Tuesday, September 21, 2021
Homeराज्यगुजरातअस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग घटी, श्मशानों में वेटिंग खत्म, यात्री बसों...

अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग घटी, श्मशानों में वेटिंग खत्म, यात्री बसों का चलना शुरू

एक माह से कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप का सामना कर रहे शहर के लिए शुभ संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। शहर ने धीरे-धीरे कोरोना से उबरने की राह पकड़ ली है। कोरोना का पीक गुजर चुका है और पिछले दस दिन से शहर में कोरोना के नए केसों और मौतों में कमी जारी है। नए केसों की अपेक्षा डिस्चार्ज मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है।

ओपीडी की तैयारी
  • नए मरीज घटे, डिस्चार्ज बढ़े लेकिन अभी सावधानी और कोराेना प्रोटोकॉल में कमी नहीं होनी चाहिए

इससे एक्टिव केसों की संख्या भी उतार पर है। शहर की जनता के जज्बे और डाॅक्टर्स, मेडिकल स्टाफ और फ्रंटलाइन वर्कर्स की मेहनत के कारण हम सामान्य दिनचर्या की ओर बढ़ रहे हैं। सिविल अस्पताल और स्मीमेर अस्पताल में मरीजों का बोझ कम हो गया है। इसलिए सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

सिटी परिवहन के लिए बीआरटीएस बसों का दो रूट शुक्रवार से खोल दिया गया। मरीजों की संख्या घटने के बाद ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग भी कम हो गई। इन अच्छी खबरों के बावजूद हमें अभी सावधानी, सतर्कता और कोविड नियमों की पालना नहीं छोड़नी है। मास्क और सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन जरूरी है। भीड़-भाड़ से बचना है और सरकार की गाइड लाइन की पूरी पालना करनी है। सभी को वैक्सीन लगवानी है। ताकि सूरत को कोरोना फ्री बनाया जा सके।

श्मशानों में अंत्येष्टि 50% कम हुई

कोरोना की बदतर स्थिति के कारण अप्रैल माह में शहर की श्मशानों में शवों की कतार लगी हुई थी, जिससे अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग रहती थी। शवदाह गृहों पर 24 घंटें अंतिम संस्कार चल रहा था। लेकिन अब हालात सुधार की ओर है। अब श्मशानों में पहले जैसी स्थिति नहीं है।

पहले जहां श्मशानों में 70 से लेकर 80 लाशें प्रतिदिन आ रही थीं। अब इनमें 50 फीसदी की कमी हो गई है। कुरुक्षेत्र श्मशान गृह के प्रमुख कमलेश सेलर ने बताया कि अप्रैल में 80-80 मृतदेह आ रही थी। कई बार तो 100-100 लाशें भी आईं। लेकिन अब रोजाना 40 से 45 शव आ रहे हैं। इससे हमें चिमनी की मरम्मत करने का भी समय मिल रहा है।

सिविल हॉस्पिटल में बुधवार से सामान्य ओपीडी

कोविड डेडिकेटेड सिविल अस्पताल में अब मरीजों का भार कम होेने के बाद बुधवार से सामान्य ओपीडी शुरू करने की तैयारी है। प्रथम चरण में सिविल अस्पताल की पुरानी इमारत में मेडिसिन, गायनिक, पीडियाट्रिक, सर्जरी, ऑर्थोपैडिक, ईएनटी, आई, पैथोलॉजी विभाग की ओपीडी शुरू होगा।

पुरानी इमारत में भर्ती कुछ मरीज डिस्चार्ज हो जाएंगे और शेष को मुख्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। यहां नए मरीज को एडमिशन बंद कर दिया गया है। स्टेम सेल और किडनी अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज ही चलेगा।

51 दिन बाद दो रूटों पर 13 बीआरटीएस बसें

51 दिन बाद शहरवासियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिली। कोरोना के कारण बंद बीआरटीएस बसें शुक्रवार से शुरू हो गईं। पहले चरण में दो रूट पर बसें शुरू की गई हैं। सूरत मनपा ने ओएनजीसी कॉलोनी से खरवर नगर के रूट पर 10 बसें शुरू की है, जो ओएनजीसी, अणुव्रतद्वार जंक्शन, जमना नगर, खरवर नगर स्टॉपेज लेगी।

दूसरे रूट में उधना दरवाजा से सचिन जीआईडीसी तक 13 बसें चलाई गई हैं। इनका उधना दरवाजा, खरवर नगर, विटी पोद्दार, पांडेसरा, उन, सचिन जीआईडीसी पर स्टॉपेज है। कोरोना कम होेने के बाद अन्य रूटों पर भी बसें शुरू होंगी।

ऑक्सीजन: 50 मीट्रिक टन खपत कम

पिछले माह अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ था, लेकिन अब पर्याप्त ऑक्सीजन है। मरीजों की संख्या घटने से ऑक्सीजन की खपत 50 मीट्रिक टन कम हुई है। अप्रैल में सूरत में रोज 215-225 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी।

पिछले सप्ताह यह खपत 15 मेट्रिक टन कम हुई और अब 50 मीट्रिक टन तक कम हो गई है। अभी दो सरकारी और 300 निजी अस्पतालों में 150 से 160 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत हो रही है। अगले 15 दिन में 80 से 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत रह जाएगी। यानी सूरत में अब ऑक्सीजन को लेकर कोई समस्या नहीं है।

अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक सिविल में प्रतिदिन 400 तक कोविड मरीज एडमिट होते थे। अब स्थिति कंट्रोल में हैं। अब कोरोना का प्रतिदिन 100 से 115 मरीजों का ओपीडी है, जिसमे 30 से 40 मरीज ही भर्ती हो रहे हैं। इतने ही मरीज डिस्चार्ज और शिफ्ट किए जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में बेड भी खाली हो गए और वेंटिलेटर भी उपलब्ध हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments