Sunday, September 26, 2021
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सुविधा – आयकर रिटर्न भरने का समय एक महीने बढ़ा, 31 अगस्त तक फाइल कर सकेंगे

  • टीडीएस विवरण देरी से जारी होने के बाद तारीख बढ़ाने की मांग की जा रही थी
  • फॉर्म 16 जारी करने के लिए कंपनियों का समय बढ़ाकर 10 जुलाई तक किया गया था

नई दिल्ली. आयकर विभाग ने 2018-19 के आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख एक महीने बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को बताया कि सैलरी क्लास सहित व्यक्तिगत और ऐसे करदाताओं के लिए तारीख बढ़ाई गई है जिनके खातों के ऑडिट की जरूरत नहीं होती है। टीडीएस विवरण देरी से जारी होने के बाद रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाने की मांग की जा रही थी। आयकर विभाग ने पिछले महीने टीडीएस का फॉर्म 16 जारी करने के लिए कंपनियों का समय बढ़ाकर 10 जुलाई तक कर दिया था।

आईटीआर के सात फॉर्म में से सही का चुनाव जरूरी
इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए उचित फॉर्म का चयन भी जरूरी है। साथ ही आप अपनी इनकम के स्रोत के हिसाब से रिटर्न का तरीका भी चुन सकते हैं। अगर आप आईटीआर-1 और आईटीआर-4 भर रहे हैं तो आप इसे सीधे ऑनलाइन भरेंगे तो ज्यादा आसानी होगी।

वेतन, व्यापार या व्यवसाय से लाभ, घरेलू संपत्ति से आय, कैपिटल गेन से आय व इनके अलावा अन्य स्रोतों से होने वाली आय को कर योग्य माना जाता है। आय के स्रोत के आधार पर ही करदाता संबंधित फॉर्म पर रिटर्न दाखिल करता है। आयकर विभाग ने आय के स्रोत के मुताबिक सात रिटर्न फॉर्म तय किए हैं और हर करदाता को यह देखकर कि उसकी आय किस तरह की है, सही फॉर्म का चुनाव करना चाहिए।

इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म
आईटीआर 1 (सहज) : जिनकी वेतन, पेंशन, किराया, ब्याज या अन्य स्रोतों से होने वाली कुल आय 50 लाख तक है। यह एनआरआई के लिए नहीं है।

आईटीआर 2 : व्यक्तिगत अथवा हिंदू अविभाजित परिवार जिनकी आय किसी व्यापार से नहीं है।
आईटीआर 3 : व्यक्तिगत अथवा हिंदू अविभाजित परिवार जिनकी आय किसी व्यापार से है।
आईटीआर 4 : व्यापार और व्यवसाय से आय।
आईटीआर 5 : जो व्यक्तिगत, हिंदू अविभाजित परिवार, कंपनी नहीं हैं अथवा आईटीआर 7 को नहीं भर रहे हैं।
आईटीआर 6 : सेक्शन 11 के तहत छूट मांगने वाली कंपनियों के अतिरिक्त कंपनियां।
आईटीआर 7: वे लोग या कंपनियां जिनको सेक्शन 139(4 ए) या 139(4 बी) या 139(4 सी) या 139(4 डी) या 139(4 ई) या 139(4 एफ) के तहत रिटर्न दाखिल करने की जरूरत है।

इनकम टैक्स से छूट लेने के कुछ प्रमुख सेक्शन
सेक्शन 80 सी: इसके तहत आपको सालाना अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक की आय पर छूट मिल सकती है। इसमें आपके द्वारा पीपीएफ, ईपीएफ, बैंक में टैक्स फ्री फिक्स डिपोजिट, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, ईएलएसएस म्यूचुअल फंड, बच्चे की एजुकेशन फीस, जीवन बीमा का प्रीमियम आदि के रूप में जमा राशि पर छूट मिलती है।
सेक्शन 80 सीसीडी: नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) इसमें अधिकतम वेतन (मूल+डीए) का 10 फीसदी जमा किया जा सकता है। इस जमा पर सालाना 50,000 रुपए की आय पर छूट मिलती है, तो 80 सी के तहत मिलने वाली छूट के अलावा होती है।
सेक्शन 80 ईई: अगर आपने 2016-2017 में पहली बार घर 50 लाख तक का घर खरीदने के लिए 35 लाख से कम लोन लिया है तो आपको इसके ब्याज पर 50,000 तक की छूट और मिल सकती है।

सेक्शन 80 टीटीए: सेविंग्स अकाउंट पर दस हजार तक के ब्याज पर छूट मिलती है। यह फिक्स जमा पर लागू नहीं होता है। सीनियर सिटीजन सभी तरह के जमा पर 50,000 रुपए के ब्याज तक छूट ले सकते हैं।

सेक्शन 80 ई: अपने लिए अपने परिवार में किसी के लिए या एेसे छात्र के लिए शिक्षा लोन के ब्याज पर, जिसके आप कानूनी अभिभावक हों, ब्याज पर पूरी छूट मिलती है।

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