Tuesday, September 28, 2021
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अपराध – बेंगलुरु में दुमका के दो मजदूरों को बंधक बनाकर दुष्कर्म के तीन आरोपी गिरफ्तार

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड पुलिस ने मामले में किया हस्तक्षेप
  • लॉकडाउन से पहले दोनों महिलाओं को फैक्ट्री से निकाला, फंस गई थी दोनों

झारखंड जनाधिकार महासभा नामक संगठन ने टि्वटर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दुमका की दोनों आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे शोषण की जानकारी दी थी।

सीएन 24

दुमका. बेंगलुरु में दुमका के दो मजदूरों को बंधक बना कर रखने और उनमें एक के साथ दुष्कर्म करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। टि्वटर पर मामला संज्ञान में आने के बाद झारखंड पुलिस के हस्तक्षेप बेंगलुरु पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बुधवार को झारखंड पुलिस की ओर से टि्वटर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को यह जानकारी दी गई है कि पीड़िता को 4.12 लाख रुपए का मुआवजा भी दिया गया है। झारखंड पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। इधर दुमका की उपायुक्त राजेश्वरी बी ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि उन्हें मामले की जानकारी टि्वटर से मिली थी। उपायुक्त ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़िता को मुआवजा दिए जाने की पुष्टि की है। इस मामले में उपायुक्त ने बैंगलुरु सिटी पुलिस से इस मामले में टि्वटर पर ही आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध करते हुए इसकी सूचना सीएमओ कर्नाटक को भी दी थी।

जनाधिकार महासभा ने किया था ट्वीट
बता दें कि झारखंड जनाधिकार महासभा नामक संगठन ने टि्वटर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दुमका की दोनों आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे शोषण की जानकारी दी थी। दुमका जिला की दोनों महिला मजदूरों को एक मानव तस्कर अक्टूबर 2019 में दिल्ली ले गया था। वहां से कोई दूसरा व्यक्ति दोनों को 9000 रुपए प्रति माह पगार पर नौकरी दिलाने के नाम पर बैंगलुरु में एक केमिकल फैक्ट्री में ले गया। इस केमिकल फैक्ट्री में बंधुआ मजदूर की तरह दोनों से काम लिया गया। जहां 9000 रुपए प्रतिमाह पगार देने की बात कही गई थी,वहां उनसे 15 घंटे प्रतिदिन काम कराया गया और मात्र 200 रुपए प्रति सप्ताह के दर मजदूरी दी गई।

फैक्ट्री से निकाले जाने के बाद लॉकडाउन में फंस गई थी
लॉकडाउन से पहले दोनों महिला मजदूरों को फैक्ट्री से निकाल दिया गया। दोनों के साथ बच्चे भी दे। सभी दाने-दाने को मोहताज हो गए। लॉकडाउन हो जाने के कारण दोनों अपने घर दुमका भी नहीं आ सकते थे। तब बेंगलुरु में एक ठेकेदार ने दोनों को एक निर्माणाधीन मकान में रखा। आरोप है कि यहां वह ठेकेदार और दो अन्य लोगों ने उनके साथ दुष्कर्म किया। बैंगलुरु की कर्नाटक जनशक्ति और स्टेंडर्ड वर्कर्स एक्शन नेटवर्क (स्वान) संगठन की पहल पर यह मामला सामने आया था। बाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया। उसके बाद बेंगलुरु के कुम्बालागोडु पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज हुई और छानबीन के बाद तीनों आरोपियों की गिर‌‌फ्तारी हुई।

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