Sunday, September 26, 2021
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छत्तीसगढ़ : उफनते नदी-नालों में पांच बहे गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ा

रायपुर . बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश अब जान-माल पर असर डाल रही है। दंतेवाड़ा और बीजापुर में उफनते नदी-नालों में बहकर चार लोग लापता हो गए हैं, जबकि जगदलपुर में मकान ढहने से किशोर की जान चली गई। कवर्धा में भी शौच के लिए गई एक बच्ची नाले में आई बाढ़ में बह गई। वहीं रायपुर में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। लगातार बारिश के बाद इंद्रावती और शबरी नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। वहीं गोदावरी का जलस्तर बढ़ने से तेलंगाना सीमा पर बसे कई इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के हालात को देखते हुए शनिवार को जगदलपुर के आसपास प्रशासन ने राहत शिविरों में व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। जगदलपुर के संजय गांधी वार्ड में शुक्रवार की देर रात 1 बजे मकान ढहने से 12 साल के किशोर की मौत हो गई।

वहीं दंतेवाड़ा जिले के नकुलनार में गंजेनार पुल के ऊपर बह रहे पानी के वेग में आकर दो युवक बह गए, घटना उस वक्त हुई जब मोलसनार निवासी रमेश, भीमा और बुधरू बाइक से पालनार बाजार से लौट रहे थे। पुलिया के 3 से 4 फीट ऊपर पानी बह रहा था। अंधेरे में पानी का अंदाजा मिला नहीं और तीनों बह गए। किसी तरह खुद को बचाकर बुधरू पेड़ पर चढ़ गया और पूरी रात उसने इसी पेड़ पर बिताया। वहीं बीजापुर जिले के भोपालपटनम के मट्‌टीमरका निवासी किसान मंडे रमैया के शुक्रवार की शाम खेत से लाैटते वक्त नाले के पास बहने की सूचना है। ओड़ागुड़ा निवासी युवक मड़ई कृष्णा तिमेड़ घाट के पास नदी में बह गया। कवर्धा िजले के झलमला थाना क्षेत्र के ग्राम शीतलपानी में शनिवार को शौच के लिए गई सोनिया (10) नाले में आई बाढ़ में बह गई। करीब 1 किमी दूर पुलिया में उसकी लाश मिली। इंद्रावती नदी के साथ ही कोंटा-तेलंगाना सीमा पर बहने वाली गोदावरी और शबरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ के हालातों को देखते हुए प्रशासन ने राहत शिविरों मे तमाम व्यवस्थाएं कर ली हैं, जहां प्रभावितों को लाने की प्रक्रिया भी सूचना मिलने के साथ ही शुरू करने की बात कही जा रही है।

आज भी बारिश संभव : मौसम विज्ञानियों के उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी व पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र, ओडिशा में एक चक्रवात बना हुआ है। ओडिशा से दक्षिण गुजरात तक एक द्रोणिका दक्षिण महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ तक बनी हुई है। इन सिस्टम के प्रभाव से बस्तर सहित प्रदेशभर में बारिश हो रही है। अगले 24 घंटे के दौरान यह सिस्टम बना रहेगा, जिससे प्रदेश में कहीं-कहीं पर भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है। ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। राजधानी में आसमान में बादल छाए रहेंगे।

बीजापुर में 48 घंटे में 464 मिमी बारिश  : रायपुर दक्षिण बस्तर के बीजापुर में पिछले 48 घंटे के दौरान रिकार्ड 464 मिमी बारिश हो गई। दो दिनों से यहां लगातार 200 मिमी से ज्यादा बारिश हो रही है। बस्तर के अन्य कई जगहों पर भारी से अतिभारी बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों ने अगले एक-दो दिन और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं। बीजापुर में गुरुवार से बारिश हो रही है। पहले दिन यहां सिर्फ दस मिमी बारिश हुई। शुक्रवार को 210 मिमी बारिश हो गई। शुक्रवार की सुबह से शनिवार सुबह तक 254 मिमी बारिश हो गई। इस तरह पिछले दो दिन में रिकार्ड बारिश हो गई। यहां हर घंटे औसत लगभग 10 मिमी बारिश हुई है। लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार पिछले एक दशक के दौरान बीजापुर में लगातार दो दिनों तक इतनी ज्यादा बारिश का संभवत: यह पहला मामला है। पहाड़ी इलाका होने की वजह से इतनी ज्यादा बारिश के बावजूद यहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित नहीं हुआ।

यहां भी जमकर बारिश : बीजापुर के अलावा भैरमगढ़ में 210 मिमी बारिश हुई। कटे कल्याण में 180, गीदम में 160, दुर्गकोंदल में 130, भोपालपट्नम में 120, भाट पारा में 110, मानपुर में 110, ओरछा में 100, कुआकोंडा, कवर्धा, पलारी, छिंदगढ़ में 90, दंतेवाड़ा व सुकमा में 80 मिमी बारिश हुई। अन्य कई जगहों पर 70 से 10 मिमी तक बारिश हुई।

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