Friday, September 24, 2021
Homeमध्य प्रदेशमप्र : ई-टेंडर घोटाले: नरोत्तम को नोटिस की तैयारी; निज सचिव...

मप्र : ई-टेंडर घोटाले: नरोत्तम को नोटिस की तैयारी; निज सचिव बोले- पूर्व मंत्री का नाम लेने दबाव बना रहा ईओडब्ल्यू

भोपाल. ई-टेंडरिंग घोटाले में भाजपा सरकार में मंत्री रहे और विधायक नरोत्तम मिश्रा की मुश्किल बढ़ सकती है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) नरोत्तम को घोटाले में पूछताछ के लिए जल्द नोटिस दे सकता है, क्योंकि जिस समय टेंडर्स में टेंपरिंग की गई, उस समय नरोत्तम जल संसाधन मंत्री थे। मामले में जांच कुछ पूर्व मुख्य सचिवों व अाईएएस अफसरों तक पहुंच सकती है। वहीं, ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री के निज सचिव निर्मल अवस्थी और वीरेंद्र पांडे को विशेष न्यायाधीश संजीव पांडे की कोर्ट ने शनिवार को 15 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

आरोपी मनीष से दोनों के संबंध 
जांच एजेंसी की ओर से अदालत में बताया गया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के संबंध इसी मामले में गिरफ्तार किए एक बिचौलिए मनीष खरे से रहे हैं। मनीष अभी जेल में है। उसने अपने मेमोरेंडम में अभियुक्त निर्मल अवस्थी के नाम का खुलासा किया है। वहीं दोनों आरोपियों के वकील ने अदालत को बताया कि शुक्रवार शाम उन्हें अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की जांच अधिकारी रीना शर्मा ने अदालत को बताया कि जिस समय आरोपी पांडे को गिरफ्तार किया गया, उसने अपने मोबाइल का डेटा फॉर्मेट कर दिया। इस डेटा को रिटर्न यूज करना है। इसलिए आरोपियों से पूछताछ के लिए पांच दिन का रिमांड दिया जाए। कोर्ट ने इन दलीलों को नामंजूर कर दिया।

सुनवाई के बाद न्यायाधीश संजीव पांडे की टिप्पणी
– अभियुक्त निर्मल के मेमोरेंडम में किसी वस्तु या सामग्री को जब्त करने के संबंध में कोई लेख नहीं है।
– अभियुक्त मनीष खरे के बारे में भी केवल अन्य व्यक्तियों के साथ-साथ निर्मल अवस्थी के माध्यम से कंपनी को टेंडर दिलाने की बात कही गई है। लेकिन उसके पास कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या अन्य कोई साक्ष्य मिलने का उल्लेख नहीं है।
– दोनों अभियुक्तों के बैंक खातों में भी बहुत अधिक धनराशि जमा हुई  हो, इस विषय में भी कोई ठोस व महत्वपूर्ण तथ्य प्रकट नहीं होता।
– अभियुक्तों के बीच यदि बातचीत पूर्व में हुई है तो इस संबंध में सीडीआर जानकारी दूरसंचार विभाग से ली सकती है।

अवस्थी-पांडे के घरों से छापों में कई अहम दस्तावेज जब्त 

इससे पहले कोर्ट में पेश अवस्थी और पांडे ने पुलिस रिमांड के आवेदन का विरोध करते हुए एक आपत्ति आवेदन पेश किया। इसमें कहा कि ईओडब्ल्यू की पुलिस दबाव डालकर मामले में नरोत्तम मिश्रा का नाम लेने और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराना चाहती है। इधर, अवस्थी और पांडे के घरों पर पुलिस ने छापा मारकर कई अहम दस्तावेज व कंप्यूटर भी जब्त किए।

नोटिस मिला तो बैंड- बाजे के साथ जाऊंगा
पूर्व मंत्री नरोत्तम ने कहा  ‘ कांग्रेस चपरासी और बाबू जैसे लोगों को तंग कर रही है। जबकि इसमें कोई भी टेंडर प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव और मुख्य सचिव स्तर से पास जाए बगैर मंजूर नहीं होता। यदि ईओडब्ल्यू नोटिस देता है तो बैंड-बाजे के साथ जवाब देने जाऊंगा।’

प्रदेश के सामान्य प्रशासन मंत्री डाॅ. गोविंद सिंह ने कहा ‘ ई-टेंडरिंग घोटाले की निष्पक्ष जांच चल रही है। इसमें किसी भी निर्दोष पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। प्रदेश में व्यापमं घोटाले से बड़ा एक और डंपर घोटाला हुआ है, इसकी भी जांच करवाई जाएगी।’

अभी तो मगरमच्छों पर कार्रवाई बाकी
विधि मंत्री पीसी शर्मी ने कहा  ‘ अभी ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच में मछलियां आई हैं। अभी बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई होना बाकी है। घोटाले तत्कालीन मंत्रियों और नेताओं के इशारे पर ही होते हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में बड़े घोटालों की फेहरिस्त है।’

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments