Wednesday, September 22, 2021
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गया : डोभी थाने के चौकीदार की लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या, शव को नदी में फेंका

गया. डोभी थाना के अमारुतडीह गांव में थाने के एक चौकीदार धर्मेंद्र यादव उर्फ कुली यादव की हत्या लाठी-डंडे से पीटकर अधमरा करने के बाद गला दबाकर कर दी गई। घटना के बाद अपराधियों ने शव को नीलांजना नदी में फेंक दिया। घटना की जानकारी होने के बाद गांव में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार डोभी थाना से रिटायर हुए चौकीदार मुखलाल यादव का पुत्र धर्मेंद्र कुमार उर्फ कुली यादव भी इसी थाना में चौकीदार के पद पर था। परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र शनिवार को अपने घर पर चिकेन बना रहा था। इसी बीच बाराचट्टी थाना का एक चौकीदार गुडडू कुमार यादव खरांटी पंचायत क्षेत्र का निवासी पहुंचा। गुडडू के कहने पर धर्मेंद्र उसे नदी पार करवाने के लिए घर से साथ में निकला था। किन्तु रात के नौ बजे तक वह वापस नहीं लौटा।

मोबाइल और चप्पल से खोजबीन की तो नदी में मिली लाश

घर वापस नहीं आने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। इस क्रम में नीलांजना नदी के किनारे एक हवाई चप्पल और धर्मेंद्र का मोबाइल मिला। काफी खोजबीन के बाद सुबह में नदी में उसका उपलाता हुआ शव मिला। शव मिलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग चौकीदार गुडडू यादव के घर खराटी के मीठी गांव को पहुंचे, किन्तु गुडडू ने इस संदर्भ में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। शव को देखने से साफ था, कि उसकी पीट-पीटकर और गला दबाकर हत्या की गई है। घटना की जानकारी के बाद डोभी थानाध्यक्ष राहुल रंजन सदल बल मौके पर पहुंचे।

पुलिस के घंटों देर से पहुंचने पर बढ़ी थी नाराजगी
परिजनों का कहना था कि डोभी थानाध्यक्ष को रात्रि के एक बजे जानकारी दी गई। किन्तु थानाध्यक्ष सुबह सात बजे घटनास्थल पर पहुंचे। इसे लेकर परिजन और ग्रामीणों में आक्रोश था। इधर, जानकारी के अनुसार एक माह पहले धर्मेंद्र और गुडडू के बीच विवाद हुआ था। उस विवाद के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी।

नौकरी और मुआवजे की मांग पर मिला आश्वासन
सड़क जाम कर रहे लोगों का कहना था, कि इस घटना में शामिल रहे अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। वहीं मृत चौकीदार की पत्नी को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए। मौके पर पहुंचे शेरघाटी एसडीओ उपेंद्र पंडित, डीएसपी रवीश कुमार, बीडीओ नीरज कुमार राय के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।

पुलिस के आने से पहले ही गुडडु फरार
हालांकि घटना की जांच करने के लिए डोभी थानाध्यक्ष जब तक चौकीदार गुडडू के घर पहुंचते, वह घर में ताला लगाकर पूरे परिवार के साथ फरार हो गया था। उसके फरार होने के बाद लोगों को गुडडू यादव पर भी शक है। वहीं घटना से गुस्साए परिजनों एवं ग्रामीण डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। शव को नदी के पास से उठने नहीं दिया। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद शव को वहां से हटाया किया, किन्तु आक्रोशित लोगों ने डोभी-चतरा मार्ग पर मटन मोड़ के अलावे धीरजा पुल एवं अमारूत हाईस्कूल के समीप सड़क को जाम कर दिया। सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

हत्या मामले की हो रही है छानबीन: थानाध्यक्ष
हत्या मामले की छानबीन की जा रही है। फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कांड में संलिप्त अपराधी जल्द ही गिरफ्त में होगें।- राहुल रंजन, थानाध्यक्ष डोभी।

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