गुजरात से ओमिक्रॉन पॉजिटिव मरीज का पहला इंटरव्यू

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गुजरात में एक बार फिर से कोरोना ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। इसके साथ ही ओमिक्रॉन के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। 25 दिसंबर को लंदन से राजकोट आई एक 21 साल महिला की ओमिक्रॉन रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उसका इलाज सिविल अस्पताल के ओमिक्रॉन वार्ड में चल रहा है।

केंद्र और राज्य सरकारों की गाइडलाइंस और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए महिला का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया है। बातचीत में महिला ने बताया, ‘ओमिक्रॉन से घबराने की जरूरत नहीं है, इससे सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं होती, वहीं, स्वाद और खुशबू भी आती है।’

सवाल : क्या आपने लंदन में कोरोना टेस्ट करवाया था?
जवाब : मैं लंदन में रहती हूं। जैसे ही मालूम हुआ कि मां की तबियत खराब है तो मैंने राजकोट के लिए टिकट बुक करवाया। फ्लाइट फिक्स होते ही मैंने टेस्ट करवाया, लेकिन तब मेरी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

सवाल : आपको ओमिक्रॉन संक्रमण कहां से हुआ?
जवाब : मैं लंदन से अबू धाबी होते हुए अहमदाबाद एयरपोर्ट आई थी। मैंने अबू धाबी में 17 घंटे बिताए, इसलिए मुझे शक है कि मैं इसी दौरान संक्रमित हुई।

सवाल : राजकोट कैसे पहुंची?
जवाब : जब मैं अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंची तो मेरी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, इसलिए निजी एंबुलेंस से मुझे राजकोट लाकर यहां के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सवाल : ओमिक्रॉन संक्रमित होने के बाद आपकी हालत कैसी थी?
जवाब : मेरे शरीर में इसके लक्षण थे, लेकिन बीमारी कहीं से भी नजर नहीं आ रही थी।

सवाल : क्या आपको ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत है?
जवाब : मुझे अब तक ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत महसूस नहीं हुई।

सवाल : अभी आपको कौन सी दवा दी जा रही है?
जवाब : मैं जरूरत के अनुसार विटामिन सी, मल्टी विटामिन और पेरासिटामोल टैबलेट्स दी जा रही हैं

सवाल : अब आपकी तबीयत कैसी है?
जवाब : मेरा डी-डाइमर थोड़ा बढ़ गया था, लेकिन अब नॉर्मल है। अब मेरी तबियत अच्छी है। मेरा खानपान भी कम नहीं हुआ है।

सवाल : आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगी?
जवाब : सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपना ख्याल रखें। ओमिक्रॉन से डरने की जरूरत नहीं है। मुझे पहले कभी कोरोना नहीं हुआ है, लेकिन मैंने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं इसलिए मैं जल्दी से ठीक हो रही हूं।

माता-पिता दोनों के अंतिम दर्शन नहीं कर सकीं

बता दें, 19 दिसंबर को मां के निधन के बाद महिला उनके अंतिम दर्शन के लिए अहमदाबाद पहुंची थीं। लेकिन ओमिक्रॉन रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सीधे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया था। इससे पहले अप्रैल में पिता का भी कोरोना से निधन हो गया था और वे लंदन से घर नहीं आ सकी थीं।

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