Sunday, September 26, 2021
Homeझारखण्डझारखंड : मेले में बच्चों के शवों की नुमाइश, पुलिस ने तीन...

झारखंड : मेले में बच्चों के शवों की नुमाइश, पुलिस ने तीन को पकड़ा तो बोले-रबर की डॉल, थाने में कहा-असली शव

रांची. जगन्नाथपुर मेले में नवजात के शवों का तमाशा दिखाने का मामला सामने आया है। दर्शकों की शिकायत पर पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

पुलिस जांच कर रही है कि बरामद नवजातों व जानवरों के शव असली हैं या नकली। पकड़े गए तीनों लोगों का कहना है कि नवजात के शव नकली हैं। ये रबर के डॉल हैं। इन्हें पेंट कर ऐसा बनाया गया है, ताकि देखने में असली लगें। बता दें कि मेले में यह खेल कई दिनों से चल रहा था। दर्शकों से 10-10 रुपए के टिकट लिए जा रहे थे।

शवों को जांच के लिए रिम्स भेजा

मृत बच्चाें की नुमाइश कराने वाले तीन लाेगाें काे पुलिस ने हिरासत में ताे ले लिया है, लेकिन 24 घंटे बाद भी यह पता नहीं कर पाई है कि मृत बच्चे असली हैं या रबर के पुतले। न ही अब तक काेई एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस इस घटना काे छुपाने के लिए लगातार नए-नए बहाने ढूंढ़ रही है। अब पुलिस लैब में जांच करवाकर पता करेगी कि मेले में नुमाइश किए गए बच्चे असली हैं या नहीं। इसके लिए बच्चाें के शवाें काे जांच के लिए शुक्रवार काे रिम्स भेजा जाएगा।

लोगों की शिकायत पर पहुंची पुलिस
बुधवार काे मेला देखने गए कुछ लाेगाें ने रांची पुलिस से शिकायत की थी कि कुछ लाेग बच्चाें के शव का प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने काेलकाता के साेरे बाजार निवासी वकील माइटी, पिंटू माइटी और प्रभात सिंह काे हिरासत में लिया था। चार बच्चाें और कई जानवराें के शव भी बरामद किए थे। पता चला है कि जब थाने में पूछताछ की गई ताे तीनाें ने कबूला कि ये असली बच्चाें के शव हैं। वे काेलकाता में गरीबाें के मृत बच्चाें काे खरीद लेते हैं और मेले में उसकी नुमाइश करते हैं।

जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के काेषाध्यक्ष ने भी डीसी काे लिखा पत्र
जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के काेषाध्यक्ष लाल प्रवीर नाथ शाहदेव ने डीसी काे लिखे पत्र में आग्रह किया है कि मेला परिसर में बच्चाें के शवाें काे रखकर तमाशा दिखाने वालाें पर कड़ी कार्रवाई की जाए। डीसी की अध्यक्षता में जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति का गठन किया गया है। लेकिन, संवैधानिक न्यास के क्रियाशील न रहने से ही ऐसी अमानवीय गतिविधियां चल रही हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

2017 में देवघर में भी ऐसी घटना हुई थी। तब 12 से ज्यादा अर्द्धविकसित बच्चाें के शव केमिकल साॅल्यूशन में शीशे के जार में बंद मिले थे। इस पर काफी हंगामा हुआ था। पिछले साल सितंबर में काेलकाता में भी ऐसे बच्चाें के शव मिले थे। पुलिस ने इसे मेडिकल वेस्ट बताकर पल्ला झाड़ लिया था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments