बता दें किराष्‍ट्रपति से मुलाकात के लिए शरद पवार (Sharad Pawar) , सीताराम येचुरी (Sitaram Yechuri), राहुल गांधी (Rahul Gandhi) राष्‍ट्रपति भवन गए।  इन्‍होंने  किसान आंदोलन पर चर्चा के लिए राष्‍ट्रपति से मिलने की अनुमति ली थी। दूसरी ओर सिंघु बॉर्डर पर ​किसान नेताओं को कृषि कानूनों पर भारत सरकार का प्रस्ताव मिला जिसपर  किसान नेताओं ने बैठक की और इसे खारिज कर दिया।

CPI-M नेता सीतराम येचुरी ने कहा, ’25 से अधिक विपक्षी पार्टियों ने कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसानों के प्रति अपना समर्थन जताया है। ये कानून भारत के हित में नहीं है और ये हमारी खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा है।’ कृषि कानूनों के विरोध की लहर देश में फैली हुई है। केंद्र के साथ किसान नेताओं के वार्ता का दौर जारी है।

मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘राहुल गांधी, शरद पवार जी और विपक्षी नेता जिन्होंने किसान को दिवालिया बना दिया वो अब किसान के नाम पर राष्ट्रपति महोदय के यहां जा रहे हैं। इन्हें तो किसानों से माफी मांगनी चाहिए, ये किसानों की बदहाली के लिए जवाबदार लोग हैं।’

बता दें कि आज किसानों के आंदोलन का चौदहवां दिन है और आज केंद्र के साथ किसान नेताओं के छठे राउंड की वार्ता होने वाली थी जिसे टाल दिया गया है। सीपीआई(एम) नेता सीताराम येचुरी ने बताया था कि विपक्षी दलों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल बुधवार शाम 5 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेगा। उन्होंने कहा,’प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, शरद पवार और अन्य शामिल होंगे। COVID-19 प्रोटोकॉल के कारण केवल 5 लोगों को मिलने की अनुमति दी गई है।’

राष्ट्रपति कोविंद से मिलने से पहले सभी विपक्षी दल के नेताओं ने कृषि कानूनों पर एकसमान रुख तैयार किया है। इस मुलाकात के लिए विपक्षी दलों में एनसीपी, कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माले), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और तृणमूल कांग्रेस शामिल हैं। इस सभी दलों ने किसानों के ‘भारत बंद’ का समर्थन किया था।

8 दिसंबर को भारत बंद की मियाद खत्‍म होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने भी किसान नेताओं से मुलाकात की लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। गृहमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद मंगलवार देर रात अख‍िल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मुल्ला ने बताया कि कि बुधवार को सरकार और किसानों के बीच होने वाली छठे राउंड की वार्ता को रद कर दिया है।