सीएमओ डा.श्रीकांत तिवारी ने बताया कि हाथ धोने का सही तरीका जानने या समझने के लिए ‘सुमन-के फार्मूला को याद रखना जरूरी है। सर्दियों में पानी ठंडा होने के कारण हाथों की सही सफाई करने से न चूकें। छोटी सी भूल मुसीबत में डालने के लिए बहुत बड़ी बन सकती है।

क्या है सुमन के फार्मूला

स- पहले सीधा हाथ धुलें।

उ- उल्टी तरफ से हाथ धुलें।

म- मु_ियों को अंदर से धुलें।

अ- अंगूठों को धुलें।

न- नाखूनों को अच्छी तरह से धुलें।

के- कलाई को भी धुलना बहुत जरूरी है।

बीमारियों का गंदगी से सीधा रिश्ता

उत्तर प्रदेश में एक से 19 साल के करीब 76 फीसद बच्चे कृमि संक्रमण से ग्रसित हैं। एक से पांच साल के बच्चों की होने वाली कुल मौतों में से 10 फीसद डायरिया या दस्त के कारण होती है। इन बीमारियों का भी रिश्ता हमारे हाथों की गंदगी से सीधे जुड़ा है।

कब जरूरी है हाथ धुलना

– शौच के बाद।

– कुछ भी खाने-पीने से पहले।

– खाना बनाने से पहले।

– बच्चों को खाना खिलाने व स्तनपान कराने से पहले।

– किसी भी सतह या वस्तु को छूने के बाद।