Friday, September 24, 2021
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गोरखपुर में बाढ़ ने मचाया तांडव, 50 से अधिक गांव पानी में डूबे

देर ही सही लेकिन अब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में भी बाढ़ का पानी अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। राप्‍ती, रोहिन और घाघरा ने लगातार अपना रौद्र रूप अपनाती जा रही हैं। यह तीनों नदियां इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 24 घंटे के अंदर ही बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्‍या भी दोगुनी हो गई है। 24 घंटे पहले जहां बाढ़ से 12 गांव प्रभावित रहे हैं, तो वहीं 24 घंटे के बाद ही 21 से अधिक गांव बाढ़ से घिर गए हैं। ऐसे में गांव में जाने के रास्‍ते पर पानी आ जाने की वजह से नाव चलने लगी है। उधर, शहर के निचले इलाकों में राप्‍ती ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है।लोगों के घरों को बाढ़ के पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है। इससे बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उफान पर हैं राप्ती, घाघरा और रोहिन

गोरखपुर में 24 घंटे पहले ही घाघरा-रोहिन के बाद राप्‍ती ने भी खतरे के निशान को पार कर लिया है। तीनों नदियां अपने उफान पर हैं और इनका जलस्‍पर भी तेजी के साथ बढ़ रहा है। ऐसे में बाढ़ का खतरा भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी आकड़ों के मुताबिक अब तक जिले के 21 गांव का संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है। जबकि ग्रामीणों के मुताबिक अब तक करीब 50 गांव बाढ़ से पूरी तरह से घिर गए हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों के खेत और घर भी पानी में डूब गए हैं। एहतियात और आवागमन को बनाए रखने के लिए 16 छोटी-बड़ी नाव को लगाया गया है। गांव के साथ शहर के निचले मोहल्‍लों में भी बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

नदियों से बढ़ते जलस्तर से खौफ

गोरखपुर में राप्‍ती नदी बर्डघाट पर खतरे के निशान खतरा बिंदु 74.98 आएल मीटर से 0.27 आरएल मीटर ऊपर 75.410 आरएल मीटर पर बह रही है। जबकि रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट पर खतरा बिंदु 82.44 आरएल मीटर से 1.26 आरएल मीटर ऊपर 83.70 आरएल मीटर पर बह रही है। वहीं, कुआनो मुखलिसपुर में खतरा बिंदु 78.65 मीटर से 1.37 आरल मीटर नीचे 77.280 आरएल मीटर पर बह रही है। घाघरा अयोध्या पुल पर खतरा बिंदु 92.73 आरएल मीटर से 0.16 आरएल मीटर ऊपर 92.890 पर बह रही है। घाघरा तुर्तीपार में खतरा बिंदु 64.01 आरएल मीटर से 0.32 आरएल मीटर ऊपर 64.330 आरएल मीटर पर बह रही है। गोर्रा नदी पिण्डारा में खतरा बिंदु 70.50 आरएल मीटर से 0.02 मीटर नीचे 70.300 आरएल मीटर पर बह रही है। गोर्रा भी खतरे का निशान पार करने को आतुर दिख रही है।

सरकारी आकड़ों में यह 21 गांव प्रभावित

इस बीच कुल 21 से अधिक गांव अब तक बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें कैम्पियरगंज के 6 गांव बरगदही, मछलीगांव, भौराबारी, चंदीपुर, बुढ़ेली, अलगटपुर रोहिन नदी से प्रभावित हैं। सहजनवां तहसील के 6 गांव चकचोहरा, विडार, बनौड़ा, भुवाशहीद, गहीरा, सुथनी आमी और राप्‍ती नदी से प्रभावित हैं। सदर का एक गांव शिवरिया रोहिन नदी और झरवा, भौवापार, नाहरपुर अतरौलिया, भौरामल राप्‍ती नदी से प्रभावित हैं। गोला के बिहुआ, बल्‍थर और बांसगांव के कतरारी, करनजही राप्‍ती और घाघरा से प्रभावित हैं। बाढ़ के प्रभाव से खेत और आवागमन प्रभावित हुआ है। इसके लिए 16 छोटी-बड़ी नाव को राहत के लिए लगाई गई है।

इन गांवों में भी घुसा बाढ़ का पानी

जबकि ग्रामीणों के मुताबिक राप्ती का जलस्तर बढ़ने से डोमिनगढ़, राजघाट, चकला, बहरामपुर, कठउर, ​खिरवनियां, अजवनियां, मंझरियां, लहसड़ी, नदूआ, लालपुर टीकर, मिर्जापुर, बखरियां, नउआ अव्वल, गौर बरसाइत, झंगहा, केरियां, फरसहीं, पिपरी, नौसड़, महेवा, माधोपुर आदि इलाकों की करीब 3 लाख से अधिक की आबादी इससे प्रभावित हुई है। वहीं, रोहिन नदी बढ़ने से बुढेली, सरहरी, बनरहा, सियारामपुर, रामपुर गोपालपुर, बालापार, पीपीगंज, चिलुआताल, रामपुर नयागांव, मखनहां सहित 20 से अधिक गांवों की भी 3 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है।

शहर के नीचले इलाकों मेें भी चलने लगी नाव

इसके अलावा शहर के पश्चिम के बहरामपुर, बाले मियां स्थान के पास घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में और पूर्वांचल के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की वजह से बीते तीन-चार दिनों से गोरखपुर के आसपास की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राप्ती और रोहिणी नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी आ जाने की वजह से यहां के स्थानीय लोगों को खासा दिक्कतें हो रही हैं। बहरामपुर बाले मियां के स्थान के लोग किराए पर मकान लेकर रहने को मजबूर हो गए हैं। यहां के लोगों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने की वजह से ग्रामीण भयभीत है। यहां के लोगों के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है।

पानी में डूबे घर तो बंधों पर ली शरण

  गोरखपुर के बढ़गों के रहने वाले साहब यादव बताते हैं कि नदी की स्थिति काफी भयावह है। पानी काफी तेजी से बढ़ रहा है। तीन दिन में नदी इतनी काफी अधिक बढ़ गई है। ये राप्‍ती और रोहि‍न दोनों का पानी है। बहाव काफी तेज है। लोग मजबूरी में घरों के छत पर अपना सामान रख रहे हैं। जबकि कुछ लोगों ने बंधे पर शरण ली हुई हैं। गांव पानी में डूबा हुआ है। मिर्जापुर की रहने वाली दुलारी देवी बताती हैं कि घर में पानी घुस गया है। कोई अधिकारी पूछने नहीं आया। वे लोग पानी में घुसकर आते-जाते हैं। मंझरिया की रहने वाली सुमित्रा देवी ने बंधे पर शरण ली है। उनके घर में बाढ़ का पानी आ गया है। आसपास का सारा घर डूब गया है।

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