छत्तीसगढ़ के भिलाई में विदेशी कोयले से लदी मालगाड़ी में लगी आग

0
10

विदेशी कोयले से लदी गुड्स ट्रेन (माल गाड़ी) की एक बोगी में आग लगने से हड़कंप मच गया। रेलवे प्रशासन ने आनन-फानन में इसकी जानकारी भिलाई नगर निगम के दमकल विभाग को दी। जैसे ही ट्रेन भिलाई नगर स्टेशन पहुंची, पहले से मुस्तैद दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया।

 

विदेश से आने वाले कोल को विशाखापट्‌टनम के बंदरगाह तक पहुंचने के बाद गुड्स ट्रेन में लोड किया जाता है। इसके बाद यह कोयला डिमांड के मुताबिक अलग-अलग राज्यों को भेजा जाता है। जिस गुड्स ट्रेन की बोगी में आग लगी वह विशाखापट्‌टनम से पंजाब जा रही थी। ट्रेन की हर बोगी को अच्छे तरीके से कवर किया गया था। गुरुवार शाम 6-7 बजे रायपुर से भिलाई तीन के बीच रास्ते रास्ते में गार्ड ने देखा कि बीच की एक बोगी से धुंआ उठ रहा है। इसके बाद इसकी जानकारी रेलवे प्रशासन और आरपीएफ को दी गई।

आरपीएफ ने भिलाई नगर निगम के दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल की टीम शाम 7.30 बजे भिलाई नगर स्टेशन पहुंच गई थी। करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद ट्रेन रात 8 बजे करीब भिलाई नगर स्टेशन पहुंची। वहां ट्रेन को रोका गया। आरपीएफ और दमकल विभाग की मदद से रेक की आग को बुझाने का प्रयास किया गया। करीब 30-40 की मशक्कत के बाद बोगी के कोयले को पानी से तर किया गया। जब बोगी से धुंआ आना बंद हुआ तो उसके बाद ट्रेन 8.45 बजे वहां से पंजाब के लिए रवाना हुई।

पहले भी हो चुकी इस तरह की घटना

यह पहली बार नहीं है जब कोयला लेकर जा रही गुड्स ट्रेन की बोगी में आग लगी हो। इससे पहले भी इस तरह की दुर्घटना बीएमवाय चरोदा के पास घट चुकी है। साल 2016 में चरोदा में एक कोयले से लोड ट्रेन की एक बोगी में बड़ी आग लगी थी। कई दमकल ने मिलकर कई घंटों के बाद उस आग पर काबू पाया था।

कैमिकल या कोयले के घर्षण से लगती है आग

आरपीएफ स्टाफ के मुताबिक ट्रेन की अलग-अलग रेक कोयले को भरा जाता है। जब ट्रेन चलती है तो कोयला एक जगह पर ठोस रूप लेने लगता है। इस दौरान कई बार कोयले के बड़े टुकड़े आपसे में घर्षण करते हैं और उससे चिंगारी निकलती है। इसी चिंगारी से कोयले में आग लगती है। इसके अलावा कई बार केमिकल रिएक्शन की वजह से भी कोयला में आग लग जाती है। स्टेशन से ट्रेन के गुजरते समय बोगी से धुंआ निकलने पर रेलवे के अधिकारी इसका मैसेज आगे स्टेशन में दे देते हैं। इसके बाद वहां दमकल की टीम को बुला लिया जाता है। जिसके बाद आग पर नियंत्रण पाया जाता है और उसके बाद गुड्स को आगे रवाना करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here