राकेश टिकैत ने बताया, ‘हम उम्‍मीद करते हैं कि रास्‍ता निकलेगा।  हमारी मांगे वही हैं इन्‍हें मानने के अलावा कोई रास्‍ता नहीं है।’ टिकैत ने बताया कि आज शाम गृहमंत्री से मिलने किसानों के 13-14 नेता जाएंगे। पिछले 13 दिनों से कृषि कानून की वापसी की मांग को लेकर दिल्‍ली की सीमाओं पर पंजाब और अन्य राज्यों के किसान डटे हुए हैं। केंद्र से लगातार तीन कृषि कानून वापस लेने की मांग की जा रही है।

किसान संगठनों की ओर से आज सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भारत बंद की अपील की गई थी। केंद्र से कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे पंजाब व हरियाणा के किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया था।आज भारत बंद के दौरान सड़क पर वाहन कम दिखे।  इस क्रम में कल यानि बुधवार को केंद्र के साथ किसानों की वार्ता भी होगी। इससे पहले केंद्र के साथ किसानों के बीच हुई पांच वार्ता असफल रही।

उल्‍लेखनीय है कि आज हरियाणा के मुख्‍यमंत्री से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मुलाकात की। भारत बंद के बीच आज कृषि मंत्री ने कहा कि नए कृषि सुधार कानूनों से किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। विघटनकारी और अराजकतावादी ताकतों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से बचें। MSP और मंडियां भी जारी रहेगी और किसान अपनी फसल अपनी मर्जी से कहीं भी बेच सकेंगे।