Tuesday, September 28, 2021
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दिल्ली हिंसा मामला : सीएए के विराेध में प्रदर्शनाें के दाैरान भड़की थी हिंसा

दिल्ली हाईकाेर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी-2020 में हुई हिंसा के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस से नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि वह इस बाबत नया हलफनामा दायर करे। जस्टिस डीएन पटेल और ज्याेति सिंह की बेंच ने साेमवार काे यह आदेश दिया। पुलिस से अब तक दाखिल आराेप पत्र, हाईकाेर्ट ने पुलिस से नई स्टेटस रिपाेर्ट मांगी, सीएए के विराेध में प्रदर्शनाें के दाैरान भड़की थी हिंसा गवाहाें के परीक्षण और मुकदमाें की स्टेटस के बारे में पूरी जानकारी देने मांगी गई है। बेंच कुछ याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिनमें जांच काे लेकर सवाल उठाए गए हैं।

इन पर आठ अक्टूबर काे अगली सुनवाई तय की गई है। नागरिकता संशाेधन कानून (सीएए) के विराेध प्रदर्शनाें के दाैरान दिल्ली में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की माैत हुई थी। इससे पहले हाईकाेर्ट ने हिंसा की राेकथाम में पुलिस के ढीले रवैये पर चिंता जाहिर की थी। साथ ही नेताओं के कथित भड़काऊ भाषणाें के वीडियाे की जांच करने काे कहा था। इन्हीं भाषणों के कारण उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़कने की बात कही गई थी। पुलिस ने कहा था कि साेनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा आदि के भाषणाें का परीक्षण किया जा रहा है। हिंसा से कहीं भी उनका जुड़ाव पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

भाषण में हिंसा करने को नहीं कहा, राजद्रोह का मामला नहीं बनता

भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम की याचिका पर भी सुनवाई हुई है। दिल्ली की कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के सामने शरजील ने जमानत याचिका दायर की है। इसमें उसके वकील तनवीर अहमद मीर ने दलील दी कि शरजील पर राजद्रोह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। क्योंकि उसने भाषण में हिंसा करने के लिए किसी से नहीं कहा था।

वह किसी प्रतिबंधित या आतंकी संगठन का हिस्सा नहीं है। वह सरकार की नीतियो की आलोचना करता है। इसलिए उसे कट्टर बताकर उसके विरोध को असंवैधानिक बताया जा रहा है। अगर आलोचना मर जाएगी तो समाज मर जाएगा। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में शरजील को गिरफ्तार किया गया था। वह 28 जनवरी 2020 से जेल में है। उसने 2019 में दो विश्वविद्यालयों में कथित ‘भड़काऊ भाषण’ दिए थे।

खालिद ने कहा- पुलिस का केस न्यूज चैनल के वीडियाे पर आधारित

दिल्ली हिंसा मामले में आराेपी उमर खालिद की जमानत अर्जी पर भी काेर्ट में सुनवाई हुई। उमर के वकील त्रिदीप पायस ने अतिरिक्त सेशन जज अमिताभ रावत की काेर्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस का पूरा आराेप पत्र गढ़ा हुआ है। उमर के खिलाफ मामला न्यूज चैनलाें पर दिखाई गई वीडियाे क्लिप पर आधारित है जाे कि संपादित है। एक न्यूज चैनल के जवाब का हवाला देते हुए उन्हाेंने बताया कि उस चैनल ने भाजपा नेता के साेशल मीडिया पाेस्ट के वीडियाे का उपयाेग किया था।

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