Saturday, September 18, 2021
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झारखंड : रांची-जमशेदपुर का बिजली वितरण व राज्य के पीएचसी निजी हाथों में जाएंगे

रांची. रांची और जमशेदपुर एरिया बोर्ड में विद्युत वितरण व्यवस्था का निजीकरण होगा। इसके लिए पीपीपी मोड में विद्युत वितरण लाइसेंसी मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। साथ ही लाइसेंसी व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने के लिए भी सहमति दी। ट्रांजैक्शन एडवाइजर के सुझाव व निजीकरण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके, इसके लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

 

इस कमेटी में ऊर्जा सचिव, सचिव योजना सह वित्त, झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के सीएमडी और झारखंड बिजली वितरण निगम के एमडी को सदस्य बनाया गया है। बिजली वितरण का निजीकरण करने के पीछे सरकार ने एटीएंडसी लॉस, कम बिलिंग और बिल संग्रह के कारण हो रही कठिनाइयों को प्रमुख कारण बताया है। अार्थिक हानि से सरकार पर पड़नेवाले वित्तीय बोझ को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1741 करोड़, वित्तीय वर्ष 2017-18 में 212 करोड़ और वर्तमान वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही तक 900 करोड़ रुपए का घाटा हो चुका है।

इधर, राजस्थान, पंजाब के बाद अब झारखंड सरकार भी स्वास्थ्य केंद्रों का निजीकरण करने जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की चिकित्सा सुविधाएं निजी हाथों में सौंपी जाएंगी।

 

पहले 3 साल के लिए निजी हाथों को सौंपे जाएंगे 10 पीएचसी

स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव में कहा गया है कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुने गए राज्य के 10 पीएचसी को तीन साल के लिए निजी हाथों में सौंपे जाएंगे। यदि इसका परिणाम सकारात्मक आया तो अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन और मेंटेनेंस के लिए निजीकरण किया जाएगा। निजी कंपनियों, एनजीओ और ट्रस्ट से टेंडर मांगा गया है। प्री-बिड मीटिंग 19 जुलाई को होगी। दो से तीन महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, इसके बाद 10 पीएचसी के मेंटेनेंस और संचालन की जिम्मेवारी चुनी गई कंपनी, एनजीओ या फिर ट्रस्ट को सौंप दी जाएगी। अभी राज्य में 330 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनकी स्थिति ठीक नहीं है। लोगों की राहत के लिए सरकार कदम उठा रही है।

 

अभी ये 10 पीएचसी निजीकरण के लिए 
बासकुली पीएचसी (दुमका)
हरिपुर पीएचसी (दुमका)
हरली पीएचसी (हजारीबाग)
लदना पीएचसी (जामताड़ा)
जोवंग पीएचसी (लोहरदगा)
गोरादिखास पीएचसी (पलामू)
गेतलसूद पीएचसी (रांची)
गुरगी पीएचसी (रांची)
हरियंजा पीएचसी (सरायकेला)
सलगापोस पीएचसी (सिमडेगा)

 

निजीकरण के बाद ये होगा

  • पीएचसी में जो स्टाफ कार्यरत हैं, वे अगर दूसरे स्थान पर जाना चाहेंगे तो उनकी प्रतिनियुक्ति वहां की जाएगी। अन्य स्टाफ निजी क्षेत्र का होगा।
  • संचालनकर्ता को डॉक्टरों, पैरामेडिकल व स्टाफ की व्यवस्था खुद करनी होगी।
  • साथ ही फ्री ओपीडी, 6 बैड की आईपीडी, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा देनी होगी।
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, प्रेग्नेंसी पंजीकरण, 4 बार एएनसी, सामान्य प्रसव के लिए लेबर रूम, रेफरल, टीकाकरण आदि सुविधाओं की व्यवस्था करनी होगी।
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