Saturday, September 18, 2021
Homeउत्तर-प्रदेशदिल्ली के अंदर तिरंगा नहीं फहराएंगे किसान, 2 राज्यों की पुलिस को...

दिल्ली के अंदर तिरंगा नहीं फहराएंगे किसान, 2 राज्यों की पुलिस को राहत

भारतीय किसान यूनियन( भाकियू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एलान किया है कि कोई भी किसान संगठन 15 अगस्त को दिल्ली में तिरंगा नहीं फहराएगा। सभी किसान संगठन दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहे धरनास्थलों पर ही झंडारोहण करेंगे। इससे दिल्ली-यूपी पुलिस ने राहत की सांस ली है, क्योंकि कई दिन पहले तक किसान संगठन दिल्ली के अंदर जाकर तिरंगा फहराने पर अड़े हुए थे।नीरज चोपड़ा के गांव पहुंचे थे राकेश टिकैत

हरियाणा के सोनीपत में ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा के गांव में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि उनका अब दिल्ली के अंदर जाकर तिरंगा फहराने का कोई कार्यक्रम नहीं है। किसान संगठन जहां धरने पर बैठे हैं, वहीं तिरंगा फहराएंगे और उसी इलाके में तिरंगा रैली निकालेंगे।

राकेश टिकैत इससे पहले दिल्ली के अंदर झंडा फहराने की बातें कह रहे थे।
राकेश टिकैत इससे पहले दिल्ली के अंदर झंडा फहराने की बातें कह रहे थे।

पहले टिकैत ने दिल्ली में मांगी थी पांच गज जमीन

इससे पहले राकेश टिकैत ने दिल्ली में तिरंगा फहराने के लिए सरकार से पांच गज जमीन मांगी थी। यह तक कहा था कि यदि सरकार हमें दिल्ली के अंदर आने की अनुमति नहीं देगी तो फ्लाइट से आएंगे, लेकिन तिरंगा जरूर फहराएंगे। झंडारोहण के लिए टिकैत ने पहले अक्षरधाम मंदिर चौराहा और फिर वाल्मीकि मंदिर चौराहा उपयुक्त बताया था। अब टिकैत के दिल्ली के अंदर झंडारोहण से मना करने से खासतौर पर पुलिस को बड़ी राहत मिली है। क्योंकि किसानों के दिल्ली के अंदर घुसने से कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।

टिकैत कल उत्तराखंड के गांव में फहराएंगे तिरंगा

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि 15 अगस्त को हम गाजीपुर बॉर्डर पर तिरंगा फहराएंगे। गाजीपुर बॉर्डर पर ही तिरंगा रैली निकालेंगे। सभी जिलों, तहसीलों और गांवों में किसान इसी तरह तिरंगा रैली निकालेंगे। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली से दूर उत्तराखंड में मौजूद रहेंगे। वह उत्तराखंड के एक गांव में आजादी का जश्न मनाएंगे।

गाजीपुर बॉर्डर की तरफ आने वाले कई रास्ते पहले से बंद चल रहे हैं।
गाजीपुर बॉर्डर की तरफ आने वाले कई रास्ते पहले से बंद चल रहे हैं।

दिल्ली के बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ाई

दिल्ली और यूपी पुलिस को इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था प्रभावित होने के डर से किसान नेताओं ने यह फैसला लिया है। दरअसल, 26 जनवरी को दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा हो गई थी। कई वाहन फूंक दिए गए। इसमें 58 मुकदमे दर्ज हुए और करीब डेढ़ सौ किसान जेल गए थे। जिसके बाद से दिल्ली क बार्डरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments