Friday, September 24, 2021
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फजीहत : पूर्व सीआईए चीफ ने कहा- इमरान का दावा गलत; पाकिस्तान ने कभी लादेन का सुराग नहीं दिया

वॉशिंगटन. अमेरिकी खुफिया एजेंसी के पूर्व निदेशक जनरल पेट्रियास ने कहा है कि पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन के ठिकाने के बारे में कोई सुराग नहीं दिया था। पेट्रियास का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि मंगलवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया था कि आईएसआई ने ही सीआईए को अलकायदा के पूर्व सरगना के बारे में जानकारी दी थी।

आईएसआई को पता ही नहीं था
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास के एक कार्यक्रम में जनरल पेट्रियास ने कहा, “मैं पूरे भरोसे से कह सकता हूं कि आईएसआई समेत पाकिस्तान की किसी खुफिया एजेंसी के पास लादेन के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हम इस बात से भी सहमत नहीं हैं कि पाकिस्तान में किसी ने लादेन को पनाहगाह मुहैया कराई थी।” 2011 में जब लादेन मारा गया, उस वक्त जनरल पेट्रियास ने ही इस ऑपरेशन की कमान संभाली थी। उन्होंने कहा, “इस ऑपरेशन के  वक्त पाकिस्तानी फौज उत्तरी वजीरिस्तान में आतंकी ठिकानों के आसपास भी नहीं पहुंच पा रही थीं।”

इमरान ने क्या कहा था?
पाकिस्तान के पीएम ने सोमवार रात अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज को एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि आईएसआई ने अमेरिकी अफसरों को ओसामा बिन लादेन के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद ही अल कायदा के इस सरगना को अमेरिकी कमांडो ने एबोटाबाद में उसके ठिकाने पर मार गिराया था। पिछले आठ सालों से पाकिस्तान सरकार, सेना और खुफिया एजेंसी आधिकारिक तौर पर यही कहती आई हैं कि उन्हें लादेन के पाकिस्तान में होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

डॉक्टर की रिहाई पर था सवाल
इंटरव्यू में इमरान से डॉक्टर शकील अफरीदी की रिहाई के बारे में पूछा गया। डॉक्टर अफरीदी के बारे में कहा जाता है कि उसने सीआईए को लादेन के ठिकाने के बारे में पुख्ता सूचना दी थी। अफरीदी को बाद में देश के खिलाफ जासूसी के आरोप में सजा सुनाई गई। वो अब भी पाकिस्तान की जेल में बंद है। अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान सरकार डॉक्टर अफरीदी को रिहा करे।

अफरीदी तो जासूस है
इमरान ने कहा था, “यह भावनाओं से जुड़ा मामला है। शकील अफरीदी को पाकिस्तान में जासूस माना जाता है। हम अमेरिका के सहयोगी थे। हमने ही उन्हें लादेन के बारे में जानकारी दी थी। हम चाहते तो हम भी उसे पकड़ सकते थे। आईएसआई ने जानकारी लीक नहीं कि बल्कि इसे सीआईए के साथ शेयर किया। इसकी वजह से लादेन मारा गया। अगर आप सीआईए से पूछेंगे तो बताएगी कि फोन कनेक्शन के आधार पर ही पहली बार लादेन की लोकेशन मिली थी और उसे अमेरिका से शेयर किया गया था।”

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