Friday, September 24, 2021
Homeउत्तर-प्रदेशउन्नाव केस : ड्राइवर-क्लीनर की सीबीआई कोर्ट में पेशी, पीड़िता के परिजनों...

उन्नाव केस : ड्राइवर-क्लीनर की सीबीआई कोर्ट में पेशी, पीड़िता के परिजनों और वकील की सुरक्षा में सीआरपीएफ तैनात

लखनऊ/उन्नाव. उन्‍नाव दुष्कर्म पीड़‍िता की दुर्घटना मामले में शुक्रवार को ट्रक ड्राइवर और क्लीनर की सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। जहां से सीबीआई ड्राइवर आशीष पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीआरपीएफ ने पीड़िता के परिवार और वकीलों को सुरक्षा कवर दे दिया है। सीबीआई ने मामले की जांच कर रहे पुलिसवालों को लखनऊ बुलाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सात दिन के अंदर हादसे की जांच पूरी करने के निर्देश सीबीआई को दिए हैं।

शुक्रवार सुबह सीआरपीएफ उन्नाव स्थित पीड़िता के गांव पहुंच गई। परिजनों के अलावा पीड़िता के चाचा के मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता को भी सीआरपीएफ ने सुरक्षा दी है। उनकी सुरक्षा में 4 जवान तैनात किए गए हैं। इससे पहले प्रदेश सरकार ने देर रात पीड़िता के परिजनों को 25 लाख रुपए की मदद का चेक सौंप दिया।

पाचवें दिन भी पीड़िता की हालत में सुधार नहीं

रविवार (28 जुलाई) को रायबरेली जाते वक्त सड़क हादसे का शिकार हुई पीड़िता की हालत नाजुक है। वह लखनऊ के केजीएमयू में वेंटीलेटर पर है। पांचवें दिन भी उसकी हालत में सुधार नहीं है। हादसे में पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई थी। चाची, दुष्कर्म मामले में सीबीआई की गवाह भी थी। इस मामले में मंगलवार को सीबीआई ने पीड़िता के चाचा की तहरीर पर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पीड़िता की चिट्‌ठी पर सुप्रीम कोर्ट में हुई थी सुनवाई

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता की 12 जुलाई को चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी पर सुनवाई की थी। इस दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिए कि पीड़ित और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इसके अलावा अंतरिम राहत के तौर पर 25 लाख मुआवजा भी दिया जाए। कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता से जुड़े सभी मामले दिल्ली ट्रांसफर करने के आदेश भी दिए थे। इसके अलावा सीबीआई को निर्देश दिया था कि सड़क हादसे की जांच 7 दिन के भीतर और बाकी मामलों की सुनवाई 45 दिन के भीतर पूरी की जाए।

2017 में दुष्कर्म हुआ था
लड़की से 2017 में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। आरोप है कि विधायक सेंगर और अन्य ने नौकरी दिलाने के बहाने लड़की से दुष्कर्म किया। पीड़िता उस वक्त नाबालिग थी। बाद में पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। आरोप है कि उसके पिता से विधायक ने ही मारपीट की थी। पिता की मौत के बाद पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। इसके बाद एसआईटी को जांच सौंपी गई थी। अभी जांच सीबीआई के पास है। बुधवार को भाजपा ने विधायक सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया। सेंगर अभी सीतापुर की जेल में है।

दुष्कर्म मामले में अब तक 5 एफआईआर
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म मामले की जानकारी ली। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि दुष्कर्म से जुड़े मामले में 4 एफआईआर हुई थीं। ये आरोपियों और पीड़ित पक्ष ने एकदूसरे के खिलाफ दर्ज कराई हैं। पांचवीं एफआईआर रायबरेली में हुए कार एक्सीडेंट से जुड़ी है। पांच में से तीन मामलों में चार्जशीट दायर हो चुकी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments