Thursday, September 23, 2021
Homeराजस्थानजैसलमेर : रेगिस्तान की सर्द रात में जायजा लेने बॉर्डर पर पहुंचे...

जैसलमेर : रेगिस्तान की सर्द रात में जायजा लेने बॉर्डर पर पहुंचे मुख्य न्यायाधीश बोबड़े, महिला सिपाहियों से सुनी उनकी परेशानियां

जोधपुर. देश के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े गुरुवार देर रात सर्दी के मौसम में बर्फ के समान ठंडे रेतीले धोरों के बीच बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात बीएसएफ के जवानों के साथ काफी देर तक यहां के हालात के बारे में बात की। मुख्य न्यायाधीश ने रेगिस्तान के विषम हालात में सीमा की रक्षा को डटी महिलाओं से अलग से बातचीत कर उन्हें आ रही परेशानियों को समझा। इससे पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने सीमा के समीप पर स्थित 1200 वर्ष पुराने मातेश्वरी तनोट राय मंदिर में पूजा अर्चना की।

मुख्य न्यायाधीश बोबड़े गुरुवार दोपहर चार दिवसीय यात्रा पर जैसलमेर पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी सहित परिवार के 6 सदस्य यहां आए हैं। जैसलमेर में थोड़ी देर ठहरने के पश्चात वे अपने परिवार सहित तनोट के लिए रवाना हो गए। तनोट में शाम की आरती में शामिल होकर उन्होंने पूजा अर्चना की। उन्हें यह देख आश्चर्य हुआ कि इस मंदिर का पुजारी भी बीएसएफ का जवान ही है। वहां तैनात अधिकारियों ने उन्हें मंदिर के इतिहास से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने मंदिर के बाहर स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन किया।

तनोट मंदिर से वे रात को परिवार सहित भारत-पाक सीमा का जायजा लेने निकल पड़े। सर्द रात के बावजूद बॉर्डर पर डटे जवानों से मिलकर उन्होंने यहां के हालात पर चर्चा की। वहां तैनात महिला सिपाहियों को देख मुख्य न्यायाधीश बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि महिलाएं भी देश की सीमाओं की रक्षा करने में पुरुषों के कंधे से कंधा मिला रही है। इसके बाद उन्होंने वहां तैनात महिलाओं से काफी देर तक बातचीत की। उनका मुख्य फोकस इसी पर रहा कि इन महिलाओं को ऐसे विषम हालात में किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान देख वे बहुत प्रसन्न हुए और उनके हौसले की तारीफ की। बाद में तनोट सीमा चौकी पर उन्होंने बीएसएफ के अधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर जैसलमेर के लिए विदा किया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments