अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अमेरिका आने वाले विदेशियों के लिए कुछ नए नियमों को अस्‍थायी तौर पर पेश किया है। ये अमेरिका के वीजा बॉण्‍ड प्रोजेक्‍ट के तहत आए उन आवेदनों पर लागू है जिनमें यात्रियों ने व्‍यापार और पयर्टक के तौर पर अमेरिका के वीजा को एप्‍लाई किया है। इसके मुताबिक यहां पर आने वाले इन यात्रियों को इसके लिए एक लाख से अधिक रुपयों (15 हजार डॉलर) का भुगतान करना होगा। हालांकि बी1/बी2 वीजा पाने वाले भारतीय पर्यटकों पर ये लागू नहीं होगा। भारतीयों को इस पायलट प्रोग्राम से अलग रखा गया है।

आंकड़ों की मानें तो 30 सितंबर 2019 को खत्‍म हुए वित्‍तीय वर्ष के दौरान 12 लाख से अधिक भारतीयों ने इन्‍हीं वीजा के जरिए अमेरिका की यात्रा की थी। इसका अर्थ ये भी है कि इनकी वीजा अवधि अब खत्‍म हो रही है। 13 हजार से अधिक लोग अमेरिका में ही रुक गए। यहां पर ये भी बताना जरूरी है कि भारत में ओवरस्‍टे की दर अमेरिका के मुकाबले बेहद कम हैं। भारत में ये दर जहां लगभग दो फीसद है वहीं अमेरिका में ये दर दस फीसद तक है।

 आपको बता दें कि इसके बारे में नए नियम 24 नवंबर को प्र‍काशित किए गए हैं। हालांकि इसकी शुरुआत दिसंबर के अंत तक होगी। बढ़ी हुई दरों का भार अफगानिस्‍तान, ईरान, सीरिया, यमन और कई अफ्रीकी देशों पर पड़ेगा। नई प्रकिया का मकसद यही है कि जो भी अमेरिका आता है वो तय समय तक वहां से चला जाए। ये पायलट प्रोजेक्‍ट 24 जून 2021 तक चलेगा। इस दौरान आने वाली वीजा एप्‍लीकेशन पर 5-15 हजार तक का बॉण्‍ड भरना होगा। इसका निर्धारण काउंसलर ऑफिसर करेगा।