Sunday, September 26, 2021
Homeव्यापारएनालिसिस : क्रूड का रेट 2 हफ्ते में 4.5% बढ़ सकता है,...

एनालिसिस : क्रूड का रेट 2 हफ्ते में 4.5% बढ़ सकता है, इससे पेट्रोल-डीजल 1.5 रुपए तक महंगे होने के आसार

बिजनेस डेस्क. अमेरिका-चीन के बीच पहले चरण की ट्रेड डील होने से शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड का रेट 1.6% बढ़कर 65.22 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच टैरिफ विवाद थमने से यह उम्मीद की जा रही है कि मैन्युफैक्चरिंग में तेजी आएगी, इससे फ्यूल डिमांड भी बढ़ेगी। केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर अजय केडिया ने दैनिक भास्कर को बताया कि कच्चे तेल में तेजी जारी रही तो अगले दो हफ्ते में भाव 4.5% बढ़कर 68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इससे पेट्रोल-डीजल 1-1.5 रुपए तक महंगे हो जाएंगे।

भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा क्रूड आयात करता है

तेल कंपनियां क्रूड के 15 दिन के औसत भाव और रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट के हिसाब से हर दिन पेट्रोल-डीजल के रेट तय करती हैं। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ब्रेंट क्रूड के रेट में इस साल 21% बढ़ोतरी हो चुकी। तेल कंपनियों के लिए आयात महंगा होता है तो वे रेट बढ़ाती हैं। उन्हें इंपोर्ट बिल का भुगतान डॉलर में करना होता है, इसलिए करंसी एक्सचेंज रेट भी मायने रखता है।

पेट्रोल का रेट एक साल के उच्च स्तर पर

दिल्ली में पेट्रोल का रेट शुक्रवार को 5 पैसे घटकर 74.84 रुपए प्रति लीटर हो गया। तीन दिन में 16 पैसे सस्ता हो चुका है, लेकिन 9 दिसंबर को एक साल के उच्च स्तर 75 रुपए पर पहुंच गया था। इससे पहले 23 नवंबर 2018 को 75.25 रुपए पर था। बीते एक महीने की बात करें तो पेट्रोल 1.39 रुपए महंगा हुआ है। 14 नवंबर को रेट 73.45 रुपए था।

मेट्रो शहरों में शनिवार के पेट्रोल-डीजल के रेट

शहरपेट्रोल (रुपए/लीटर)डीजल (रुपए/लीटर)
दिल्ली74.8466.04
मुंबई80.4969.27
कोलकाता77.5068.45
चेन्नई77.8169.81

 

देश में फ्यूल डिमांड नवंबर में 10.5% बढ़ी

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) ने बुधवार को आंकड़े जारी किए थे। इसके मुताबिक पिछले महीने ईंधन की मांग 1.87 करोड़ टन रही। यह नवंबर 2018 की तुलना में 10.5% ज्यादा है। यह जनवरी 2018 के बाद सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है। पिछले महीने डीजल की खपत में 8.8% इजाफा हुआ। कुल फ्यूल डिमांड में डीजल की 40% हिस्सेदारी है।

क्रूड में 1 डॉलर के इजाफे से भारत पर सालाना 10700 करोड़ रुपए का असर

कच्चा तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल और व्यापार घाटा भी बढ़ेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने सितंबर में बताया था कि कच्चे तेल की कीमत में एक डॉलर के इजाफे से भारत पर सालाना 10,700 करोड़ रुपए का असर पड़ता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments