Monday, September 20, 2021
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किसान आंदोलन का समर्थन : करनाल में ट्रैक्टर पर बारात लेकर गया इंजीनियर दूल्हा, गानों के साथ लगते रहे ‘जय जवान जय किसान’ के नारे

चार ट्रैक्टरों पर सुमित की बरात निकली और बरात में ट्रैक्टरों पर भारतीय किसान यूनियन के झंडे लगे नजर आए।
  • पत्नी के साथ किसान आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जाएंगे सुमित
  • शगुन के तौर पर मिलने वाली नकद राशि किसान आंदोलन में दान करेंगे

किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए एक इंजीनियर दूल्हा शादी के लिए ट्रैक्टर से बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा। बारात में गानों के साथ-साथ जय जवान जय किसान के नारे लगे। इतना ही नहीं, दूल्हे ने प्रण लिया कि शादी के बाद वे पत्नी के साथ किसान आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जाएंगे। रक्तदान भी करेंगे। विवाह समारोह में शगुन के तौर पर मिलने वाली नकद राशि किसान आंदोलन में दान करेंगे। हरियाणा के करनाल जिले में यह अजीबोगरीब शादी हुई।

आंदोलन को समर्थन देने के लिए ट्रैक्टर से ले गया बारात

मिली जानकारी के अनुसार, कैथल के गांव पाई निवासी सतबीर ढुल पिछले कई साल से करनाल के सेक्टर 6 में रह रहे हैं। उनका बेटा सुमित इंजीनियर है और जयपुर में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। गुरुवार को उसकी शादी लिपिका अहलावत के साथ थी। सुमित ने पिता के सामने प्रस्ताव रखा कि वह किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए ट्रैक्टर पर अपनी बरात लेकर जाएगा। पिता सतबीर और मां सुशीला ने उसकी इच्छा का मान रखा और लिपिका के परिवार वालों से बात की।

लिपिका के परिजनों ने भी इस फैसले में साथ दिया। गुरुवार रात करीब आठ बजे सेक्टर 6 स्थित आवास से चार ट्रैक्टरों पर सुमित की बारात निकली, जो नूरमहल बैंक्वेट हॉल पहुंची। सुमित ने ट्रैक्टर का स्टेयरिंग थामा था। बारात में ट्रैक्टरों पर भारतीय किसान यूनियन का झंडा भी लगा था।

माता-पिता खेतीबाड़ी से जुड़े हैं

सुमित ने बताया कि पानीपत के बबैल गांव निवासी लिपिका की फैमिली का बैकग्राउंड भारतीय सेना से जुड़ा है। उसके दादा तारीफ सिंह सेना में मेजर रहे। पिता भी आर्मी में थे, जबकि उसका भाई सेना में मेजर है। परिवार खेतीबाड़ी भी करता रहा है। मेरे परिवार में माता-पिता व अन्य रिश्तेदार खेतीबाड़ी से जुड़े हैं।

कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन भी चल रहा है तो दोनों ये सोचा कि क्यों न अपने किसान भाइयों को समर्थन दिया जाए। यही कारण है कि दोनों ने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के नारे जय जवान जय किसान के नारे का सम्मान रखते हुए अपनी शादी इसी थीम पर करने का फैसला किया।

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