच रही थी जबकि इस वक्त ऑक्सीजन तय कोटा और टाइम पर पहुंचना बेहद जरूरी है। इसके चलते ही दोनों अफसरों को वहां प्लांट में लगा दिया है ताकि जितना कोटा सरकार ने तय किया है वह टाइम पर और पूरी मात्रा में चंडीगढ़ में पहुंच सके।

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