द ताइवान टाइम्स के अनुसार, चीन द्वारा टीएआर के पर्यटन क्षेत्र को फिर से खोलने के लिए तेजी दिखाने के पीछे कई कारण हैं। इनमें से एक प्रमुख कारण इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के चलते सुरक्षा चिंताएं हैं। चीनी सरकार ने अक्सर टीएआर में अपनी दमनकारी नीतियों का बचाव करने के लिए ‘क्षेत्र के आर्थिक विकास’ के बहाने का इस्तेमाल किया है। प्राथमिक नीति दिशा के रूप में ‘विकास और स्थिरताट के साथ, सरकार ने इस क्षेत्र में आर्थिक विकास के लिए भारी निवेश करना शुरू किया। इसके परिणामस्वरूप तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, चीन में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर राष्ट्रीय विकास दर को पार कर गया।

ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट के अनुसार चीन में टीएआर सबसे कम विकसित क्षेत्र

एक ओर यह क्षेत्र सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है, लेकिन ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट के अनुसार चीन में टीएआर सबसे कम विकसित क्षेत्र है। चूंकि राज्य नीति का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है, इसलिए निर्माण क्षेत्र और सार्वजनिक प्रबंधन और सामाजिक संगठनों को सबसे बड़ी जीडीपी हिस्सेदारी के साथ देखना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। क्षेत्र की कुल जीडीपी शेयर का लगभग 50 प्रतिशत। इन दोनों क्षेत्रों में भारी निवेश के कारण एग्रो-पासटोरल डॉमिनेटेड इकोनॉमी से सर्विस-लेड इकोनॉमी तक में क्षेत्र का संरचनात्मक परिवर्तन हुआ है।