Wednesday, September 22, 2021
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राजस्थान में कोरोना ,देश में कोरोना केस के मामले में प्रदेश 10वें नंबर पर, लेकिन रिकवरी रेट टॉप-15 में सबसे नीचे; जयपुर

राजस्थान में कोरोना की स्थिति बहुत तेजी से बिगड़ रही है। अगर अभी भी नहीं संभले तो आने वाले दो या तीन सप्ताह में स्थिति क्या होगी यह कल्पना से परे है। प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल 5,30,875 केस मिल चुके हैं, जो पूरे देश में राज्य को 10वें नंबर खड़ा करते हैं। लेकिन, रिकवरी रेट की बात की जाए तो यह देश के टॉप-15 बड़े राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है। राजस्थान में रिकवरी रेट 71.68% है, जबकि महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, कर्नाटक जैसे राज्य जहां राजस्थान से भी ज्यादा केस आ रहे हैं, वहां रिकवरी रेट 78 फीसदी से अधिक है।

जयपुर के RUHS अस्पताल की स्थिति, जहां बेड्स उपलब्ध नहीं होने पर मरीजों को मुख्य एंट्री गेट के सामने बने पोर्च में बेड्स और ऑक्सीजन सिलेण्डर लगाकर भर्ती किया जा रहा है।

पिछले 24 घंटे में राज्य में 16,438 पॉजिटिव केस मिले हैं, जबकि 6,416 मरीज रिकवर हुए हैं। पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में कुल 33,811 मरीज रिकवर हुए, जबकि 70 हजार की संख्या में एक्टिव केस बढ़े हैं। एक्टिव केस बढ़ने के कारण राज्य के प्रमुख बड़े शहरों के अस्पतालों में बेड्स फुल हो गए हैं।

भारत में टॉप 10 राज्यों में रिकवरी रेट की स्थिति

राज्यएक्टिव केसरिकवरी रेट
महाराष्ट्र6,74,77082.9%
केरल2,32,80883.3%
कर्नाटक2,81,04278.4%
उत्तर प्रदेश3,04,19971.8%
तमिलनाडु1,07,14589%
दिल्ली92,35889.8%
आंध्र प्रदेश95,13190.1%
पश्चिम बंगाल94,94986.1%
छत्तीसगढ़1,21,35280.7%
राजस्थान1,46,64071.7%

 

केवल 6 जिलों में रिकवरी रेट 80 फीसदी से ऊपर
राजस्थान में जिलेवार हालात देखें तो और भी ज्यादा खराब हैं। 33 जिलों में से केवल 6 ही ऐसे जिले हैं, जहां 80 फीसदी या उससे ज्यादा की रिकवरी रेट है। इनमें नागौर, डूंगरपुर, भरतपुर, गंगानगर, जालौर और झुंझुनूं शामिल हैं। भरतपुर और नागौर ऐसे जिले हैं, जिनमें रिकवरी रेट 90 फीसदी से ऊपर है।

जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा में हालात खराब, ऑक्सीजन के बेड्स उपलब्ध नहीं

राजस्थान में जिस तेजी से मरीजों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है, उससे अस्पतालों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा दबाव राज्य के चार प्रमुख जिलों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा के जिला अस्पतालों पर आ रहा है। यहां बड़ी संख्या में इन जिलों के अलावा आसपास के जिलों के मरीज भी रैफर होकर आ रहे हैं।

इन शहरों के प्रमुख बड़े निजी और सरकारी अस्पतालों में बेड्स लेने के लोगों को राजनेताओं से लेकर अधिकारियों की सिफारिशें लगवानी पड़ रही है। जयपुर के RUHS, जयपुरिया अस्पताल में आईसीयू, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड्स के लिए मारामारी मची हुई है। खुद परिवहन मंत्री भी कल जयपुरिया का दौरा करने गए तो वह भी स्थिति देखकर दंग रह गए।

राजस्थान के टॉप 6 जिले जहां सबसे खराब रिकवरी रेट

जिलाएक्टिव केसरिकवरी रेट
सवाई माधोपुर3,24242.3%
प्रतापगढ़1,51153.2%
सिरोही3,62255.8%
हनुमानगढ़2,58657.5%
बारां2,33958.6%
दौसा2,05859.4%

 

साइट पर ग्रीन सिग्नल, लेकिन वास्तविकता में उपलब्धता नहीं
जयपुर की बात करें तो सरकार ने यहां कोविड मरीजों के लिए संचालित 86 अस्पतालों की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक वेबसाइट covidinfo.rajasthan.gov.in जारी की है। इस साइट पर जयपुरिया अस्पताल में सुबह तक 175 में से 38 बेड्स ग्रीन सिग्नल के दर्शा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में जब पता किया तो वहां एक भी बेड खाली नहीं हैं। यही स्थिति निजी अस्पतालों की भी है, जहां कुछ बेड्स खाली तो हैं, लेकिन वहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं है

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