Saturday, September 25, 2021
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ड्रोन प्रतिबंधित, 1 लाख तक जुर्माने का प्रावधान

अम्बाला में ड्रोन (मानव रहित वायुयान) की उड़ान पर प्रतिबंध लग गया है। एयरक्राफ्ट एक्ट व सिविल एविएशन रुल्स 2021 के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महा निदेशालय की ओर से ड्रोन के लिए नए नियमों को तय कर दिया गया है जिसके तहत जिले में ड्रोन उड़ाने के लिए अब पुलिस व जिला प्रशासन से तो अनुमति लेनी होगी। साथ ही इसकी खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। रफाल विमानों और सेना की महत्वपूर्ण यूनिटों की वजह से सैन्य व एयरफोर्स स्टेशन के 3 किलोमीटर दायरे और जिला लघु सचिवालय के भी 3 किलोमीटर दायरे में ड्रोन नहीं उड़ाए जा सकेंगे।नियमों की अवहेलना करने वालों पर एक लाख रुपए जुर्माने का भी प्रावधान है। नए नियमों को लेकर जिला मजिस्ट्रेट विक्रम सिंह की ओर से जिले में नई अधिसूचना को जारी कर दिया गया है। बता दें कि बीती जून को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकियों ने ड्रोन से हमला कर धमाके किए थे। इसके बाद इन ड्रोन उड़ाने के नियमों को केंद्र सरकार की ओर से सख्त किया गया है। अम्बाला में देश के सबसे आधुनिक रफाल विमान एवं थल सेना की महत्वपूर्ण टुकडि़यां है इस कारण यहां ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी रहेगी।

ड्रोन उड़ाने के लिए 3 जोन होंगे

ड्रोन उड़ाने के लिए ग्रीन, येलो व रेड जोन को निर्धारित किया गया है । ग्रीन व येलो जोन में ऊंचाई तय की गई है जहां ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित होगा। इसी तरह यदि आपात स्थिति हो तो सरकार उस क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर सकती है जहां कोई ड्रोन नहीं उड़ाया जाएगा, मगर रेड जोन की अवधि अधिकतम 48 घंटे होगी।

नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना

यदि नियमों के अनुपालन में कोई चूक होती है, तो विमान अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। इसके तहत 1 लाख तक का जुर्माना लग सकता है। ये नियम इससे पहले मार्च 2021 में अधिसूचित मानव रहित विमान प्रणाली (यूएएस) नियमों की जगह लेंगे। नए नियमों में कई बदलाव किए गए हैं।

ड्रोन फ्लाइंग के ये नए नियम

नए नियम थल सेना व एयरफोर्स पर लागू नहीं होंगे।

सभी ड्रोन को डिजिटल पंजीकृत कराना होगा। साथ ही सभी ड्रोन की उपस्थिति और उनकी उड़ान के बारे में सूचित करना होगा।

ड्रोन में 250 ग्राम या इससे कम वजन के नैनो उपकरण, 250 ग्राम से 2 किलोग्राम तक के माइक्रो उपकरण लगाए जा सकेंगे। छोटे ड्रोन 2 किलोग्राम से 25 किलोग्राम वजनी होंगे। मध्यम (मीडियम) ड्रोन 25 किलोग्राम से 150 किलोग्राम तक के हो सकते हैं।

बड़े यूएवी 150 किलोग्राम से 500 किलोग्राम के दायरे में होंगे। 500 किलोग्राम से अधिक वजनी यूएवी विमान नियम, 1937 का पालन करेंगे।

किसी संस्थान या व्यक्ति को ड्रोन उड़ाने की योग्यता का प्रमाण पत्र प्राप्त लेना होगा, जिसे क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया या उनके केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत कोई संस्था जारी कर सकती है।

प्रत्येक ड्रोन की एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) होनी चाहिए, जिसे डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेल्फ-जेनेरेट किया जा सकता है। यूआईएन नए और पहले से मौजूद सभी यूएवी के लिए अनिवार्य है।

ड्रोन का हस्तांतरण अथवा उनका पंजीकरण रद्द करने का काम संबंधित डिजिटल फॉर्म के माध्यम से किया जाएगा ।

– ड्रोन को कहीं भी उड़ाया नहीं जा सकेगा। इसके लिए डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर एक इंटरेक्टिव एयरस्पेस मैप देगा जिसमें तय जोन की जानकारी होगी। जोन की श्रेणी में बदलाव किया जा सकता है।

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