Tuesday, September 21, 2021
Homeराजस्थानघूंघट नहीं निकालने पर पत्नी से किया झगड़ा, पिता ने 3 साल...

घूंघट नहीं निकालने पर पत्नी से किया झगड़ा, पिता ने 3 साल की बेटी को फेंका, मौत

आज जब बेटियां ओलंपिक में पदक जीत देश का मान बढ़ा रहीं हैं, तब गादोज गांव में दकियानूसी सोच वाला एक युवक पहले तो पत्नी के घूंघट नहीं निकालने की बात पर झगड़ा। तीन साल की मासूम बेटी को पीटने लगा। मां उसे बचाने लगी तो मासूम को उछालकर कमरे आंगन में फेंक उसकी हत्या कर डाली।प्रियांशी का जन्म 2018 में हुआ था

  • ओलंपिक में बेटियों ने देश का नाम किया, फिर भी नहीं बदल रही पिछड़ी सोच

हद ये हुई कि आरोपी और उसके परिजनों ने तड़के गुपचुप बच्ची का अंतिम संस्कार भी कर डाला। मंगलवार रात की घटना से बदहवास मां बिलखती रही। किसी ने उसकी एक ना सुनी। बुधवार को पीहर वालों के आने पर वह बहरोड़ थाने पहुंची और मामला दर्ज कराया। बहरोड़ थाना अधिकारी प्रेमप्रकाश ने बताया कि गादोज गांव निवासी मोनिका यादव की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया है। मोनिका ने रिपोर्ट में बताया कि उसका पति प्रदीप यादव घर के भीतर हमेशा घूंघट निकालने की कहता है। वह घूंघट भी करती है।

मगर कभी जरा घूंघट कम हो तो झगड़ा और मारपीट करने लगता है। मंगलवार रात को भी घूंघट निकालने को लेकर झगड़ा शुरू कर दिया। उसकी 3 वर्षीय पुत्री प्रियांशी को थप्पड़ मार दिया। मोनिका ने विरोध किया तो उसकी गोद से बच्ची को खींचकर कमरे के अंदर ले गया। वहां पीटने के बाद उसे उछालकर कमरे के आंगन में फेंक दिया। करीब 6 फीट तक हवा में रही बच्ची ने फर्श पर गिरते ही दम तोड़ दिया। इसके बाद पति और ससुराल के लोग बुधवार तड़के उसका अंतिम संस्कार कर आए। पुलिस ने पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया।

बेटी के जन्म पर मिली थी कार, उसी की जान ली

पीड़िता मोनिका ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी प्रदीप के साथ हुई थी। वह एक फैक्ट्री में काम करता है और 12वीं तक पढ़ा लिखा है। शादी में परिजनों ने सामान व बाइक दी थी। लेकिन प्रदीप दहेज की मांग को लेकर अक्सर झगड़ा करता था। उसकी दो बेटियां थीं। इनमें बड़ी कशिश 6 वर्ष की है। जबकि छोटी बेटी प्रियांशी का जन्म 2018 में हुआ था। तब पीहर वालों ने घर में कलह खत्म करने के लिए छूछक में क्विड कार खरीदकर प्रदीप को दे दी थी। इसके बावजूद वह नहीं सुधरा तो रेवाड़ी में दो बार मामले दर्ज कराए। हालांकि बाद में इनमें समझौता हो गया था।

हत्यारा पिता फरार, पत्नी ने मामला दर्ज कराया

थानाधिकारी प्रेमप्रकाश ने बताया कि हत्या के मामले में बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार के बारे में अनुसंधान किया जा रहा है। इसमें शामिल हुए लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया है। उसकी भी तलाश की जा रही है। जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लेंगे।

एक्सपर्ट व्यू : सरकार और समाज को साझा प्रयास करने होंगे

घूंघट के कारण पारिवारिक विवाद के बाद बच्ची की हत्या निंदनीय है। इस तरह की घटनाओं काे राेकने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए। पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने भी घूंघट हटाने के एक अभियान की शुरुआत की थी, महिला अधिकारिता विभाग काे इसके कार्यक्रम करने है। कुछ किए भी गए है, परंतु मेरा मानना है कि यह एक सामाजिक कुरीति है जिसे सभी मिलकर समाप्त कर सकते है।

बहरोड़ की इस घटना ने इक्कीसवीं सदी के समाज की आंखें खोल कर रख दी है। आज जब समाज पढ़ा लिखा है , लड़कियां पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी तक में है, सेना में जाने तक के रास्ते खुले है तब भी यदि घूंघट परिवार का विवाद है तो यह बहुत ही गंभीर है। इसके लिए समाज को व युवाओं को आगे आना होगा। मुझे लगता है कि कोई व्यक्ति अपनी संतान के साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकता है फिर भी जिसने किया है वह नार्मल स्थिति में आने के बाद अपने आपको भी माफ नहीं करेगा।

इसके साथ ही कानूनी तरीके से उसे जो सजा मिलेगी ही। इस तरह के प्रयास करेंगे कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो। इसके लिए हम सामाजिक तौर पर जाग्रति का काम करेंगे। यह घटना निंदनीय है, झकझोर देने वाली है, इस पर समाज को आगे आकर सोचना होगा। बाल आयोग के संज्ञान में अभी यह मामला नहीं आया है। इसकी जानकारी करने के बाद आयोग फैसला करेगा की क्या करना है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments