विदेशी निवेशक वैश्विक मानकों को देखकर निवेश करते हैं : SEBI

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देश में विदेशी निवेशक बड़ी संख्या में आ रहे हैं। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने कहा कि जहां विदेशी निवेशक वैश्विक मानकों को देखते हुए निवेश करते हैं, वहीं भारत को अपने पर्यावरण-सामाजिक-शासन (ईएसजी) मानकों को स्थापित करना होगा। जलवायु परिवर्तन के जोखिमों को कम करने के लिए देश की प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, सेबी की शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियां पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) ढांचे के साथ-साथ सेबी द्वारा अनिवार्य व्यावसायिक उत्तरदायित्व और स्थिरता रिपोर्टिंग (बीआरएसआर) के साथ संरेखित करने के लिए कमर कस रही हैं।

इस संबंध में, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद, जिसे कॉरपोरेट्स को ईएसजी प्रथाओं का पालन करने में मदद करने का काम सौंपा गया है, ने मुंबई में पर्यावरण-सामाजिक-शासन (ईएसजी) पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस मौके पर बोलते हुए सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने कहा, “उद्योग और देश के लिए जिसे विदेशी पूंजी की जरूरत है, हमें वैश्विक मानकों का पालन करने की जरूरत है।

यदि हम ESG मानदंडों का पालन करते हैं, तो यह उद्योग को विभिन्न तरीकों से लाभान्वित करेगा जैसे कि विदेशी निधियों और बाजार से पर्याप्त पूंजी प्राप्त करना। माधवी पुरी बुच ने कहा कि जहां विदेशी निवेशक वैश्विक मानकों को देखकर निवेश करते हैं, वहीं भारत को अपने ईएसजी मानक तय करने होंगे। उद्योगों को ईएसजी और पीपीपी के हिसाब से आंकड़े जुटाने होंगे। ईएसजी एक नई उभरती हुई जगह है, हमें उद्योग में ईएसजी को बढ़ावा देने के लिए ईएसजी रेटिंग प्रदाताओं की आवश्यकता है। हमें क्रेडिट रेटिंग तंत्र के समान ESG रेटिंग के लिए एक अच्छी तरह से संरचित तंत्र बनाने की आवश्यकता है।

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