Tuesday, September 21, 2021
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हिमाचल में बागवानी क्षेत्र बढ़ने के बावजूद घट रही सेब की पैदावार

हिमाचल प्रदेश को भले ही सेब उत्पादन के लिए बेहतर राज्य माना जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पिछले 5 सालों में बागवानी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में 0.8 हेक्टेयर बढ़ा है। लेकिन उत्पादन साल दर साल घटता जा रहा है। चाहे सेब हो या फिर अन्य गुठलीदार फल हों, हिमाचल में लगातार बागवानी क्षेत्र में उत्पादन घटता जा रहा है। हिमाचल की कैग रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा इसे उचित महत्त्व नहीं दिया गया है। बागवानी विभाग पिछले 5 सालों से बिना मास्टर प्लान के कार्य कर रहा था। इसके अलावा ओलावृष्टि और जलवायु परिवर्तन भी फलों के उत्पादन में कमी ला रहा है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014-15 में हिमाचल में बागवानी क्षेत्रफल 2.24 लाख हेक्टेयर था, लेकिन 2018-19 में यह बढ़कर 2.32 लाख हेक्टेयर हो गया। वहीं इन 5 सालों में उत्पादन 2.57 लाख मीट्रिक टन गिरा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो उत्पादन में कमी का मुख्य कारण सूखे की स्थिति है। ओलावृष्टि और जलवायु परिवर्तन के कारण भी फलों का उत्पादन घट रहा है। राज्य में फलों की खेती मुख्य रूप से वर्षा पोषित परिस्थितियों में ही की जाती है। ऐसे में अगर समय पर बारिश ना हो या ज्यादा बारिश हो जाए तो फलों को नुकसान पहुंचता है। राज्य सरकार द्वारा इसे उचित महत्त्व नहीं दिया गया है। उद्यान विभाग पिछले 5 सालों से बिना मास्टर प्लान के कार्य कर रहा था।

कैग रिपोर्ट में खुलासा- राज्य सरकार ने नहीं दिया बागवानी क्षेत्र को उचित महत्व

कैग रिपोर्ट में अपने निष्कर्ष में यह निकाला है कि बागवानी विभाग हिमाचल प्रदेश राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। राज्य सरकार द्वारा इसे उचित महत्त्व नहीं दिया गया है। बागवानी विभाग पिछले 5 सालों से बिना मास्टर प्लान के कार्य कर रहा था। इतना ही नहीं इसमें यह भी कहा गया है कि विभाग कि जो आंकड़े एकत्रित करने की तकनीक हैं, वह विश्वसनीय नहीं थी।

पिछले 5 सालों में इस तरह रही स्थिति

– साल 2014-15 में हिमाचल के पास 2.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल था, इसी साल फलों का उत्पादन 7.52 लाख मीट्रिक टन हुआ। प्रति हेक्टेयर उत्पादन 4.00 मीट्रिक टन था।
– साल 2015-16 में बागवानी क्षेत्रफल में बढ़ावा हुआ और यह 2.27 लाख हेक्टेयर पहुंच गया। इस साल उत्पादन भी बढ़ा, फलों का उत्पादन हिमाचल प्रदेश में 9.29 लाख मैट्रिक टन हुआ। प्रति हेक्टेयर उत्पादन भी बढ़कर 4.80 मीट्रिक टन पहुंच गया।
— साल 2016-17 में बागवानी क्षेत्रफल बढ़कर 2.29 लाख हेक्टेयर हो गया, लेकिन उत्पादन घट गया। इस वर्ष उत्पादन केवल 6.12 लाख मीट्रिक टन हुआ। प्रति हेक्टेयर उत्पादन भी 3.12 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर रह गया।
– वर्ष 2017-18 में बागवानी क्षेत्रफल फिर बढ़ा और 2.31 लाख हेक्टेयर हो गया। उत्पादन में भी भारी कमी आ गई। यह 5.65 लाख मैट्रिक टन तक ही रह गया। प्रति हेक्टेयर उत्पादन भी 2.84 मीट्रिक टन ही हुआ।
– 2018-19 में हिमाचल प्रदेश का बागवानी क्षेत्रफल दोबारा बढ़ा और इस साल यह 2.32 लाख हेक्टेयर हुआ। इस साल भी उत्पादन गिरकर केवल 4.95 लाख मीट्रिक टन ही हुआ। प्रति हेक्टेयर उत्पादन सिमटकर 2.44 मेट्रिक टन रह गया।

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