Friday, September 17, 2021
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हाथी ने बस पर किया हमला, 45 मिनट तक अंदर फंसी रही महिलाएं, फिर ऐसे बचाई जान

उत्तराखंड के रामनगर में चिमटाखाल से चार किलोमीटर की दूरी पर शनिवार सुबह जब हाथी ने बस पर हमला किया, तब पुरुष तो निकल गए, लेकिन पांच महिला सवारियां केमू बस से बाहर नहीं निकल सकीं।

हाथी करीब 45 मिनट तक मौके पर रहा और बस को पलटने की कोशिश भी की। बाद में अन्य यात्रियों ने आग जलाकर हाथी को जंगल की ओर भगाया। तब जाकर महिलाएं सुरक्षित बाहर निकल सकीं।

बस चालक पूरन सिंह और परिचालक प्रकाश सिंह रावत ने बताया कि हाथी ने 6.20 मिनट पर बस पर हमला कर दिया। बस में 18 सवारियां मौजूद थी, इनमें पांच महिलाएं भी थीं। हाथी के हमला करते ही शिक्षक को छोड़कर अन्य पुरुष सवारियां तो किसी तरह भाग निकलीं, लेकिन पांच महिलाएं बस में फंसी रही गई। इससे महिलाएं बस के अंदर सहमे रहकर हाथी के जाने का इंतजार करती रहीं।

इस दौरान एक बार हाथी ने बस को पलटने का प्रयास भी किया। यात्रियों ने पुलिस और आपातकालीन 108 को सूचना दी। काफी देर तक मदद नहीं मिली तो अन्य सवारियों ने हाथी को भगाने के लिए आसपास से लकड़ियां एकत्र की और आग जलाई। आग लगी लकड़ियों को कुछ यात्री हाथी की तरफ लेकर पहुंचे, तो हाथी जंगल की ओर चला गया।

अंदर फंसे शिक्षक की मौत

तब जाकर महिला सवारियों की जान में जान आई। बाद में बस के अंदर अचेत पड़े शिक्षक को प्राइवेट गाड़ी से रामनगर की ओर लेकर आए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हाथी के हमले में शिक्षक गिरीश चंद्र पांडे की मौत पर क्षेत्र के शिक्षकों ने शोक जताया। घटना के बाद रामनगर अस्पताल पहुंचे कॉर्बेट नेशनल पार्क निदेशक राहुल और उपनिदेशक चंद्रशेखर जोशी का शिक्षकों और मृतक के परिजनों ने घेराव कर दिया।

इस दौरान अफसरों और शिक्षकों में नोकझोंक भी हुई। शिक्षकों ने मांग उठाई कि भविष्य में मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस दौरान पार्क वार्डन शिवराज चंद्र, एसडीएम हरगिरी, सीओ पंकज गैरोला, कोतवाल रवि कुमार सैनी आदि रहे।

वनकर्मियों की गश्त बढ़ाई जाएगी
कॉर्बेट पार्क निदेशक राहुल ने बताया कि हमलावर हाथी को तलाशने के लिए इलाकों में गश्त कराई जा रही है। इसके अलावा उसकी हर गतिविधि को कैद करने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि हमलावर हाथी को ट्रैक्यूलाइज कर दूसरे स्थान पर छोड़ा जाए। पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

दो दिन अवकाश के बाद विद्यालय जा रहा थे शिक्षक

दो दिन के अवकाश के बाद शिक्षक पांडे शनिवार को सल्ट स्थित जीआईसी जाने के लिए निकले थे, लेकिन किसी को क्या पता था कि अब वह लौटकर नहीं आएंगे। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मचा गया और परिचित-रिश्तेदारों का घर पर सांत्वना देने के लिए तांता लगा रहा।

शिक्षक के छोटे भाई पूरन पांडे ने बताया कि दो दिन अवकाश के बाद वह शनिवार को जीआईसी सल्ट जा रहे थे। घटना के बाद से पत्नी बीना पांडे का रो-रोकर बुरा हाल है। शिक्षक पांडे का बड़ा बेटा रामानुज पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा ललित कक्षा 11वीं का छात्र है।

एलिवेटिड पुल बने तो होगा समाधान
लगातार होते हादसों से सबक लेने की जरूरत है और सरकार को चाहिए कि हाईवे पर एलिवेटिड पुल का निर्माण किया जाए, ताकि पुल के नीचे से वन्यजीव आसानी से इधर-उधर जा सकें। गढ़ कुमाऊं समाजसेवक के भगत सिंह रावत और समाजसेवी हरीश चंद्र सती पुल निर्माण को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रामनगर से लेकर मोहान तक एलिवेटिड पुल बनाने की मांग कर चुके हैं। एलिवेटिड पुल बनने से बरसात में उफान पर आने वाले नाले भी वाहनों का रास्ता नहीं रोक सकेंगे।

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